मारवाड़ में मानसून का देसी संकेत, 200 साल पुरानी घड़ा परंपरा से लगाया बारिश का अनुमान

मारवाड़ के गांव का सदियों पुराना तरीका, पांच घड़ों से परखा गया मानसून
Marwar Rain Prediction: मारवाड़ के तिंवरी क्षेत्र में हाली अमावस्या पर सदियों पुरानी घड़ा परंपरा एक बार फिर किसानों की उम्मीदों का केंद्र बनी. करीब 200 साल पुरानी इस अनोखी परंपरा में पांच घड़ों के जरिए मानसून और बारिश का अनुमान लगाया जाता है. चार घड़े ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण और भाद्रपद महीनों का प्रतीक माने जाते हैं, जबकि बीच का घड़ा आकाश का प्रतिनिधित्व करता है. पूजा-अर्चना के बाद घड़ों में धान और पानी भरकर इंद्र देव का स्मरण किया गया. इसके बाद घड़ों के फूटने के समय के आधार पर बारिश का आकलन किया गया. ग्रामीणों का मानना है कि कई बार यह अनुमान वास्तविक मौसम के काफी करीब साबित हुआ है. आधुनिक दौर में भी किसान इस परंपरा को आस्था, अनुभव और खेती की उम्मीद से जोड़कर निभा रहे हैं. इस बार भी अच्छे मानसून के संकेत मिलने से किसानों में उत्साह देखा गया.




