बीकानेर की अनोखी किताब: अंदर निकला मिनी बार

बीकानेर. दुनिया में कई अनोखी चीजें देखने को मिलती हैं, लेकिन बीकानेर की एक खास “किताब” इन दिनों लोगों को हैरान कर रही है. दूर से देखने पर यह एक बड़ी, भारी-भरकम किताब लगती है, लेकिन जैसे ही इसे खोलते हैं, अंदर पूरी मधुशाला नजर आती है. यानी यह किताब नहीं बल्कि एक मिनी बार है. देखने वालों को पहली नज़र में भरोसा ही नहीं होता कि किसी किताब के अंदर शराब की बोतलें और गिलास रखने की जगह बनाई गई है.
इस अनोखी किताब को बनाने वाले महेश बताते हैं कि यह कलाकृति लगभग 5 से 10 साल पुरानी है. यह कोई बाजार से खरीदी गई चीज नहीं, बल्कि एक खास प्रोजेक्ट के तहत बनाई गई है. वे साफ कहते हैं कि “यह बिकने के लिए नहीं है।”
इसका साइज़ लगभग दो फीट है और वजन ढाई से तीन किलो के बीच है. इसे सॉफ्ट बोर्ड से तैयार किया गया है, जिसके ऊपर लेदर कवर, वहीं ऊपर से चांदी की डिज़ाइनिंग की गई है. खास बात यह भी है कि इसका बाहरी हिस्सा इसे एक पुराने महंगे ग्रंथ जैसा लुक देता है.
अंदर बना पूरा मिनी बार, गिलास और बोतलों के लिए 8 स्लॉटमहेश बताते हैं कि उनकी बच्ची ने इसे एक प्रोजेक्ट के तहत बनाया था. इसे किताब की आकृति दी गई और अंदर एकदम व्यवस्थित रूप से आठ स्लॉट बनाए गए, जिनमें अलग-अलग साइज़ की शराब की बोतलें और गिलास आसानी से रखे जा सकते हैं.
कई लोग पहली बार इस किताब को देखकर कन्फ्यूज हो जाते हैं कि यह किताब है या कोई रहस्यमयी बॉक्स. लेकिन जैसे ही इसे खोला जाता है, अंदर की पूरी मधुशाला देखने वालों को चौंका देती है.
पर्शियन कला और रेंगजेन की फिनिशिंगइस किताब पर की गई कलाकारी भी इसे अलग बनाती है. इसके ऊपर पर्शियन आर्ट की गई है, जिसमें बिना आँख और कान वाली आकृतियाँ उकेरी गई हैं. साथ ही अंदर रेंगजेन फिनिशिंग दी गई है, जो इसे और प्रीमियम लुक देती है. इस पूरी कलाकृति को तैयार करने में करीब डेढ़ महीने का समय लगा था.
शौकीनों की पहली पसंद, लोग खरीदने की करते हैं मांगमहेश बताते हैं कि कई लोग इस निजी मिनी बार को देखकर इसे खरीदना चाहते हैं, लेकिन वे इसे बेचने के लिए तैयार नहीं हैं. उनके अनुसार, यह सिर्फ एक कला का नमूना नहीं बल्कि एक भावनात्मक प्रोजेक्ट है, इसलिए इसे उन्होंने अपने पास ही रखा हुआ है.



