Jawai Dam Pali Ground Report

Last Updated:September 16, 2026, 07:29 IST
Jawai Dam Pali Ground Report: पाली के विश्व प्रसिद्ध जवाई बांध की कच्ची पाल बदहाली का शिकार है. लेपर्ड सफारी और प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर जवाई में अक्टूबर से पीक टूरिस्ट सीजन शुरू हो रहा है. लेकिन बांध की कच्ची पाल पर उगी बबूल की कटीली झाड़ियों के कारण रास्ते बेहद संकरे और खतरनाक हो गए हैं. इससे खुली जीपों में जाने वाले पर्यटकों, विशेषकर बच्चों को जानलेवा हादसे का डर बना हुआ है. प्रशासन की इस अनदेखी से पर्यटकों की गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त हो रही हैं और राजस्थान टूरिज्म की वैश्विक छवि पर बुरा असर पड़ रहा है.
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पाली. राजस्थान का जवाई क्षेत्र पूरी दुनिया में अपनी वाइल्डलाइफ, लेपर्ड सफारी और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है. हर साल हजारों की संख्या में देश और विदेश से आने वाले सैलानी इस खूबसूरत जवाई बांध का दीदार करने यहां पहुंचते हैं. लेकिन इस विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के दावों के पीछे का एक काला सच भी है, जिसे आज हम ग्राउंड जीरो से दिखाने जा रहे हैं. जवाई बांध की कच्ची पाल, जो पर्यटकों के लिए सबसे मुख्य आकर्षण का केंद्र मानी जाती है, वह आज घोर उपेक्षा और बदहाली का शिकार है. रास्ते के दोनों ओर फैली बबूल की कटीली झाड़ियां न सिर्फ सैलानियों का रास्ता रोक रही हैं, बल्कि इन कांटों से पर्यटकों के कपड़े फट रहे हैं और उनकी गाड़ियों पर गहरी खरोंचें आ रही हैं.
राजस्थान के पाली जिले का यह जवाई क्षेत्र आज दुनिया भर में अपनी एक बेहद खास और अनूठी पहचान बना चुका है. इसे लोग प्यार से ‘मिनी अफ्रीका’ भी कहते हैं. जवाई में पैंथर्स और इंसानों के बीच दिखने वाला अनोखा सह-अस्तित्व देखने के लिए केवल आम पर्यटक ही नहीं, बल्कि बॉलीवुड के मशहूर सितारे, देश के जाने-माने उद्योगपति, दिग्गज नेता और विदेशी वीआईपी सैलानी भी लगातार पहुंचते हैं. जवाई बांध की कच्ची पाल पर खड़े होकर ढलते सूरज को देखना और अरावली की पहाड़ियों का मनोरम दृश्य निहारना हर पर्यटक की बकेट लिस्ट में सबसे ऊपर होता है.
अक्टूबर से शुरू हो रहा है पीक टूरिस्ट सीजनअक्टूबर का महीना शुरू होते ही जवाई क्षेत्र में पर्यटन का मुख्य और सबसे व्यस्त सीजन शुरू होने जा रहा है. आने वाले दिनों में हर रोज हजारों की संख्या में देसी और विदेशी पर्यटक यहां घूमने पहुंचेंगे. इसके लिए स्थानीय रिसॉर्ट्स, होटलों और सफारी जीपों की एडवांस बुकिंग अभी से फुल होने लगी है. लेकिन सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह है कि जब पूरी दुनिया से मेहमान यहां पहुंचेंगे, तो क्या उन्हें जवाई बांध की इस कच्ची पाल पर झाड़ियों और बदहाल रास्ते का ‘वेलकम गिफ्ट’ दिया जाएगा.
कच्ची पाल पर मंडरा रहा है जानलेवा हादसों का डरबांध की यह कच्ची पाल पहले से ही काफी संकरी बनी हुई है. उस पर रास्ते के दोनों किनारों पर उगी बबूल की घनी और कटीली झाड़ियों ने इस मार्ग को बेहद खतरनाक बना दिया है. संकरे मोड़ पर सामने से आने वाली गाड़ियां बिल्कुल भी दिखाई नहीं देती हैं. कई बार इन नुकीले कांटों से बचने के चक्कर में गाड़ियां बांध के ढलान या पानी की ओर फिसल सकती हैं. सबसे ज्यादा जानलेवा खतरा खुली सफारी जीपों में बैठे सैलानियों और छोटे बच्चों को रहता है, क्योंकि ये कटीली टहनियां सीधे उनके चेहरे और आंखों पर लग सकती हैं.
प्रशासन की अनदेखी से राजस्थान टूरिज्म हो रहा बदनामयह बहुत ही हैरानी की बात है कि जल संसाधन विभाग और पाली जिला प्रशासन इस पूरी स्थिति से वाकिफ होते हुए भी पूरी तरह से अनजान बना बैठा है. झाड़ियों की मामूली कटाई और रास्ते की मरम्मत न करवाकर विभाग शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है. अगर पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले इस रास्ते की सफाई और मरम्मत नहीं कराई गई, तो दूर-दराज से आने वाले पर्यटक यहां से कड़वा अनुभव लेकर लौटेंगे. इससे ‘पधारो म्हारे देस’ की वैश्विक छवि को गहरा धक्का पहुंचेगा.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Pali,Pali,Rajasthan
First Published :
September 16, 2026, 07:29 IST



