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Nagaur News: 88 साल पुरानी परंपरा फिर जीवंत, जसनगर में खड़े होकर 8 दिन तक होगा अखंड हरि कीर्तन

Last Updated:August 19, 2026, 18:04 IST

नागौर के जसनगर में 88 साल पुरानी धार्मिक परंपरा एक बार फिर जीवंत हो उठी है. प्राचीन शिव मंदिर में जसनगर महोत्सव एवं अखंड हरि कीर्तन खड़ी सप्ताह का आयोजन हो रहा है. आठ दिनों तक भजन मंडलियां खड़े होकर आठों प्रहर ठाकुर जी का गुणगान करेंगी. हरि नाम के जयकारों, ढोल-मंजीरों और भजनों से पूरा जसनगर भक्तिमय नजर आ रहा है.

नागौर के जसनगर में इन दिनों आस्था और भक्ति की एक अनूठी परंपरा निभाई जा रही है. यहां 88 साल पुरानी धार्मिक परंपरा एक बार फिर जीवंत हो उठी है. जसनगर महोत्सव एवं अखंड हरि कीर्तन खड़ी सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है. यहां प्राचीन शिव मंदिर में यह परंपरा निभाई जा रही है. इस महोत्सव की शुरुआत रघुनाथ मंदिर से होती है.

बड़ी संख्या में श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए शोभायात्रा में शामिल होते हैं. इस अनूठी परंपरा की खास बात यह है कि यह यात्रा केवल एक मंदिर में जाकर नहीं रुकती है बल्कि यहां के सभी प्राचीन मंदिरों में होते हुए प्राचीन शिव मंदिर पहुँचती है. शोभायात्रा के मंदिर पहुंचने के बाद विधि-विधान से ठाकुर जी को रेवाड़ी में विराजित किया जाता है. जिसके साथ ही अखंड हरि कीर्तन खड़ी सप्ताह का विधिवत आगाज होता है.

इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि यहां भजन मंडलियां बैठकर नहीं, बल्कि खड़े होकर ठाकुर जी का गुणगान करती हैं. अलग-अलग स्थानों से पहुंचने वाली भजन मंडलियां आठों प्रहर ठाकुर जी की रेवाड़ी के पास हरि नाम का संकीर्तन करती हैं. एक मंडली के बाद दूसरी मंडली भजनों की कमान संभालती है और मंदिर परिसर में लगातार भक्ति की धारा बहती रहती है. इसी अनूठी परंपरा ने जसनगर के इस आयोजन को खास पहचान दी है.

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दिन निकलने से लेकर देर रात तक मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है. भजन मंडलियों की प्रस्तुतियों के बीच श्रद्धालु भगवान की आराधना करते नजर आते हैं. कई भक्त भजनों की धुन पर झूमते और नृत्य करते दिखाई देते हैं. हरि नाम के जयकारे, ढोल-मंजीरों की गूंज और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण ऐसा बन जाता है, मानो प्राचीन शिव मंदिर परिसर एक विशाल भजन स्थल में बदल गया हो.

जसनगर का यह हरि कीर्तन महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि कस्बे की पहचान से जुड़ी परंपरा है. पिछले 88 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा यह कार्यक्रम पीढ़ियों से श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है. बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक बड़ी संख्या में लोग इसमें भाग लेते हैं. स्थानीय लोगों के लिए यह आयोजन अपनी धार्मिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का भी माध्यम है. यही वजह है कि हर वर्ष महोत्सव को लेकर खास उत्साह देखने को मिलता है.

यह आयोजन एक-दो दिन नहीं करीब आठ दिन तक लगातार चलता है. इस बार ये उत्सव 23 अगस्त तक चलेगा. पूरे सप्ताह अलग-अलग स्थानों से आने वाली भजन मंडलियां ठाकुर जी की रेवाड़ी के समक्ष आठों प्रहर भजन-कीर्तन करेंगी. आयोजन के दौरान प्रतिदिन धार्मिक झांकियां भी सजाई जाएंगी. श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी. यानी आने वाले दिनों में भी जसनगर का प्राचीन शिव मंदिर हरि नाम, भजनों और धार्मिक आस्था से सराबोर रहने वाला है.

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August 19, 2026, 18:04 IST

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