क्या अब WhatsApp चलाने के लिए बतानी होगी उम्र? भारत में शुरू हुआ पायलट टेस्ट

Last Updated:August 07, 2026, 12:54 IST
WhatsApp Age Verification : वॉट्सऐप ने भारत में एज कन्फर्मेशन फीचर का पायल टेस्ट शुरू किया है. अभी कुछ चुनिंदा यूजर्स पर ही इसका परीक्षण हो रहा है. कंपनी का कहना है कि इससे यूजर एक्सपीरियंस में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा.
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यह टेस्ट अभी बेहद सीमित और चुनिंदा यूज़र्स के ग्रुप पर किया जा रहा है.
नई दिल्ली. वॉट्सऐप (WhatsApp) चलाने वालों के लिए एक काम की खबर है. आने वाले समय में इस मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल करने के लिए आपको अपनी उम्र बतानी (Age Confirmation) पड़ सकती है. भारत में लागू होने वाले नए डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए मेटा (Meta) के मालिकाना हक वाले वॉट्सऐप ने भारत में चुनिंदा यूज़र्स के लिए ‘एज कन्फर्मेशन’ फीचर का एक पायलट टेस्ट शुरू कर दिया है. सरल शब्दों में कहें तो कंपनी यह जांच रही है कि वह कैसे कानूनी दायरों में रहकर यूजर्स की उम्र की सही और सुरक्षित जानकारी हासिल कर सकती है.
मेटा का कहना है कि इस नए कदम को लेकर कंपनी ने कहा है कि इससे WhatsApp के इस्तेमाल पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक शुरुआती ‘पायलट टेस्ट’ है. इससे रोज़ाना के वॉट्सऐप इस्तेमाल या ओवरऑल यूज़र एक्सपीरियंस में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा. यानी न आपका अकाउंट बंद होगा और न ही इसके इस्तेमाल के तरीकों में कोई बदलाव होगा. अभी सभी के लिए अनिवार्य नहीं है. यह टेस्ट अभी बेहद सीमित और चुनिंदा यूज़र्स के ग्रुप पर किया जा रहा है.
प्राइवेसी को खतरा नहीं
यूजर की उम्र एक निजी जानकारी है.वॉट्सऐप प्रवक्ता के अनुसार, इस डेटा को किसी भी अन्य यूज़र के साथ साझा नहीं किया जाएगा और निजता की सुरक्षा के सख्त मानकों का पालन होगा.
क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
भारत में आने वाले नए डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन कानून के तहत टेक कंपनियों के लिए नाबालिगों के डेटा और उनके ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इस्तेमाल को लेकर सख्त नियम तय किए जा रहे हैं. इन्हीं नए भारतीय कानूनों का पालन करने के लिए वॉट्सऐप प्राइवेसी-फ्रेंडली तरीकों का टेस्ट कर रहा है ताकि भविष्य में नियमों को लागू करने में कोई दिक्कत न आए.
Location :
New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
August 07, 2026, 12:54 IST



