RSS March Route: एग्मोर से कोलाथुर तक गूंजेंगी कदमताल, तमिलनाडु में 128 जगहों पर RSS के पथ संचलन को हाईकोर्ट की हरी झंडी

Last Updated:October 25, 2026, 11:25 IST
RSS March Route: राज्य सरकार से मंजूरी न मिलने के बाद कानूनी जंग जीतकर आरएसएस तमिलनाडु की सड़कों पर कदमताल करने जा रहा है. मद्रास हाईकोर्ट के हरी झंडी देने के बाद 25 अक्टूबर को चेन्नई समेत राज्य के कई हिस्सों में संघ का रूट मार्च निकाला जाएगा.तमिलनाडु में आरएसएस को मार्च निकालने की इजाजत मिल गई है.
RSS March Route: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) 25 अक्टूबर को चेन्नई और तमिलनाडु के अन्य हिस्सों में रूट मार्च निकालेगा. मद्रास हाईकोर्ट ने संगठन को 25 अक्टूबर और 2 नवंबर को राज्यभर में 128 जगहों पर जुलूस निकालने की इजाजत दी है. इसी आदेश के बाद रविवार का कार्यक्रम हो रहा है. रविवार के मार्च के लिए चेन्नई और उसके उपनगरीय इलाकों में सात जगहों को तय किया गया है. इनमें तिरुवोट्टियूर, कोलाथुर, एग्मोर, कोराट्टूर, अय्यप्पनथांगल, मेदावक्कम और क्रोमपेट शामिल हैं.
ये जुलूस संगठन के सालाना विजयादशमी कार्यक्रमों का हिस्सा हैं, जिसमें वर्दी पहने स्वयंसेवक मार्च और जनसभाओं में हिस्सा लेते हैं. एग्मोर में जुलूस रविवार शाम 4 बजे रामदा होटल के पास से शुरू होगा और राजरत्नम स्टेडियम के पास खत्म होगा. संगठन के कार्यक्रम के अनुसार समापन स्थल पर एक जनसभा भी होगी.
कोलाथुर में मार्च दोपहर 3 बजे पेरावल्लूर में कामराज प्रतिमा के पास से शुरू होगा. संगठन ने अलग-अलग जुलूसों के लिए अलग समय और जगह तय की है, जहां प्रतिभागी मार्च शुरू होने से पहले इकट्ठा होंगे. हाईकोर्ट की यह इजाजत आरएसएस के प्रदेश सचिव जगदीशन की याचिका पर आई है. राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित कार्यक्रमों की मंजूरी न दिए जाने के बाद उन्होंने याचिका दायर की थी.
याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने दो तय तारीखों पर 128 जगहों पर मार्च की इजाजत दे दी. संगठन ने अपने शताब्दी समारोह के तहत पूरे राज्य में इस कार्यक्रम के लिए अनुमति मांगी थी. आरएसएस की स्थापना विजयादशमी 1925 को हुई थी. 2025 में उसने 100 साल पूरे कर लिए हैं और अब वह देश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यक्रमों के जरिए अपनी दूसरी शताब्दी में प्रवेश का जश्न मना रहा है. विजयादशमी का संगठन के लिए खास महत्व है क्योंकि यह उसकी स्थापना का प्रतीक है.
इसके सालाना कार्यक्रमों में परंपरागत रूप से वर्दीधारी स्वयंसेवकों के जुलूस और फिर सभाएं शामिल होती हैं, जहां वक्ता प्रतिभागियों और समर्थकों को संबोधित करते हैं. आरएसएस के अनुसार तमिलनाडु में करीब सात दशकों से रूट मार्च आयोजित किए जा रहे हैं. हालांकि इन आयोजनों की अनुमति को लेकर पहले भी संगठन और राज्य सरकार के बीच विवाद होता रहा है.
पिछली डीएमके सरकार के कार्यकाल में भी अनुमति न मिलने के बाद संगठन ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. बाद में सुप्रीम कोर्ट तक की कार्यवाही के बाद न्यायिक मंजूरी मिलने पर ही मार्च निकाले गए थे. 25 अक्टूबर के कार्यक्रम हाईकोर्ट के ताजा आदेश के तहत होंगे. इस अनुमति के तहत बचे हुए जुलूस 2 नवंबर को निकाले जाएंगे, जिसके साथ 128 जगहों पर संगठन का तय कार्यक्रम पूरा होगा.
About the Authorराकेश रंजन कुमार
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…
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Chennai,Tamil Nadu
First Published :
October 25, 2026, 11:25 IST



