F-35, Su-57 जैसे फाइटर जेट भी भागते फिरते हैं; जब शिकारी की तरह पीछे पड़ जाता है शैतानी चमगादड़

दुनिया में कॉम्बैट एविएशन का खेल अब बदलने वाला है और यह बदलाव किसी मानव-चालित लड़ाकू जेट से नहीं, बल्कि एक घातक, AI-ऑपरेटेड, गुप्त शिकारी ड्रोन से आने वाला है. बोइंग ने कन्फर्म कर दिया है कि उसका MQ-28 Ghost Bat अगले महीने पहली बार असली AIM-120 AMRAAM मिसाइल दागेगा और एक लाइव एयरबोर्न टारगेट को मार गिराने की कोशिश करेगा. यह सिर्फ एक टेस्ट नहीं… यह मानव–रहित लड़ाकू युग की शुरुआत है, जो आने वाले वर्षों में एयर वॉरफेयर की परिभाषा को कुचल कर रख देगा.
MQ-28 पहले ही रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (RAAF) में टेस्ट किया जा रहा है और कंपनी इसे अब खुले तौर पर वैश्विक मंच पर एक ‘कॉम्बैट-रेडी, मॉड्यूलर, मल्टी-डोमेन फाइटर’ के रूप में पेश कर रही है. बोइंग के डिफेंस प्रमुख स्टीव पार्कर ने दुबई एयरशो से पहले साफ कहा, “हम लाइव फायर के लिए तैयार हैं, और हम इसे अगले महीने करेंगे.”
इस घोषणा के तुरंत बाद सैन्य विश्लेषक एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि क्या दुनिया पहली बार ऐसा ड्रोन देखने जा रही है जो खुद टारगेट खोजेगा, खुद निर्णय लेगा, और खुद हवाई लड़ाई लड़ेगा?
MQ-28 दुश्मन को पलक झपकते ही खत्म कर देता है. (ऑस्ट्रेलिया डफेंस डिपार्टमेंट)
Woomera Range में ‘किल मिशन’: Ghost Bat का पहला असली शिकारटेस्ट Australia के विशाल Woomera Range Complex में होगा, जो दुनिया के सबसे बड़े हथियार परीक्षण इलाकों में से एक है. Boeing ने कन्फर्म की है कि यह एक तरीके से वास्तविक एयर-टू-एयर एंगेजमेंट होगा. MQ-28 खुद टारगेट को लॉक करेगा और और AIM-120 से उसे गिराने की कोशिश करेगा. ‘द वॉर जोन’ में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, यह इतिहास में पहली बार होगा जब कोई CCA (Collaborative Combat Aircraft)–श्रेणी का AI ड्रोन स्टील्थ, स्पीड और इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेजर के साथ वास्तविक लक्ष्य पर मिसाइल चलाएगा. यह सिर्फ परीक्षण नहीं, यह एक संदेश है. और यह संदेश उन सभी देशों को दिया जा रहा है जिन्होंने सोचा कि ड्रोन सिर्फ ISR प्लेटफॉर्म होते हैं.
AI हंटर: MQ-28 किन सेंसरों से शिकार करेगा?Ghost Bat की सबसे बड़ी ताकत इसकी पूरी तरह मॉड्यूलर नोज़ सेक्शन है, जिसमें किसी भी प्रकार का सेंसर, रडार, हथियार नियंत्रण या इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर मॉड्यूल लगाया जा सकता है. RAAF के कम-से-कम दो MQ-28s को अब तक IRST (Infrared Search and Track) सेंसर के साथ देखा गया है, जो F-35 और Su-57 जैसे स्टील्थ टारगेट्स पर भी शिकारी की तरह पीछे पड़ जाता है.
MQ 28 को दुश्मन का रडार भी नहीं पकड़ सकता. (बोइंग)
IRST की वजह से Ghost Bat:यह बिना रेडार ऑन किए लक्ष्य की लोकेशन पता कर सकता है. इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग से प्रभावित नहीं होता. स्टील्थ जेट्स और क्रूज़ मिसाइलों को ट्रैक कर सकता है. पूरी तरह साइलेंट हंटर की तरह काम कर सकता है… यानी MQ-28 को खोज निकालना दुश्मन के लिए लगभग असंभव होगा, लेकिन MQ-28 आपको खोज लेगा.
