राजस्थान में मानसून का कहर, 28 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, 10-12 अगस्त को फिर आफत

जयपुर. राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय बना हुआ है. राज्य के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की गई. आईएमडी के अनुसार 9 अगस्त को भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. वहीं 10 से 12 अगस्त के बीच दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में और बढ़ोतरी हो सकती है. इस दौरान कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. मानसून ट्रफ और ऊपरी वायु परिसंचरण तंत्र सक्रिय होने से मौसम में यह बदलाव आया है.
पिछले 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान में कई जगह मध्यम से भारी और कुछ स्थानों पर अति भारी बारिश दर्ज की गई. सबसे अधिक बारिश डीग जिले के पहाड़ी क्षेत्र में 158 मिमी रिकॉर्ड हुई. इसके अलावा अलवर, भरतपुर, जयपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर और सीकर में भी अच्छी बारिश हुई. थानागाजी और तिजारा में 9-9 सेमी, दौसा और पिलानी में 8-8 सेमी तथा कोटकासिम और नीमराना में 7-7 सेमी बारिश दर्ज की गई. बुहाना, चिड़ावा, मलसीसर और बहरोड़ में 5-5 सेमी बारिश हुई. पश्चिमी राजस्थान में राजगढ़-सादुलपुर में 9 सेमी, सुजानगढ़ और डीडवाना में 7-7 सेमी बारिश रिकॉर्ड हुई.
9 अगस्त को राजस्थान के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.
9 अगस्त को इन इलाकों में बारिश का असर
जालोर, जोधपुर और पाली में भारी बारिश की संभावना
मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के मुताबिक अजमेर, चित्तौड़गढ़, जयपुर, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, सलूम्बर और टोंक में भी भारी बारिश की संभावना है. बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, करौली, कोटपूतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर और सीकर में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं का असर रह सकता है. वहीं पश्चिमी राजस्थान में जालोर, जोधपुर और पाली में भारी बारिश की संभावना है. बालोतरा, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, जैसलमेर, नागौर और फलौदी में मेघगर्जन, वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं.
पूर्वी राजस्थान में 9 अगस्त को बारिश का असर पश्चिमी राजस्थान से ज्यादा रहने का अनुमान है.
मानसून ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय
आईएमडी के अनुसार उत्तर-पूर्वी राजस्थान और आसपास के क्षेत्र में बना ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर तक सक्रिय है. मानसून ट्रफ अनूपगढ़, दिल्ली, देओमाली, सीधी, दीघा और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र से होकर गुजर रही है. यह आगे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है. मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में पश्चिमी विक्षोभ भी ट्रफ के रूप में सक्रिय है.
राजस्थान में 15 अगस्त से बारिश में कमी की संभावना
• 9 अगस्त को राजस्थान के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.
• पूर्वी राजस्थान में 9 अगस्त को बारिश का असर पश्चिमी राजस्थान से ज्यादा रहने का अनुमान है.
• बांसवाड़ा, ब्यावर, डूंगरपुर, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है.
• जयपुर, अजमेर, चित्तौड़गढ़, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, सलूम्बर और टोंक में भारी बारिश हो सकती है.
• जालोर, जोधपुर और पाली में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
जालोर, जोधपुर और पाली में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
• कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं.
• मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका को देखते हुए खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की जरूरत है.
• डीग के पहाड़ी क्षेत्र में पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा 158 मिमी बारिश दर्ज की गई.
• 10 से 12 अगस्त के बीच दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं.
• पश्चिमी राजस्थान में 14 और पूर्वी राजस्थान में 15 अगस्त से बारिश में कमी आने की संभावना है.
10 से 12 अगस्त को फिर बढ़ेगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 10 से 12 अगस्त के बीच दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी. कुछ स्थानों पर मध्यम से कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. जोधपुर और बीकानेर संभाग के सीमावर्ती इलाकों को छोड़कर पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी अगले 3-4 दिन हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है. हालांकि इसके बाद मानसून की गतिविधियां कमजोर होने का अनुमान है. पश्चिमी राजस्थान में 14 अगस्त और पूर्वी राजस्थान में 15 अगस्त से बारिश में कमी आने की प्रबल संभावना जताई गई है. ऐसे में अगले कुछ दिन राजस्थान में बारिश के लिहाज से सक्रिय रहेंगे.
10 से 12 अगस्त के बीच दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं
9 अगस्त को राजस्थान में मौसम कैसा रहेगा?
9 अगस्त को राजस्थान के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है. पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां ज्यादा प्रभावी रह सकती हैं. जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है. इसके साथ मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा. पश्चिमी राजस्थान के जालोर, जोधपुर और पाली में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है.
किन जिलों में भारी से अति भारी बारिश होगी?
9 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के बांसवाड़ा, ब्यावर, डूंगरपुर, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके अलावा अजमेर, चित्तौड़गढ़, जयपुर, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, सलूम्बर और टोंक में भारी बारिश हो सकती है. पश्चिमी राजस्थान में जालोर, जोधपुर और पाली में भी भारी बारिश का अनुमान है. इन क्षेत्रों में बारिश के साथ मेघगर्जन और वज्रपात हो सकता है. कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है.
राजस्थान में बारिश की वजह क्या है?
राजस्थान में बारिश की सक्रियता के पीछे कई मौसम प्रणालियां जिम्मेदार हैं. IMD के अनुसार उत्तर-पूर्वी राजस्थान और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से करीब 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है. मानसून ट्रफ भी अनूपगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के आसपास से होकर गुजर रही है. इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ भी ऊपरी वायुमंडल में ट्रफ के रूप में सक्रिय है. इन प्रणालियों के प्रभाव से राजस्थान के कई हिस्सों में नमी और बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं.
10 से 12 अगस्त के बीच राजस्थान में क्या होगा?
मौसम विभाग के अनुसार 10 से 12 अगस्त के बीच दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है. इस दौरान कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान है. पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के सीमावर्ती क्षेत्रों को छोड़कर कुछ हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है. यानी 10 से 12 अगस्त के बीच राजस्थान में मानसून का असर फिर बढ़ने की संभावना है.
राजस्थान में मानसून कब कमजोर पड़ेगा?मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में बारिश का सक्रिय दौर अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है. 10 से 12 अगस्त के बीच पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है. इसके बाद मानसून की सक्रियता में धीरे-धीरे कमी आने का अनुमान है. पश्चिमी राजस्थान में 14 अगस्त से और पूर्वी राजस्थान में 15 अगस्त से बारिश की गतिविधियों में कमी आने की प्रबल संभावना जताई गई है. हालांकि स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण कुछ क्षेत्रों में इसके बाद भी हल्की बारिश हो सकती है. इसलिए मौसम में बदलाव पर नजर रखना जरूरी रहेगा.



