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Rajasthan Ka Mausam | Rajasthan Mein Monsoon Kab Ayega | Rajasthan Mein Aaj Barish Kha hogi | Rajasthan Weather Today

Rajasthan Weather Today: भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार राजस्थान के मौसम में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. राज्य के ऊपर बने नए मौसमी सिस्टम और चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के सक्रिय होने से रेगिस्तानी इलाकों से लेकर मैदानी शहरों तक आंधी-तूफान (Thunderstorm) और बारिश (Rain) का दौर शुरू हो गया है. मौसम विभाग (IMD) ने ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों को सचेत किया है कि आगामी कुछ घंटों में मौसम का रुख और अधिक आक्रामक हो सकता है. पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में घने बादल छाए हुए हैं, जिससे भीषण गर्मी और हीटवेव (Heatwave) से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली है. राज्य में सर्वाधिक अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर में 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.

मौसम केंद्र जयपुर के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और जून के आखिरी दिनों में पूर्वी राजस्थान के हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है. वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा और उसके आसपास के क्षेत्र में सक्रिय है, जबकि मध्य स्तर की पछुआ हवाओं के साथ एक ट्रफ रेखा दक्षिण-पूर्व राजस्थान से अरब सागर तक बनी हुई है. इस ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के संयुक्त प्रभाव के कारण राज्य के तापमान (Temperature) में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा रही है और आंधी-बारिश का यह सिलसिला आने वाले दिनों में और तेज होने की उम्मीद है. जुलाई के प्रथम सप्ताह में राज्य के कई भागों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है.

जयपुर में मौसम का मिजाज और घने बादल
राजधानी जयपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही ठंडी हवाओं का दौर जारी है. मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी येलो अलर्ट के तहत जयपुर, दौसा और अलवर जिलों में कहीं-कहीं पर मेघगर्जन और तड़ित झंझावात के साथ अचानक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है. जयपुर में पिछले घंटों के दौरान अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. इसके साथ ही 1.2 मिमी वर्षपात भी दर्ज हुआ है. शाम होते-होते शहर के कई हिस्सों में हल्की बौछारें पड़ने से मौसम सुहावना हो गया है और सापेक्षिक आर्द्रता की मात्रा भी बढ़ी है.
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बीकानेर और चूरू संभाग में ऑरेंज अलर्ट का तांडवपश्चिमी राजस्थान के बीकानेर संभाग में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. IMD के अनुसार बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और झुंझुनूं जिलों में मौसम विभाग ने तात्कालिक तौर पर ऑरेंज अलर्ट लागू किया है. यहां 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली धूलभरी आंधी और गंभीर मेघगर्जन के साथ वज्रपात होने की तीव्र संभावना जताई गई है. चूरू और झुंझुनूं जिलों में कुछ स्थानों पर मध्यम से तीव्र मेघगर्जन के साथ-साथ ओलावृष्टि की भी आशंका है. तेज हवाओं और धूलभरी आंधी के कारण दृश्यता (Visibility) में भारी कमी आई है जिससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ है. फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना को देखते हुए मौसम केंद्र ने लोगों को पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी है.

मौसम विभाग (IMD) ने राजस्थान के किन जिलों के लिए सबसे भारी अलर्ट जारी किया है?मौसम विभाग (IMD) ने तात्कालिक बुलेटिन में श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, चूरू और झुंझुनूं जिलों के लिए तीव्र आंधी, मेघगर्जन और वज्रपात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा जयपुर, अजमेर, सीकर और कोटा संभागों में येलो अलर्ट जारी किया गया है.

आंधी और तूफान के दौरान दृश्यता और फसलों पर क्या असर पड़ सकता है?40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली धूलभरी आंधी के कारण दृश्यता में अचानक कमी आ सकती है. इसके साथ ही खेतों में खड़ी या कटी हुई फसलों को नुकसान पहुंचने और कमजोर संरचनाओं या टीन शेड के उड़ने की संभावित आशंका जताई गई है.

राजस्थान में मानसून की अधिकारिक एंट्री कब तक होने की संभावना है?IMD के अनुसार पूर्वी और मध्य भारत में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं. जून के अंतिम सप्ताह में पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और जुलाई के प्रथम सप्ताह में पूरे राज्य में मानसून के सक्रिय होने की प्रबल संभावना है.

खराब मौसम के दौरान मौसम केंद्र जयपुर ने क्या गाइडलाइन जारी की है?मेघगर्जन और आंधी के समय संवेदनशील स्थानों जैसे बड़े पेड़ों, बिजली के खंभों, कच्चे घरों या दीवारों के पास खड़े होने से बचें. वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने और बिजली के उपकरणों को अनप्लग करने की सलाह दी गई है.

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