North Korea News: किम जोंग ने उतारा महाबली कांग कोन रूस-चीन-अमेरिका के क्लब में की एंट्री फूलने लगी दक्षिण कोरिया की सांस

Last Updated:September 07, 2026, 14:31 IST
North Korea Nuclear Capable Destroyer Commissioned: दुनिया के नक्शे पर उत्तर कोरिया वो देश है, जो अपने हथियारों के लिए खूब चर्चा में रहता है. फिर उत्तर कोरिया ने अपने सैन्य बेड़े में बड़ा इजाफा करते हुए 5000 टन के नए विध्वंसक युद्धपोत कांग कोन को आधिकारिक तौर पर नौसेना में शामिल कर लिया है. किम जोंग-उन ने वोनसन में आयोजित समारोह में भाग लिया और इसे आक्रामक युद्धपोत और देश की न्यूक्लियर काउंटर एक्शन सिस्टम का हिस्सा बताया, लेकिन दक्षिण कोरिया की सांसें फूल गई हैं. उत्तर कोरिया ने निकाला बाहुबली युद्धपोत. (रॉयटर्स)
North Korea Nuclear Capable Destroyer: उत्तर कोरिया ने अपने सैन्य बेड़े में एक बड़ा एडिशन किया है. इस बार उसने किसी मिसाइल का लॉन्च नहीं किया है बल्कि एक नए युद्धपोत ‘कांग कोन’ को आधिकारिक तौर पर नौसेना में शामिल कर लिया है. सरकारी मीडिया ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर कोरिया अपनी नौसैनिक ताकत को आधुनिक बनाने और परमाणु क्षमता वाले जहाजों के जरिए समुद्र में अपनी युद्ध तैयारी को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है. कोरियाई सेंट्रल न्यूज एजेंसी के खुद किम जोंग-उन ने एक दिन पहले पूर्वी बंदरगाह शहर वोनसन में आयोजित कमीशनिंग समारोह में हिस्सा लिया.
वहां उन्होंने 5,000 टन वजनी इस नए विध्वंसक युद्धपोत को ‘मूल रूप से एक आक्रामक युद्धपोत’ बताते हुए कहा गया है कि ये देश की न्यूक्लियर काउंटर एक्शन सिस्टम का हिस्सा है. उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के मुताबिक किम ने कहा- ‘नई पीढ़ी का यह डिस्ट्रॉयर देश की परमाणु जवाबी कार्रवाई प्रणाली का हिस्सा है और दुश्मनों को घातक जवाबी हमला देने में सक्षम होना चाहिए.’ किम ने इस बात पर जोर दिया कि समुद्री रक्षा और युद्ध को रोकने की क्षमता को और मजबूत बनाने के लिए देश की नौसेना को परमाणु हथियारों से लैस बल के रूप में विकसित करना जरूरी है.
8 महीने बाद होगा एक और धमाका
इसके अलावा किम जोंग उन ने कहा कि उनका देश अपनी नौसैनिक ताकत का लगातार विस्तार करेगा और और भी अधिक शक्तिशाली रणनीतिक सैन्य संसाधन तैनात करेगा. उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया नौसेना को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण योजना पर काम कर रहे हैं और 8 महीने बाद पूरी दुनिया को इसका परिणाम दिखाएंगे. विश्लेषकों का मानना है कि यह योजना उत्तर कोरिया की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों के विकास से जुड़ी हो सकती है, जिसकी जानकारी पहली बार जनवरी 2021 में पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान सार्वजनिक की गई थी. दिसंबर 2025 में उत्तर कोरियाई सरकारी मीडिया ने ऐसी तस्वीरें जारी की थीं, जिनमें किम एक निर्माणाधीन 8,700 टन क्षमता वाली परमाणु-संचालित पनडुब्बी का निरीक्षण करते नजर आए थे.
क्या हैं कांग कोन युद्धपोत?
केसीएनए के मुताबिक ‘कांग कोन’ को उत्तर कोरियाई नौसेना के पूर्वी सागर बेड़े में शामिल किया जाएगा ताकि वह ‘परमाणु युद्ध रोकने वाली शक्ति’ के रूप में देश की समुद्री संप्रभुता की रक्षा कर सके.
कांग कोन को नौसेना में शामिल किए जाने की घोषणा उत्तर कोरिया के पहले 5,000 टन वाले डिस्ट्रॉयर चोए ह्योन के शामिल होने के तीन महीने से भी कम समय बाद हुई है. उत्तर कोरिया ने कहा था कि चोए ह्योन पश्चिमी समुद्री क्षेत्र की रक्षा और युद्ध को रोकने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाएगा.
दक्षिण कोरिया की मिलिट्री ड्रिल का जवाब
उत्तर कोरिया की ओर से इस कांग कोन युद्धपोत को लेकर घोषणा ऐसे वक्त में सामने आई है, जब दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान मिलकर पांच दिन फ्रीडम एज मिलिट्री एक्सरसाइज कर रहे हैं. उत्तर कोरिया ने इस मिलिट्री ड्रिल को वॉर रिहर्सल कहा है और उसके ठीक बाद इस युद्धपोत की तैनाती अकाउंस कर दी. वहीं दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ का कहना है कि ये ड्रिल सिर्फ और सिर्फ इलाके की शांति और स्थायित्व बनाए रखने के लिए है.
उत्तर कोरिया अमेरिका-रूस-चीन के क्लब में शामिल
उत्तर कोरिया ने अपने बेड़े में इस युद्धपोत को शामिल करने के बाद अपनी एंट्री उस एलीट क्लब में कर ली है, जिसमें रूस, चीन, अमेरिका शामिल हैं. सिर्फ इन्हीं तीनों देशों के पास न्यूक्लियर केपेबल नेवल डिस्ट्रॉयर हैं –
अमेरिका (Arleigh Burke-class): टॉमहॉक (Tomahawk) मिसाइल दाग सकते हैं. न्यूक्लियर संस्करण (TLAM-N) पहले था, अब मुख्य रूप से कन्वेंशनल है, लेकिन प्लेटफॉर्म डुएल-केपेबल है.
रूस (Udaloy-class, Sovremenny-class): कलिब्र (Kalibr) और जिरकॉन (Zircon) मिसाइलों के न्यूक्लियर संस्करण ले जा सकते हैं.
चीन (Type 055, Type 052D): लंबी दूरी की लैंड-अटैक क्रूज मिसाइलें (CJ-10) जो ड्यूल-केपेबल मानी जाती हैं.
उत्तर कोरिया (Choe Hyon-class, कांग कोन): हाल ही में साल 2026 दावा किया गया कि ये न्यूक्लियर-केपेबल हैं और स्टेट न्यूक्लियर काउंटरएक्शन सिस्टम का हिस्सा हैं.
About the AuthorPrateeti Pandey
में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…
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September 07, 2026, 14:31 IST