Wedgetail + Ghost Bat = उड़ता हुआ ‘किल नेटवर्क’Boeing पहले ही इस सिस्टम को नए स्तर पर पहुंचा चुका है. E-7A Wedgetail AWACS ने एक साथ दो लाइव MQ-28s को कंट्रोल किया, एक डिजिटल वर्चुअल MQ-28 को भी ‘फॉर्मेशन में उड़ाया’ और और टारगेट ट्रैकिंग कराई. यह सिर्फ डेमो नहीं… यह नेटवर्क-सेंट्रिक एरियल वॉरफेयर का वह रूप है जिसे चीन और रूस अभी विकसित करने में सालों लगाएंगे. Ghost Bat अकेला नहीं लड़ता… यह पूरा झुंड (swarm) बनाकर हवा में प्रवेश करता है.
MQ-28 ड्रोन जेसी तकनीक अभी चीन और रूस के पास भी नहीं है. (बोइंग)
Block 2 Ghost Bat: अब हवा में खुद ईंधन लेगा, खुद रणनीति बनाएगाऑस्ट्रेलिया ने अभी तक: 8 Block 1 प्रोटोटाइप, 3 नए Block 2 यूनिट्स ऑर्डर किए… Block 2 में Boeing ने संकेत दिया है – ज्यादा पेलोड, ज्यादा AI प्रोसेसिंग, और संभवत: एयर-टू-एयर रीफ्यूलिंग क्षमता… भविष्य में Ghost Bats एक पूरे स्क्वाड्रन के रूप में उड़ेंगे और इनमें से एक ‘लीड बैट’ बाकी सभी ड्रोन को कंट्रोल करेगा.
दुनिया भर के देश MQ-28 के पीछेअमेरिकी नौसेना पहले ही MQ-28 को कैरियर-आधारित ड्रोन के रूप में मूल्यांकन कर रही है. यदि यह कैरियर पर सफल हुआ, तो यह दुनिया का पहला ऐसा AI कॉम्बैट ड्रोन होगा जो एयरक्राफ्ट कैरियर से टेकऑफ और लैंडिंग कर सकेगा.नई रुचि दिखाने वाले देश:पोलैंड, जो F-15EX + MQ-28 को एक साथ खरीदना चाहता है.मिडिल ईस्ट, जहां CCA प्रकार के ड्रोन का नया बाजार तेजी से उभर रहा है.यू.एस. Air Force, जिसने अपने CCA प्रोग्राम की टेस्टिंग में Ghost Bat का उपयोग किया.यह स्पष्ट है कि MQ-28 वैश्विक स्तर पर वह उत्पाद बन रहा है जिसे हर आधुनिक वायुसेना अपने बेड़े में शामिल करना चाहेगी.
पूरी दुनिया की नजर ऑस्ट्रेलिया के MQ-28 शिकारी ड्रोन पर है. (बोइंग)
MQ-28 Ghost Bat वह हथियार जो हवाई युद्ध का नियम बदल देगायह पहला ड्रोन होगा जो खुद ही टारगेट खोजेगा, खुद उसे ट्रैक करेगा, खुद फायर करेगा और खुद ही बचाव करेगा. मतलब कि यह पूरी तरह AI-निर्देशित हवाई युद्ध लड़ेगा.. और यह AIM-120 AMRAAM का पहला लाइव फायर – दुनिया को वह चेतावनी है कि भविष्य का एअर कॉम्बैट मानवरहित, हाई-स्पीड और AI-दिमाग वाला होने वाला है. MQ-28 सिर्फ ड्रोन नहीं, बल्कि यह 21वीं सदी का डिजिटल फाइटर है. और अगले महीने जब यह अपना पहला एयर-टू-एयर ‘किल शॉट’ लेगा, तो दुनिया का सैन्य संतुलन हमेशा के लिए बदल जाएगा.



