वजन कम करने वाली दवा से ब्रिटेन में 150 की मौत, डेढ़ लाख में साइड इफेक्ट, क्या यह सच है

Last Updated:August 07, 2026, 16:52 IST
Weight Loss Drugs Death: ब्रिटेन में 150 लोगों की मौत के लिए वजन कम करने वाली दवा GLP-1 को दोषी माना जा रहा है. इतना ही नहीं, 1.5 लाख लोगों ने यह भी शिकायत की है कि वजन कम करने वाली दवा के कारण उन्हें गंभीर साइड इफेक्ट्स का सामना करना पड़ा. ऐसे में इस दवा पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. भारत में हजारों लोग इस दवा का इस्तेमाल कर रहे हैं तो क्या यह दवा अब नहीं लेनी चाहिए. इसी विषय पर हमने सी के बिड़ला अस्पताल में डायबेट्स, ओब्सिटी एंड मेटाबोलिक क्लिनिक के डायरेक्टर डॉ. पारस अग्रवाल से बात की.वेट लॉस की दवा क्या सच में खराब है.
Weight Loss Drugs Death: दो साल पहले ही वजन घटाने वाला इंजेक्शन अमेरिका-ब्रिटेन में आया था. मोटापे से त्रस्त लोगों के लिए इसे संजीवनी की तरह लिया गया और देखते-देखते दुनिया के अधिकांश देशों ने इस दवा को मंजूरी दे दी. भारत में भी इस दवा को आए साल भर के करीब हो गया. लेकिन ब्रिटेन की एक हेल्थ निगरानी संस्था की नई रिपोर्ट ने खलबली मचा दी है. इस रिपोर्ट के अनुसार वजन कम करने वाली दवा GLP-1 के इस्तेमाल से अब तक 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 1.5 लाख से ज्यादा मामलों में साइड इफेक्ट्स की शिकायतें आई हैं. इस खुलासे के बाद से ही मेडिकल जगत में यह बहस छिड़ गई है कि क्या इन लोकप्रिय एंटी-ओबेसिटी दवाओं के इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगा देनी चाहिए या फिर बिना डॉक्टरी सलाह के इनके अंधाधुंध इस्तेमाल पर नकेल कसनी चाहिए. मोटापे पर काम करने वाले मशूहर डॉ. पारस अग्रवाल ने इससे होने वाले नुकसान को सिरे से खारिज कर दिया है.
क्या यह रिपोर्ट सच है
डॉ. पारस अग्रवाल ने बताया कि जब भी कोई दवा आती है तो उससे पहले कई सालों तक उसके प्रभाव को लेकर अध्ययन किया जाता है. ओजेंपिक या वीगोभी जैसी वेट लॉस की दवा गहन रिसर्च का परिणाम है. आज करोड़ों लोग मोटापे की गंभीर बीमारी से त्रस्त हैं और इसके कारण लाखों की जानें भी जाती हैं. पर GLP-1 दवा वास्तव में संजीवनी की तरह है. जिस मेडिसीन एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (MHRA) की रिपोर्ट के आधार पर ऐसी बात की जा रही है वह खुद बता रही है कि अभी इसमें और रिसर्च की जरूरत है. ऐसे में इस तरह की बातें सेंसेशन पैदा करने के सिवा कुछ नहीं है. इस रिपोर्ट में जितने लोगों को शामिल करने की बात की जा रही है उनमें एक ही मरीज ने कई तरह की शिकायतें की है. इसलिए ये आंकड़े शिकायत करने वाले लोगों की कुल संख्या को भी नहीं दर्शाते हैं. दूसरी बात इस रिपोर्ट में यह साफ नहीं है कि मौत के लिए सिर्फ वेट लॉस दवा ही जिम्मेदार है. खुद रिपोर्ट में भी यह बात कही गई है. इतना ही नहीं रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि घातक परिणाम के लिए जरूरी नहीं कि वजन कम करने वाली दवा ही जिम्मेदार हो. हो सकता है कि पहले से कोई बीमारी हो जिसका पता न चला हो. इसलिए इस रिपोर्ट पर किसी भी सूरत में भरोसा नहीं किया जाना चाहिए. अगर खुद से दवा ले रहे हैं तो हो सकता है कि वह नकली भी है. इस स्थिति में कुछ नहीं कहा जा सकता.
