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UPSC Success Story| IAS Story: घर-घर गईं, खुद खोली कर्मचारियों की पोल, कौन हैं ये DM, टीना डाबी से क्या है कनेक्शन?

Last Updated:May 04, 2026, 14:40 IST

IAS Story, Chinmayee Gopal IAS: राजस्थान के प्रशासनिक गलियारों में एक महिला अफसर चर्चा में हैं. हाल ही में उन्‍होंने अपने अधिकारियों से दफ्तर में बैठने की बजाय फील्ड में जाकर जनता की सुनने की नसीहत दी.खास बात यह है कि वह उस जिले की कलेक्‍टर हैं जहां कभी चर्चित ऑफ‍िसर टीना डाबी तैनात थी.आइए जानते हैं ये अधिकारी कौन हैं?

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घर-घर गईं, खोली कर्मचारियों की पोल, कौन हैं ये DM, टीना डाबी से है कनेक्शनZoomIAS Story, UPSC Success Story, who is ias Chinmayee Gopal: आईएएस चिन्‍मयी गोपाल की कहानी.

IAS Story, Chinmayee Gopal IAS: राजस्थान के प्रशासनिक गलियारों में एक महिला अफसरों की चर्चा तेज है. वजह है बाड़मेर जिले की नई कलेक्‍टर. उन्‍हें हाल ही में चर्चित आईएएस टीना डाबी की जगह जिले की कमान मिली है.इस आईएएस अधिकारी का नाम चिन्मयी गोपाल है.वह 2014 बैच की सीनियर अफसर हैं. पहले वह जयपुर में तैनात थी अब बाड़मेर की कलेक्‍टर हैं जबकि टीना डाबी टोंक जिले की डीएम बनी हैं.—आखिर कौन हैं आईएएस चिन्मयी गोपाल?

बाड़मेर की नई ‘बॉस’ कौन हैं चिन्मयी गोपाल?

चिन्मयी गोपाल 2014 बैच की आईएएस अधिकारी हैं. वे दिल्ली में पली-बढ़ीं और पढ़ाई में शुरू से ही अव्वल रहीं. इकोनॉमिक्स में एमए करने के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की और अपने दूसरे प्रयास में ऑल इंडिया 16वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित हुईं. यह रैंक उनकी मेहनत, अनुशासन और विषय की गहरी समझ का प्रमाण मानी जाती है.

दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से हुई पढ़ाई

चिन्मयी गोपाल की पढ़ाई देश के नामी संस्थानों से हुई है. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया और इसके बाद दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से मास्टर डिग्री हासिल की. अर्थशास्त्र की यह मजबूत समझ न सिर्फ यूपीएससी की तैयारी में काम आई, बल्कि प्रशासन में जमीनी समस्याओं को समझने और उनके समाधान निकालने में भी उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी.

दूसरी बार में पास की UPSC

यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा को उन्होंने चुनौती की तरह लिया. पहले प्रयास से मिले अनुभव को सीख बनाकर उन्होंने दूसरे प्रयास में पूरी रणनीति के साथ तैयारी की और ऑल इंडिया 16वीं रैंक हासिल की. यही वजह है कि उन्हें शुरू से ही एक तेज-तर्रार और सोच-समझकर फैसले लेने वाली अधिकारी के रूप में जाना गया.

फील्ड में उतरकर खोली कर्मचारियों की पोल

चिन्मयी गोपाल की पहचान सिर्फ फाइलों तक सीमित अफसर की नहीं है. जब उन्हें रिपोर्ट मिली कि कुछ गांवों में योजनाओं के लिए कोई पात्र व्यक्ति नहीं है तो उन्होंने कागजों पर भरोसा करने के बजाय खुद सच्चाई जानने का फैसला किया. वे अधिकारियों के साथ गांव पहुंचीं पैदल घूमकर घर-घर गईं और लोगों से बात की. जांच में सामने आया कि कुछ कर्मचारी जानबूझकर पात्र लोगों को योजनाओं से वंचित कर रहे थे. इस पर उन्होंने लापरवाह कर्मचारियों को सस्पेंड किया और साफ संदेश दिया कि जनता के हक से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

पहली महिला IAS कमिश्नर और CEO 

अपने करियर में चिन्मयी गोपाल ने कई ‘पहली’ हासिल की हैं. वे अजमेर नगर निगम की पहली महिला आईएएस कमिश्नर बनीं. इसके अलावा वे श्रीगंगानगर जिला परिषद की पहली महिला आईएएस सीईओ भी रहीं. इन पदों पर रहते हुए उन्होंने अवैध निर्माणों, अतिक्रमण और प्रशासनिक ढिलाई के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जिससे उनकी छवि एक ईमानदार और कड़े प्रशासक की बनी.

 टीना डाबी से क्‍या है कनेक्‍शन?

चिन्मयी गोपाल और टीना डाबी के करियर में कुछ दिलचस्प समानताएं भी हैं.टीना डाबी इस समय टोंक की कलेक्टर हैं वहीं चिन्मयी गोपाल की पहली कलेक्टर पोस्टिंग भी टोंक में ही हुई थी, जहां उन्होंने 2021 से 2023 तक करीब ढाई साल सेवाएं दीं. टीना डाबी जैसलमेर और बाड़मेर के बाद अब तीसरी बार कलेक्टर बनी हैं. वहीं चिन्मयी गोपाल टोंक और झुंझुनूं के बाद अब तीसरी बार बाड़मेर की कलेक्टर बनी हैं.दोनों अधिकारियों ने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज से पढ़ाई की है. चिन्मयी गोपाल ने इकोनॉमिक्स और टीना डाबी ने पॉलिटिकल साइंस में डिग्री हासिल की है.

अब बाड़मेर की जिम्मेदारी

1 अप्रैल 2026 के तबादला आदेश के तहत चिन्मयी गोपाल को बाड़मेर का नया जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया. इससे पहले वे जयपुर में कृषि एवं पंचायत राज विभाग में तैनात थीं और टोंक व झुंझुनूं जैसे जिलों में कलेक्टर रह चुकी हैं.

क्यों खास है चिन्मयी गोपाल की नियुक्ति?

चिन्मयी गोपाल का अब तक का रिकॉर्ड बताता है कि वे सिर्फ आदेश देने वाली अफसर नहीं, बल्कि जमीन पर जाकर काम करने में भरोसा रखने वाली प्रशासक हैं. यही वजह है कि टीना डाबी के बाद बाड़मेर की कमान उनके हाथों में जाना जिले के लिए एक अहम प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है.बाड़मेर को अब एक ऐसी कलेक्टर मिली है जो सख्ती,पारदर्शिता और फील्ड वर्क-तीनों को साथ लेकर चलने में यकीन रखती हैं.

About the AuthorDhiraj Raiअसिस्टेंट एडिटर

न्यूज़18 हिंदी (Network 18) डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. न्‍यूज 18 में एजुकेशन, करियर, सक्‍सेस स्‍टोरी की खबरों पर. करीब 15 साल से अधिक मीडिया में सक्रिय. हिन्दुस्तान, दैनिक भास्कर के प्रिंट व …और पढ़ें

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