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Sarika Chaudhary IPS Success Story: स्कूल-कॉलेज की टॉपर UPSC में 4 बार फेल, परीक्षा से ठीक पहले बिगड़ी तबियत, अब हैं IPS अफसर

Last Updated:August 22, 2026, 14:18 IST

Sarika Chaudhary IPS Success Story: स्कूल-कॉलेज की टॉपर रहीं सारिका चौधरी यूपीएससी के शुरुआती 4 प्रयासों में प्रीलिम्स भी पास नहीं कर पाई थीं. फिर उन्होंने अपने डर और घबराहट पर जीत पाई, माइग्रेन का दर्द झेला और 5वें अटेंप्ट में AIR 548 लाकर आईपीएस अफसर बन गईं. पढ़िए सहारनपुर की नई एएसपी सारिका चौधरी की सक्सेस स्टोरी.UPSC में 4 बार फेल, परीक्षा से ठीक पहले बिगड़ी तबियत, अब हैं IPS अफसरZoomSarika Chaudhary IPS Success Story: आईपीएस सारिका चौधरी यूपीएससी में 4 बार फेल हुई थीं

नई दिल्ली (Sarika Chaudhary IPS Success Story). हौसलों में जान हो तो बार-बार मिलने वाली असफलताएं भी रास्ते का रोड़ा नहीं बन सकतीं. इसकी जीती-जागती मिसाल हैं उत्तर प्रदेश कैडर की साल 2024 बैच की आईपीएस अधिकारी सारिका चौधरी. 20 अगस्त 2026 को योगी सरकार ने 23 आईपीएस अफसरों को नई तैनाती दी. इसमें सारिका चौधरी को सहायक पुलिस आयुक्त से सहारनपुर का नया एएसपी नियुक्त किया गया है. इस खाकी वर्दी को पाने के पीछे उनके संघर्ष की कहानी बहुत मोटिवेशनल है.

बचपन से ही स्कूल और कॉलेज में टॉप करने वाली सारिका चौधरी के लिए सिविल सर्विस की तैयारी का रास्ता आसान नहीं था. उन्हें एक के बाद एक लगातार झटके लगे. वे लगातार 4 प्रयासों में यूपीएससी की प्रीलिम्स परीक्षा तक क्लियर नहीं कर पाई थीं. लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी कमियों को समझा, दिमाग से ‘पीछे छूट जाने के डर’ यानी FOMO (Fear of Missing Out) को निकाला और 5वें प्रयास में गेम पलट दिया. पढ़िए आईपीएस सारिका चौधरी की सक्सेस स्टोरी.

बिट्स पिलानी और JNU की पढ़ाई छोड़कर चुनी सिविल सेवा की राह

1 जनवरी 1994 को जन्मीं सारिका चौधरी राजस्थान के झुंझुनूं (पिलानी) की रहने वाली हैं. उनके पिता मुकेश चौधरी तहसीलदार और मां सुमन चौधरी सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल थीं. 12वीं में टॉप करने के बाद सारिका को बिट्स पिलानी में एडमिशन मिल गया था. लेकिन उन्होंने इंजीनियरिंग छोड़कर दिल्ली के हिंदू कॉलेज से ग्रेजुएशन और मास्टर्स किया. वह वहां भी कॉलेज टॉपर रहीं. इसके बाद जेएनयू से PhD करते समय उनका रुझान सिविल सेवा की तरफ हुआ. फिर उन्होंने पीएचडी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी.

शुरुआती 4 प्रयासों में प्रीलिम्स में ही फेल

साल 2019 से 2022 तक सारिका चौधरी ने लगातार 4 बार यूपीएससी की परीक्षा दी, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी. इन चारों प्रयासों में सारिका यूपीएससी प्रीलिम्स की सीढ़ी भी पार नहीं कर पाईं. यूपीएससी परीक्षा में लगातार मिल रही नाकामी किसी को भी तोड़ सकती थी. लेकिन सारिका चौधरी ने खुद को संभाला. उन्होंने हार मानने के बजाय हर गलती से सीखा और 2023 में पांचवीं बार फिर से यूपीएससी सीएसई परीक्षा देने का फैसला किया.

FOMO और माइग्रेन अटैक को हराकर पाई सफलता

यूपीएससी के पांचवें अटेंप्ट से पहले सारिका FOMO (Fear of Missing Out) यानी बाकी लोगों से पीछे छूट जाने के डर से जूझ रही थीं. दोस्तों का सिलेक्शन न होना और परीक्षा का तनाव उनका हौसला डगमगा रहा था. लेकिन उन्होंने मन को शांत किया, अपने सोर्स सीमित रखे और केवल अपनी तैयारी पर ध्यान दिया. यूपीएससी मेंस एग्जाम से ठीक 10 दिन पहले उन्हें माइग्रेन का गंभीर अटैक आया. फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. आखिरकार सारिका चौधरी ने 5वें प्रयास में ऑल इंडिया 548वीं रैंक हासिल की.

About the AuthorDeepali PorwalSenior Sub Editor

Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is kno…

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August 22, 2026, 14:18 IST

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