फिर क्या किया जाना चाहिए
डॉ. पारस अग्रवाल कहते हैं कि GLP-1 बेहद प्रभावशाली है. बेशक इसके साइड इफेक्ट्स हो लेकिन यह मोटापा और मोटापे के कारण होने वाली कई बीमारियों के जोखिम को कम करती है. अगर इसे डॉक्टरों की निगरानी में ली जाए तो इसके साइड इफेक्ट्स न के बराबर होंगे. इसकी डोज बेहद महत्वपूर्ण है. किस मरीज को कितनी डोज चाहिए यह डॉक्टर ही विभिन्न जांचों के बाद तय करते हैं. मोटापे के साथ-कौन-कौन बीमारी है, यह भी देखना बहुत जरूरी है. कई ऐसे पैरामीटर है जिन्हें पूरी तरह समझकर डॉक्टर यह निर्णय लेते हैं कि मरीज को किस तरह की दवा देनी है और कितनी देनी है. इसलिए यदि आप इस दवा का इस्तेमाल करते हैं तो पहले योग्य डॉक्टर से मिलिए. फिर तय कीजिए. अगर आप खुद से लेंगे तो आपको डोज के बारे में कोई जानकारी नहीं होगी. इस दवा का इतना प्रचार प्रसार हो गया कि लोग खुद से भी लेने लगे हैं. यह बहुत ही गलत है. इससे आप खुद को जोखिम में डाल रहे हैं. ऐसा कतई न करें. डॉक्टरों की राय से वेट लॉस की दवा लें.
कंपनियों ने क्या कहा
रिपोर्ट में बताया गया है कि ब्रिटेन में GLP-1 दवाओं के लाखों प्रिस्क्रिप्शन जारी किए जाते हैं और इन शिकायतों की संख्या कुल इस्तेमाल की तुलना में बहुत कम है. एजेंसी ने यह भी कहा कि किसी साइड इफेक्ट की रिपोर्ट की संख्या दवा के बढ़ते इस्तेमाल और संभावित साइड इफेक्ट्स के बारे में बढ़ती जागरूकता से प्रभावित हो सकती है. MHRA के एक प्रवक्ता ने कहा, सभी दवाओं की तरह GLP-1 की सुरक्षा की भी लगातार समीक्षा की जाती है. इनमें स्वतः प्राप्त होने वाले आंकड़ों और वैज्ञानिकों के सबूत भी शामिल हैं. अगर इस रिसर्च में किसी संभावित खतरों का आभास होगा तो इसे सबको बताया जाएगा. मौजूदा सबूतों के आधार पर हम कह सकते हैं कि GLP-1 का इस्तेमाल वैज्ञानिक रूप से स्वीकृत मानदंडों के तहत किया जाता है. इसलिए इसके संभावित जोखिमों से कहीं ज्यादा इसके फायदे हैं. वहीं नोवो नॉर्डिस्क के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी मरीजों की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है. उन्होंने कहा कि अन्य दवाओं की तरह इस दवा के भी साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं लेकिन यह हर व्यक्ति में अलग-अलग है और अब तक जो भी रिपोर्ट आई है उनमें फायदा कहीं ज्यादा है. एली लिली के प्रवक्ता ने कहा, हम मरीजों की सुरक्षा से जुड़ी रिपोर्ट्स को गंभीरता से लेते हैं और अपनी सभी दवाओं से जुड़ी सुरक्षा संबंधी जानकारी की सक्रिय रूप से निगरानी, मूल्यांकन और रिपोर्ट करते हैं.
About the AuthorLakshmi Narayan
लक्ष्मी नारायण पत्रकारिता जगत का ऐसा नाम हैं, जो भविष्य की आहट और ट्रेंड्स को समय से पहले भांप लेते हैं. मीडिया में 20 साल का अनुभव है और वर्तमान में न्यूज 18 …
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New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
August 07, 2026, 16:52 IST



