नागौर में सड़कों का होगा कायाकल्प! 12.50 करोड़ से हर विधानसभा क्षेत्र में सुधरेंगी टूटी सड़कें, बदलेगी तस्वीर

Last Updated:May 03, 2026, 10:59 IST
Nagaur Road Repair Project: नागौर जिले में सड़क व्यवस्था को सुधारने के लिए एक बड़ी योजना शुरू की जा रही है. इसके तहत हर विधानसभा क्षेत्र में खराब और जर्जर सड़कों की मरम्मत की जाएगी, जिसके लिए करीब 12.50 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है. इस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवागमन को सुगम बनाना और लोगों को बेहतर सड़क सुविधाएं प्रदान करना है. लंबे समय से खराब सड़कों के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, जिसे ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है. प्रशासन के अनुसार, जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा.
नागौर जिले में सड़क विकास को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया गया है. जिला मुख्यालय को गांवों और विधानसभा क्षेत्र से जोड़ने के लिए जिले के सभी पांचों विधानसभा क्षेत्रों में सड़क निर्माण और सुधार कार्य किए जाएंगे. इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करना है, ताकि लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और विकास की गति तेज हो सके.
वहीं, 7 करोड़ रुपये की लागत से नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा. यह नई सड़कें उन क्षेत्रों में बनाई जाएंगी जहां अब तक सड़क सुविधा उपलब्ध नहीं है या बहुत सीमित है. इससे दूर-दराज के गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ा जाएगा, जिससे विकास के नए अवसर पैदा होंगे और शहरों से गांवों की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी. अभी नागौर से बहुत से ऐसे गांव हैं जहां सड़के नहीं बनी है या टूट चुकी है.
जानकारी के अनुसार, 5.5 करोड़ रुपये की राशि से उन सड़कों की मरम्मत की जाएगी जो लंबे समय से खराब स्थिति में हैं या जिनका संपर्क अन्य मार्गों से टूटा हुआ है. इन सड़कों को सुधारकर यातायात को सुगम बनाया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ किसानों और व्यापारियों को भी फायदा होगा.
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सरकार ने इस योजना के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 12.50 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है. इस राशि का उपयोग मिसिंग लिंक सड़कों को सुधारने और नई सड़कों के निर्माण के लिए किया जाएगा. इससे उन क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलेगा जहां अब तक सड़क सुविधा पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई है.
सरकार ने इन प्रस्तावों को भेजने का समय भी निर्धारित किया है. इसके बाद प्रस्तावों की स्वीकृति मिलने पर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा. इससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी कार्य तय समयसीमा में पूरे हों और लोगों को जल्द से जल्द बेहतर सड़क सुविधा मिल सके. इस योजना के तहत नागौर जिले में कुल लगभग 375 किलोमीटर सड़कों का निर्माण और सुधार किया जाएगा.
इस पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए जिला कलेक्टर को जिम्मेदारी सौंपी गई है. कलेक्टर एक तीन सदस्यीय समिति के साथ मिलकर इन सड़कों के प्रस्ताव तैयार करेंगे और सरकार को भेजेंगे. इस समिति में पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता भी शामिल होंगे, जो तकनीकी पहलुओं का ध्यान रखेंगे.
सरकार के अनुसार नागौर के मेड़ता, खींवसर, जायल, डेगाना और नागौर विधानसभा क्षेत्रों में कुल 63 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. यह परियोजना जिले के विकास में अहम भूमिका निभाएगी और क्षेत्र की आर्थिक व सामाजिक स्थिति को मजबूत बनाएगी. आपको बता दें नागौर के कई क्षेत्र में लोग सड़के बनाने की मांग कर रहे थे. अलग-अलग क्षेत्र की मांग के अनुसार सरकार ने नागौर के संपूर्ण विधानसभा क्षेत्र में नई सड़के और सड़कों के मरम्मत के कार्य को लेकर यह योजना बनाई है.
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