Khatu Shyam Ji: खाटूश्यामजी की भक्ति को गांव-गांव पहुंचाया, कौन थे भक्त शिरोमणि आलू सिंह महाराज?

Last Updated:October 02, 2026, 10:57 IST
Khatu Shyam Ji:सीकर के खाटूश्यामजी धाम में भक्त शिरोमणि आलू सिंह महाराज का विशेष स्थान माना जाता है. बताया जाता है कि उन्होंने बाबा श्याम की भक्ति और भजन-कीर्तन की परंपरा को गांव-गांव तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. श्याम बगीची से जुड़ी उनकी भक्ति परंपरा आज भी जारी है, 37वीं पुण्यतिथि पर यहां दो दिवसीय आयोजन और विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है.
सीकर. जिले में स्थित खाटूश्यामजी धाम आज देश-दुनिया में आस्था का बड़ा केंद्र बन चुका है. रोजाना हजारों-लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचकर बाबा श्याम के दर्शन करते हैं. देश के अलग-अलग हिस्सों में श्याम भजन, कीर्तन और जागरण होते हैं. बड़े-बड़े गायक कलाकार बाबा श्याम के भजन गाते हैं और उनके जयकारे घर-घर तक सुनाई देते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बाबा श्याम की महिमा को गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाने की शुरुआत किसने की थी? इस कहानी में नाम आता है भक्त शिरोमणि आलू सिंह महाराज का.
खाटूश्यामजी की धार्मिक परंपराओं में आलू सिंह महाराज का विशेष स्थान माना जाता है, बताया जाता है कि उन्होंने बाबा श्याम की भक्ति और भजन-कीर्तन को लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. उस दौर में जब खाटूधाम आज की तरह देशभर में प्रसिद्ध नहीं था, तब आलू सिंह महाराज बाबा श्याम की महिमा का गुणगान करते हुए लोगों को श्याम भक्ति से जोड़ते थे. इसी वजह से उन्हें बाबा श्याम का अनन्य और प्रिय भक्त माना जाता है. आज भी खाटूश्यामजी मंदिर की आरती और भक्ति परंपरा में उनका नाम श्रद्धा से लिया जाता है. उनकी भक्ति से जुड़ी कई परंपराएं आज भी खाटूधाम में देखने को मिलती हैं.
श्याम बगीची से शुरू हुई भक्ति की परंपरा
आलू सिंह महाराज का जुड़ाव श्याम बगीची से भी रहा है. मोहनदास महाराज के अनुसार, आलू सिंह महाराज ने इसी स्थान से बाबा श्याम की भक्ति और भजन-कीर्तन की परंपरा को आगे बढ़ाया. उनके स्वर्गवास के बाद श्याम बगीची में ही उनका मंदिर बनाया गया. आज भी यहां रोजाना आलू सिंह महाराज की पूजा-अर्चना होती है. बाबा श्याम के दर्शन के लिए खाटू पहुंचने वाले श्रद्धालु श्याम बगीची में भी जाते हैं और आलू सिंह महाराज के मंदिर में बैठकर श्याम नाम का जाप करते हैं. आलू सिंह महाराज के बाद मोहनदास महाराज बाबा श्याम की पूजा-अर्चना और सेवा की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं. वहीं उनके जितेंद्र सिंह चौहान और श्याम सिंह चौहान भी बाबा श्याम के मुख्य मंदिर में पूजा-अर्चना से जुड़े हैं.
37वीं पुण्यतिथि पर दो दिवसीय आयोजन
भक्त शिरोमणि आलू सिंह महाराज की पुण्यतिथि पर श्याम बगीची में विशेष आयोजन होते हैं. 2 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा. श्री श्याम बगीची को भगवान के रंग-बिरंगे छायाचित्रों और मनमोहक फूलों से सजाया गया है. फूलों से सजा आलू सिंह महाराज का दरबार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बना हुआ है. इस आयोजन में पूरे देश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे, कार्यक्रम महाराज मोहनदास सिंह चौहान के सानिध्य में होगा.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Sikar,Rajasthan
First Published :
October 02, 2026, 10:57 IST



