हसीना के गाने देख आहें भरते थे लोग, इश्क में चूर होकर स्टारडम का किया सत्यानाश, पीक पर छोड़ा बॉलीवुड हुईं गायब

Last Updated:April 20, 2026, 04:31 IST
90 के दशक की चर्चित एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी ने जब अपने करियर के सबसे सफल दौर में बॉलीवुड को अलविदा कहा, तो हर कोई हैरान रह गया. सुपरहिट फिल्में देने के बावजूद उन्होंने अचानक अध्यात्म का रास्ता चुन लिया. उनकी जिंदगी में आई एक घटना और मां से जुड़ी भावनाओं ने उनका पूरा नजरिया ही बदल दिया.
नई दिल्ली. 90 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी ने जब अपने करियर के पीक पर बॉलीवुड छोड़ा, तो हर कोई हैरान रह गया था. शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान जैसे बड़े सितारों के साथ काम कर चुकी ममता ने अचानक फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली और अध्यात्म की राह पकड़ ली.
ममता कुलकर्णी का जन्म 20 अप्रैल को एक मराठी परिवार में हुआ था. दिलचस्प बात यह है कि उन्हें हिंदी और अंग्रेजी अच्छी तरह नहीं आती थी, फिर भी उन्होंने 90 के दशक में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया. बॉलीवुड में आने से पहले उन्होंने साउथ फिल्मों में भी किस्मत आजमाई. साल 1991 में तमिल फिल्म ननबरगल से उन्होंने शुरुआत की और 1992 में तेलुगु फिल्म प्रेमा शिखराम में नजर आईं.
इसी दौरान 1992 में आई तिरंगा से उन्होंने बॉलीवुड में एंट्री की. मल्टीस्टारर फिल्म होने के बावजूद उनकी खूबसूरती और कर्ली बालों ने लोगों का ध्यान खींच लिया. इसके बाद 1993 में आई आशिक आवारा ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया. इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर का ‘न्यू फेस’ अवॉर्ड भी मिला.
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ममता खुद कई बार बता चुकी हैं कि उन्हें इंडस्ट्री में काम की कभी कमी नहीं रही. उन्हें लगातार फिल्में ऑफर होती थीं और वह ज्यादातर प्रोजेक्ट्स के लिए हां कह देती थीं.एक वक्त में उनके गाने तहलका मचा देते थे.कहां गिर बटन मेरी कुर्ती का, मुझको राणा जी माफ करना, इक मुंडा मेरी उम्र दा जैसे बोल्ड गाने देख लोग आहें भरने लगते थे. लेकिन साल 2000 के आसपास उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया और उन्होंने अध्यात्म की तरफ रुख कर लिया.
उनकी निजी जिंदगी भी काफी चर्चा में रही. दुबई के रहने वाले विक्की गोस्वामी के साथ उनके रिश्ते की खबरों के चलते इंडस्ट्री में उनके लिए काम करना मुश्किल होने लगा. कहा जाता है कि उनके इश्क में चूर होकर ममता ने स्टारडम का सत्यानाश कर लिया था. धीरे-धीरे डायरेक्टर्स उनके साथ काम करने से कतराने लगे और साल 2002 तक उन्होंने बॉलीवुड को अलविदा कह दिया.
ममता कुलकर्णी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने से पहले उन्हें 30-40 फिल्मों के ऑफर मिले थे, लेकिन तब तक उनका मन बदल चुका था. उन्होंने बताया कि उन्होंने 9 दिन तक मां की आराधना की. इसी दौरान उनकी मां का निधन हो गया. इस घटना ने उन्हें अंदर से पूरी तरह बदल दिया.
उनके मुताबिक, मां के जाने के बाद उनके अंदर फिल्मों में काम करने की कोई इच्छा नहीं बची थी. उन्होंने खुद कहा कि जिस इंडस्ट्री ने उन्हें सब कुछ दिया, उसे छोड़कर वह 23 साल तक इन सब चीजों से दूर रहीं और अब उन्हें वापसी में कोई दिलचस्पी नहीं है.
कुल मिलाकर, ममता कुलकर्णी की कहानी बताती है कि शोहरत और सफलता के बीच भी इंसान की जिंदगी में ऐसे मोड़ आ सकते हैं, जो सब कुछ बदलकर रख देते हैं. जबिक एक वक्त ऐसा भी था, जब उनके नाम से ही फिल्में हिट हो जाती थीं. उनके गाने देख तो लोग आहें भरने लगते थे.
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April 20, 2026, 04:31 IST



