Success story: हार से सीखा, 120 किलो उठाया और जीत लिया सिल्वर… पढ़ें जयपुर के पवन की कहानी

Last Updated:September 16, 2026, 08:10 IST
Pawan Kumawat Wins Silver in World Strength Lifting Championship: जयपुर के लालचंदपुरा निवासी पवन कुमावत ने किर्गिस्तान में आयोजित वर्ल्ड स्ट्रेंथ लिफ्टिंग चैंपियनशिप के 85 किलो भारवर्ग में सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है. पवन ने इंक्लाइन बेंच प्रेस स्पर्धा में 120 किलो वजन उठाकर यह सफलता हासिल की. पिछले 10 सालों से भारतीय टीम का हिस्सा पवन ने अपनी सफलता का श्रेय कोच पुष्पेन्द्र सिंह और माता-पिता को दिया. 14 सितंबर को जयपुर लौटने पर उनका भव्य स्वागत हुआ. पवन ने युवाओं को नशे से दूर रहकर खेलों से जुड़ने का संदेश दिया.
किर्गिस्तान में 8 से 12 सितंबर तक आयोजित वर्ल्ड स्ट्रेंथ लिफ्टिंग चैंपियनशिप में जयपुर के लालचंदपुरा निवासी पवन कुमावत ने शानदार प्रदर्शन किया. पवन ने 85 किलो पुरुष भारवर्ग में हिस्सा लेते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया. उनकी इस उपलब्धि से देश और राजस्थान का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ. प्रतियोगिता में पवन के प्रदर्शन से उनके परिवार, गांव और खेल जगत में खुशी का माहौल है. उनकी इस उपलब्धि को लालचंदपुरा सहित पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात माना जा रहा है.
राजस्थान स्ट्रेंथ लिफ्टिंग एसोसिएशन के सचिव चंद्रेश सोनी ने बताया कि पवन कुमावत ने चैंपियनशिप की इंक्लाइन बेंच प्रेस स्पर्धा में अपनी ताकत और तकनीक का शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने 120 किलो वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया. पवन ने कड़ी मेहनत और लगातार अभ्यास के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है. उनकी सफलता पर साथी खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई दी. वहीं परिवार में भी उनकी उपलब्धि को लेकर उत्साह का माहौल है.
पवन कुमावत इससे पहले भी भारतीय टीम की ओर से कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं. उन्होंने बताया कि वे पिछले करीब 10 साल से भारतीय टीम का हिस्सा हैं और अलग-अलग वेट कैटेगरी में देश के लिए दर्जनों पदक हासिल कर चुके हैं. पवन अपनी सफलता का श्रेय कोच पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ के मार्गदर्शन के साथ अपने माता-पिता जगदीश प्रसाद और नान्छी देवी के सहयोग को देते हैं. उनका कहना है कि परिवार और कोच के भरोसे ने उन्हें लगातार बेहतर प्रदर्शन करने और देश के लिए पदक जीतने की प्रेरणा दी है.
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पवन ने अपनी पिछली प्रतियोगिता की निराशा को भी इस सफलता से जोड़कर देखा है. उन्होंने बताया कि पिछली बार थाईलैंड में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्हें निराशा हाथ लगी थी. हालांकि, उन्होंने उस अनुभव से सीख लेते हुए इस बार अपनी तैयारी पर और मेहनत की और बेहतर प्रदर्शन किया. पवन के मुताबिक उन्होंने पिछली निराशा को इस बार सिल्वर मेडल में बदल दिया है. अब उनका लक्ष्य आगामी चैंपियनशिप में रजत पदक को स्वर्ण पदक में बदलना है. इसके लिए वे आगे भी कड़ी मेहनत और लगातार अभ्यास जारी रखने की तैयारी में हैं.
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतने के बाद पवन कुमावत 14 सितंबर को जयपुर लौटे. उनके जयपुर पहुंचने पर लालचंदपुरा गांव सहित आसपास के क्षेत्र में उनका जोरदार स्वागत किया गया. इस दौरान गांव के गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे. पवन की उपलब्धि को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला. लोगों ने कहा कि पवन ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन कर अपने गांव और जयपुर का गौरव बढ़ाया है.
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतने के बाद पवन कुमावत 14 सितंबर को जयपुर लौटे. जयपुर पहुंचने पर लालचंदपुरा गांव सहित आसपास के क्षेत्र में उनका जोरदार स्वागत किया गया. इस दौरान गांव के गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे. पवन की उपलब्धि को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला. लोगों ने कहा कि पवन ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन कर अपने गांव और जयपुर का गौरव बढ़ाया है.
First Published :
September 16, 2026, 08:10 IST



