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सांव‍लिया सेठ के दरबार में धन वर्षा! तीसरे चरण में ही 27 करोड़ पार, गिनती अभी बाकी

Last Updated:April 21, 2026, 13:06 IST

Sanwaliya Seth Bhandar Counting: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर में इन दिनों आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है. 16 अप्रैल चतुर्दशी को खोले गए भंडार की गिनती का तीसरा चरण भी पूरा हो चुका है. इस चरण में 9 करोड़ 60 लाख 61 हजार 500 रुपए की नकदी प्राप्त हुई. इससे पहले दो चरणों में 17 करोड़ 62 लाख 24 हजार 500 रुपए मिल चुके थे. अब तक कुल दान राशि 27 करोड़ 22 लाख 86 हजार रुपए तक पहुंच गई है. मंदिर प्रशासन द्वारा सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ गिनती की जा रही है. अभी भंडार में और राशि शेष है.

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गिनती जारी, रकम बढ़ती जा रही! सांवलिया सेठ मंदिर के भंडार से निकल रहे करोड़ों Zoomसांव‍लिया सेठ के दरबार में धन वर्षा! तीसरे चरण में ही 27 करोड़ पार

चित्तौड़गढ़: चित्तौड़गढ़ जिले के प्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री सांवलिया सेठ मंदिर में इन दिनों भक्ति और आस्था का अनुपम दृश्य देखने को मिल रहा है. 16 अप्रैल को चतुर्दशी के पावन अवसर पर खोले गए भगवान के भंडार की गणना का कार्य तीसरे चरण में पूरा हो चुका है. इस चरण में भारी मात्रा में नकदी प्राप्त हुई है, जिसने एक बार फिर मंदिर की अपार लोकप्रियता और श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा को रेखांकित किया है.

तीसरे चरण की गिनती में कुल 9 करोड़ 60 लाख 61 हजार 500 रुपये की नकदी निकली. इससे पहले दो चरणों में 17 करोड़ 62 लाख 24 हजार 500 रुपये प्राप्त हुए थे. इस प्रकार तीन चरणों की गणना के बाद कुल दान राशि 27 करोड़ 22 लाख 86 हजार रुपये तक पहुंच गई है. मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखते हुए नोट गिनती का कार्य किया. भंडार में अभी भी काफी राशि शेष बताई जा रही है, जिसकी गणना चौथे चरण में की जाएगी. अनुमान है कि अंतिम चरण के बाद कुल राशि में और इजाफा होगा.

दूर-दूर से लाखों श्रद्धालु दर्शन करने आते है मंदिर मेंश्री सांवलिया सेठ मंदिर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित एक अत्यंत प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर है. यहां भगवान श्री कृष्ण को सांवलिया सेठ के रूप में पूजा जाता है. यहां मान्यता है कि जो भी सच्चे मन से यहां आता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है. दूर-दूर से लाखों श्रद्धालु साल भर मंदिर में दर्शन करने पहुंचते हैं. विशेष रूप से त्योहारों, चतुर्दशी और एकादशी के दिन भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है. इस बार चतुर्दशी पर भंडार खुलने की खबर फैलते ही श्रद्धालुओं ने भारी चढ़ावा चढ़ाया, जिसमें नकदी के साथ-साथ आभूषण और अन्य सामग्री भी शामिल थी.

नोटों को सावधानी से गिना जा रहाइस मंदिर के पुजारियों और प्रशासन का कहना है कि यह राशि केवल आर्थिक आंकड़ा नहीं, बल्कि भगवान के प्रति जन-जन की असीम भक्ति का प्रतीक है. गिनती के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था अपनाई गई. सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, पुलिस सुरक्षा और स्वतंत्र ऑडिट टीम की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से चल रही है. हर नोट को सावधानी से गिना जा रहा है ताकि कोई गलती न हो. यह घटना राजस्थान की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को भी दर्शाती है. सांवलिया सेठ मंदिर न केवल चित्तौड़गढ़ बल्कि पूरे देश के कृष्ण भक्तों का प्रमुख केंद्र बन चुका है. यहां आने वाले भक्तों में किसान, व्यापारी, नौजवान और महिलाएं शामिल हैं. कई भक्त बताते हैं कि सांवलिया सेठ ने उनके संकट के समय चमत्कारिक रूप से मदद की.

हर नोट भक्ति की अमूल्य भेंटतीन चरणों की सफल गिनती के बाद मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया है. चौथे चरण की तैयारी चल रही है. उम्मीद की जा रही है कि अंतिम आंकड़ा 30 करोड़ रुपये से भी ऊपर जा सकता है. यह राशि मंदिर के विकास कार्यों, गरीबों की सेवा और धार्मिक गतिविधियों में उपयोग की जाएगी. सांवलिया सेठ के इस भव्य भंडार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सच्ची श्रद्धा के आगे कोई सीमा नहीं होती. भगवान के दरबार में चढ़ने वाला हर सिक्का, हर नोट भक्ति की अमूल्य भेंट है. चित्तौड़गढ़ का यह पावन धाम आज भी लाखों हृदयों में विश्वास की ज्योति जलाए हुए है.

About the AuthorJagriti Dubey

With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18 in Rajasthan Team. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion…और पढ़ें

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First Published :

April 21, 2026, 13:02 IST

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