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Japan Earthquake News : 6.1 तीव्रता के भूकंप से कांपी धरती, 3 शहरों में मचा हड़कंप, घर-दफ्तरों से निकलकर भागे लोग

जापान की राजधानी टोक्यो और उसके आस-पास के इलाकों में अचानक दहशत फैल गई. जब लोग अपने दफ्तरों से घर लौटने की तैयारी कर रहे थे या अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे, तभी अचानक धरती जोर-जोर से डोलने लगी. रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 6.1 मापी गई, जो कि काफी तेज झटके मानी जाती है. जैसे ही भूकंप के झटके महसूस हुए, लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित जगहों की तलाश में घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए.

टोक्यो, चिबा और कानागावा: तीन बड़े शहरों में हड़कंप

जापान मेट्रोलॉजिकल एजेंसी की तरफ से जारी जानकारी के मुताबिक, ये भूकंप शुक्रवार शाम को ठीक 7:39 बजे आया. इसका केंद्र देश के सबसे घनी आबादी वाले और व्यस्त कांतो क्षेत्र के पास समुद्र के भीतर स्थित था. इस भूकंप की सबसे बड़ी बात ये थी कि ये सिर्फ टोक्यो तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तेज झटके टोक्यो, चिबा और कानागावा जैसे तीनों बड़े शहरों में बहुत साफ तरीके से महसूस किए गए.

भूकंप इतना तेज था कि ऊंची-ऊंची इमारतों और स्काईस्क्रेपर्स में रहने वाले लोगों को लगा कि अब इमारत गिर जाएगी। लोग डर के मारे अपनी कुर्सियों और बिस्तरों से उठकर बाहर की तरफ भागे. मेट्रो स्टेशनों, मॉल और सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई. हालांकि, जापान के लोग प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की ट्रेनिंग और तौर-तरीकों से अच्छी तरह वाकिफ होते हैं, इसलिए उन्होंने घबराने के बजाय तुरंत सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया और खुली जगहों या पार्कों की तरफ रुख किया.

समुद्र के भीतर आया था कंपन, कांतो क्षेत्र में महसूस हुए तेज झटके

जानकारी के अनुसार, ये भूकंप जमीन के अंदर नहीं बल्कि समुद्र के तटीय इलाकों के पास आया था. जापान की मौसम और भूकंप विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, इस भूकंप की गहराई कम थी, जिसकी वजह से इसके झटके काफी दूर तक और बहुत तेजी से महसूस किए गए.

जापान का कांतो क्षेत्र देश का एक बेहद महत्वपूर्ण और व्यस्त इलाका है, जिसमें टोक्यो जैसी विशाल राजधानी भी शामिल है. शाम के ठीक 7:39 बजे जब ये आफत आई, तो पूरा इलाका हिल उठा. मेट्रो स्टेशनों, सड़कों और मॉल में मौजूद लोगों ने जब धरती को कांपते देखा, तो एक पल के लिए हर कोई सहम गया. जापान दुनिया के उन देशों में शुमार है जहां सबसे ज्यादा भूकंप आते हैं, इसलिए यहां के लोग आपदा से निपटने के तरीकों से अच्छी तरह वाकिफ होते हैं. झटके महसूस होते ही लोग तुरंत अपने तय सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत खुली जगहों और पार्कों की तरफ भागने लगे.

सुनामी का कोई खतरा नहीं, प्रशासन पूरी तरह अलर्ट

जब भी समुद्र के भीतर या उसके पास इतना तेज भूकंप आता है, तो सबसे बड़ा डर समंदर की उठने वाली उन भयानक लहरों यानी सुनामी का होता है जो तटवर्ती इलाकों को पलभर में तबाह कर सकती हैं. यही वजह थी कि भूकंप आते ही जापान के आपदा प्रबंधन विभाग की सांसें अटक गई थीं.

लेकिन कुछ ही देर बाद जापान मेट्रोलॉजिकल एजेंसी ने बड़ी राहत देते हुए ये साफ कर दिया कि इस भूकंप की वजह से सुनामी आने का कोई खतरा नहीं है. किसी भी तरह की समुद्री चेतावनी जारी नहीं की गई है. इसके बावजूद, स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाएं किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं. पुलिस और राहत दलों की टीमें तुरंत सड़कों पर उतर आईं और हालात का जायजा लेना शुरू कर दिया ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं किसी तरह का बड़ा नुकसान तो नहीं हुआ है.

जापान में बार-बार क्यों हिलती है धरती?

जापान में इस तरह के तेज झटके बार-बार क्यों आते हैं, तो इसके पीछे एक बहुत बड़ा भौगोलिक कारण है. जापान ‘रिंग ऑफ फायर’ नाम की उस पट्टी पर बसा है, जहां दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते हैं.

ये पूरा इलाका कई टेक्टोनिक प्लेटों के मिलने की जगह पर स्थित है. ये प्लेटें लगातार आपस में टकराती रहती हैं या एक-दूसरे के नीचे खिसकती रहती हैं. जब इन प्लेटों के बीच बहुत ज्यादा दबाव बन जाता है, तो ये अचानक टूटती या सरकती हैं, जिससे भारी मात्रा में ऊर्जा निकलती है और धरती जोरदार तरीके से कांप उठती है. यही वजह है कि जापान के लोगों को अक्सर ऐसे झटकों का सामना करना पड़ता है.

क्या हुआ नुकसान? शुरुआती रिपोर्टों में क्या आया सामने?

भूकंप के तुरंत बाद टोक्यो और उसके आस-पास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल जरूर बन गया था, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक किसी भी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है. हालांकि, एहतियात के तौर पर कुछ इलाकों में ट्रेनों की स्पीड को धीमा कर दिया गया था और पावर ग्रिड्स व जरूरी बुनियादी ढांचे की जांच की जा रही है ताकि ये देखा जा सके कि कहीं कोई तकनीकी खराबी तो नहीं आई है.

जापानी प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है. अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वो किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांत रहें. हालांकि इस जोरदार भूकंप ने एक बार फिर ये याद दिला दिया है कि प्रकृति के आगे इंसान कितना लाचार है, लेकिन जापान की मजबूत इंजीनियरिंग और आपदा प्रबंधन तकनीक ने एक बार फिर ये साबित कर दिया है कि वो किसी भी बड़े खतरे का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

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