Pitru Paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में पितरों के भोग के लिए खूब खरीदी जा रही जलेबी और इमरती, शक्कर के पेड़े और घर की खीर-मालपुए भी खास

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जलेबी-इमरती से…. श्राद्ध पक्ष में जालोर के बाजारों में बढ़ी मिठाइयों की मांग
Last Updated:October 02, 2026, 11:14 IST
Pitru Paksha Bhog Sweets: श्राद्ध पक्ष में जालोर में पितरों को भोग लगाने के लिए पारंपरिक मिठाइयों की भारी मांग है. लोग सूरज मिष्ठान भंडार की जलेबी और गुप्ता स्वीट्स की इमरती खूब खरीद रहे हैं. जालोर की विशेष मिठाई, अग्रवाल मिष्ठान भंडार के शक्कर के पेड़े भी भोग का अहम हिस्सा बन रहे हैं. इसके अलावा, शुद्धता बनाए रखने के लिए घरों में देसी घी के मालपुए और दूध-चावल की खीर भी पूरे श्रद्धाभाव से तैयार की जा रही है. मान्यता है कि मीठा भोग लगाने से पितर प्रसन्न होते हैं.
श्राद्ध पक्ष के दौरान जालोर में जलेबी की मांग बढ़ जाती है. पितरों के लिए तैयार किए जाने वाले भोजन में मीठा शामिल करने की परंपरा के चलते कई लोग जलेबी भी लेकर जाते हैं. जालोर में सूरज मिष्ठान भंडार की जलेबी लोगों के बीच काफी पसंद की जाती है. श्राद्ध के भोजन के साथ परोसी जाने वाली यह मिठाई पारंपरिक मिठास को बनाए रखने में अपनी खास भूमिका निभाती है.
जलेबी के साथ इमरती भी श्राद्ध पक्ष के दौरान लोगों की पसंद बनी रहती है. जालोर में गुप्ता स्वीट्स की इमरती अपने स्वाद के लिए काफी पसंद की जाती है. उड़द की दाल से तैयार होने वाली इमरती को कई लोग पारंपरिक भोजन का हिस्सा मानते हैं और श्राद्ध के अवसर पर पितरों को भोग लगाए जाने वाले भोजन में भी इसे शामिल किया जाता है.
जालोर के शक्कर के पेड़े यहां के लोगों के बीच अपनी अलग पहचान रखते हैं. अग्रवाल मिष्ठान भंडार के शक्कर के पेड़े खास तौर पर पसंद किए जाते हैं. श्राद्ध पक्ष में जब पितरों के लिए घर पर भोजन तैयार कर भोग लगाया जाता है, तब इस पारंपरिक मिठाई की मांग भी बढ़ जाती है. जालोर के स्थानीय स्वाद से जुड़ी मिठाई होने के कारण कई लोग श्राद्ध के लिए शक्कर के पेड़े लेना पसंद करते हैं.
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मालपुए के लिए मिठाई की दुकान पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है. श्राद्ध पक्ष के दौरान कई घरों में इसे पारंपरिक तरीके से घर पर ही तैयार किया जाता है. घी में बनाए जाने वाले मालपुए को पितरों के लिए तैयार किए जाने वाले भोजन में शामिल किया जाता है. घर में बने मालपुए की खुशबू और स्वाद श्राद्ध की पारंपरिक रसोई से गहराई से जुड़े हुए हैं.
श्राद्ध पक्ष में खीर को भी खास मिठाई के रूप में शामिल किया जाता है, लेकिन इसके लिए लोगों को बाजार या मिठाई की दुकानों का रुख नहीं करना पड़ता. दूध और चावल से तैयार होने वाली खीर कई घरों में पारंपरिक तरीके से बनाई जाती है और श्राद्ध के भोजन में शामिल कर पितरों को भोग लगाया जाता है. घर में तैयार की जाने वाली इस मिठाई का स्वाद और खुशबू श्राद्ध की पारंपरिक रसोई से जुड़े हुए हैं.
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October 02, 2026, 11:14 IST



