चेतक अश्व पूजन से गूंज उठा महाराणा प्रताप जयंती महोत्सव! मातृ शक्ति की तलवार रास और युवाओं के जोश ने बांधा समां

Last Updated:June 15, 2026, 17:06 IST
Maharana Pratap Jayanti: महाराणा प्रताप जयंती महोत्सव पूरे उत्साह, श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति के साथ मनाया गया. कार्यक्रम की शुरुआत महाराणा प्रताप के प्रिय अश्व चेतक के पूजन से हुई, जिसने वीरता और स्वाभिमान की ऐतिहासिक गाथा को जीवंत कर दिया. आयोजन में मातृ शक्ति ने पारंपरिक तलवार रास प्रस्तुत कर राजस्थानी शौर्य और संस्कृति की झलक दिखाई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा. वहीं युवाओं ने देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों और नारों के माध्यम से राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया. पूरे समारोह में महाराणा प्रताप के संघर्ष, त्याग और मातृभूमि के प्रति समर्पण को याद किया गया. सांस्कृतिक कार्यक्रमों, शोभायात्राओं और प्रेरक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह से भर दिया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि अर्पित की.
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उदयपुर: मेवाड़ की आन-बान और शान के प्रतीक महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित सात दिवसीय कार्यक्रमों की श्रृंखला में मंगलवार को चेतक अश्व पूजन का भव्य आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम मेवाड़ क्षत्रिय महासभा संस्थान, उदयपुर शहर और नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में संभाग के विभिन्न सामाजिक संगठनों और सर्व समाज के सहयोग से आयोजित किया गया.
कार्यक्रम के तहत बजरंग सेना मेवाड़ द्वारा चेतक अश्व पूजन किया गया. महाराणा प्रताप के प्रिय अश्व चेतक की वीरता और स्वामिभक्ति को याद करते हुए अश्वों का विधि-विधान से पूजन किया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में समाजजन, युवा और महिलाएं मौजूद रहीं. आयोजन स्थल पर महाराणा प्रताप और चेतक के जयकारों से वातावरण देशभक्ति और मेवाड़ी गौरव से सराबोर नजर आया.
गौरवशाली परंपरा और वीरांगनाओं के साहस की याद दिलाईकार्यक्रम में मातृ शक्ति की ओर से प्रस्तुत शौर्य तलवार रास विशेष आकर्षण का केंद्र रही. पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने तलवारों के साथ वीर रस से ओतप्रोत प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी. महिलाओं की इस प्रस्तुति ने मेवाड़ की गौरवशाली परंपरा और वीरांगनाओं के साहस की याद दिलाई. इसके साथ ही स्केटिंग खिलाड़ियों ने देशभक्ति गीतों पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया. बच्चों और युवाओं की इस प्रस्तुति में देशप्रेम और राष्ट्रभक्ति का संदेश देखने को मिला.दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया.
महाराणा प्रताप के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेशआयोजन में अखाड़ा के पहलवानों ने भी अपने हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया. पहलवानों ने शक्ति, संतुलन और पारंपरिक व्यायाम कला का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न दांव-पेंच दिखाए. उनके रोमांचक प्रदर्शन को देखकर उपस्थित लोग दंग रह गए. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इन प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया. आयोजकों ने बताया कि महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर आयोजित सात दिवसीय कार्यक्रमों का उद्देश्य युवा पीढ़ी को महाराणा प्रताप के त्याग, साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के आदर्शों से जोड़ना है. आगामी दिनों में भी विभिन्न सांस्कृतिक, सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में समाजजन भाग लेंगे.पूरे आयोजन के दौरान मेवाड़ की संस्कृति, शौर्य और गौरव की झलक देखने को मिली तथा महाराणा प्रताप के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया.
About the AuthorJagriti Dubey
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