Pushkar Fair Horse & Camel Polo Event 2025

Last Updated:November 06, 2025, 10:28 IST
Pushkar Fair 2025: अंतर्राष्ट्रीय पुष्कर मेले के समापन दिवस पर BSF की हॉर्स प्रतियोगिता और राजस्थान पुलिस की कैमल पोलो प्रतियोगिता का आयोजन हुआ. दोनों कार्यक्रमों में जवानों ने वीरता, कौशल और परंपरा का शानदार प्रदर्शन किया. विदेशी पर्यटकों ने भी राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत की सराहना की.
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Pushkar Fair 2025: विश्व प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय पुष्कर मेला अपने अंतिम चरण में परंपरा, रोमांच और संस्कृति के अद्भुत संगम का साक्षी बना. मेले के समापन दिवस पर बुधवार को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों की हॉर्स प्रतियोगिता और राजस्थान पुलिस की कैमल पोलो प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया, जिसने देशी-विदेशी पर्यटकों का दिल जीत लिया.
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक अंदाज़ में हुई. BSF के घुड़सवार जवानों ने अपने सधे हुए अनुशासन, नियंत्रण और प्रशिक्षण का शानदार प्रदर्शन किया. घोड़ों की फुर्ती, संतुलन और सटीक मूवमेंट ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. हॉर्स प्रतियोगिता के दौरान जवानों ने विभिन्न सैन्य करतबों का भी प्रदर्शन किया, जो उनकी कड़ी मेहनत और शारीरिक क्षमता का प्रमाण थे. मैदान में गूंजती तालियों और जयघोषों ने माहौल को देशभक्ति से भर दिया.
राजस्थान पुलिस की कैमल पोलो प्रतियोगिता बनी आकर्षण का केंद्रBSF की हॉर्स प्रतियोगिता के बाद कैमल पोलो मुकाबले ने मेले में उत्साह की नई लहर पैदा कर दी. राजस्थान पुलिस के जवानों ने ऊँटों की सवारी पर शानदार तालमेल और चुस्ती का प्रदर्शन किया. जयपुर पुलिस के उप अधीक्षक (DYSP) ने स्वयं कैमल पोलो मैच में भाग लेकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया. उन्होंने कहा कि, “ऐसे आयोजन न केवल पुलिस बल की शारीरिक क्षमता को बढ़ाते हैं, बल्कि टीम भावना और अनुशासन को भी सशक्त करते हैं.” अजमेर ग्रामीण के पुलिस उप अधीक्षक दीपक कुमार शर्मा ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा कि राजस्थान की धरती पर परंपरागत खेलों को बढ़ावा देना पुलिस बल के लिए गर्व की बात है.
विदेशी पर्यटकों ने सराहा राजस्थान की वीरता और संस्कृतिपुष्कर मैदान में मौजूद विदेशी पर्यटक भी इस नज़ारे को देखकर मंत्रमुग्ध रह गए. उन्होंने राजस्थान की ऊँट संस्कृति, सैन्य परंपराओं और लोक खेलों की सराहना की. मेले के समापन दिवस पर आयोजित इन प्रतियोगिताओं ने पुष्कर मेले को एक यादगार रूप दिया और यह साबित किया कि राजस्थान की परंपराएँ आज भी उतनी ही जीवंत हैं, जितनी सदियों पहले थीं.
Location :
Pushkar,Ajmer,Rajasthan
First Published :
November 06, 2025, 10:28 IST
धूल उड़ी, ऊँट दौड़े और घोड़े गरजे… पुष्कर मेले में दिखा BSF और राजस्थान…



