हाफिज सईद को पाकिस्तान से घसीटकर लाएगा भारत, लाहौर तक पहुंचेगा NIA का समन – India will Serve Pahalgam attack mastermind Hafiz Saeed Summon In Lahore

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हाफिज सईद को पाकिस्तान से घसीटकर लाएगा भारत, लाहौर तक पहुंचेगा NIA का समन
Last Updated:August 22, 2026, 14:07 IST
Hafiz Saeed News: भारत ने पाकिस्तान के टुकड़ों पर पल रहे लश्कर सरगना हाफिज सईद के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दयिा है. पहलगाम आतंकवादी हमला मामले में NIA डिप्लोमेटिक चैनल के माध्यम से हाफिज सईद को समन तामील कराने की तैयारी कर रही है.मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद को भारत लाने की तैयारी के तहत अहम कदम उठाया जा रहा है. (फोटो: Reuters)
Hafiz Saeed News: लश्कर-ए-तैयबा के सरगना और दुर्दांत आतंकवादी हाफिज मुहम्मद सईद पर शिकंजा कसता जा रहा है. साल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के मामले में भारत ने हाफिज सईद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अब विशेष अदालत की ओर से जारी गैर-जमानती वारंट के बाद सईद को लाहौर में अदालत का समन कूटनीतिक माध्यम से तामील कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक, समन विदेश मंत्रालय (MEA) के जरिए पाकिस्तान भेजा जाएगा.
NIA ने जुलाई 2026 में दाखिल पूरक आरोपपत्र में हाफिज सईद को पहलगाम हमले की साजिश से जोड़ते हुए आरोपी बनाया है. एजेंसी ने उसे व्यक्तिगत तौर पर और लश्कर-ए-तैयबा तथा द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के सरगना के रूप में नामित किया है. आरोपपत्र में उस पर भारत के खिलाफ साजिश रचने और युद्ध छेड़ने में भूमिका निभाने के आरोप लगाए गए हैं. इसके बाद जम्मू की विशेष NIA अदालत ने जुलाई में हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था. अब समन की तामील की प्रक्रिया इस दिशा में अहम कदम मानी जा रही है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सईद को अदालत के समक्ष पेश होने का औपचारिक अवसर दिया गया था. यदि वह समन के बावजूद अदालत में पेश नहीं होता और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है.
अनुपस्थिति में सुनवाई का रास्ता
भारत नए आपराधिक कानूनों के तहत ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है, जहां आरोपी देश से बाहर है और उसकी गिरफ्तारी या प्रत्यर्पण संभव नहीं हो पा रहा है. भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 356 में घोषित अपराधी के खिलाफ कुछ निर्धारित शर्तों के तहत उसकी अनुपस्थिति में जांच, सुनवाई या फैसला किए जाने का प्रावधान है. सरकार का जोर इस बात पर है कि सईद के खिलाफ अनुपस्थिति में मुकदमा शुरू करने से पहले सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जाएं. लाहौर में अदालत के समन की तामील का प्रयास इसी प्रक्रिया का हिस्सा है. इससे भारत के पास यह आधिकारिक रिकॉर्ड भी होगा कि उसने आरोपी को भारतीय न्यायिक प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर देने के लिए उपलब्ध कानूनी और कूटनीतिक माध्यमों का इस्तेमाल किया.
पाकिस्तान पर बढ़ सकता है दबाव
लश्कर सरगना हाफिज सईद के खिलाफ पहलगाम हमला मामले मामले में मजबूत न्यायिक रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया का असर भारत-पाकिस्तान संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी पड़ सकता है. सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह कदम आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती दे सकता है. खासतौर पर टेरर फाइनेंशिंग और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) से जुड़े विमर्श में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर आरोप लगाता रहा है कि उसकी जमीन पर मौजूद आतंकी सरगनाओं के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं की जाती. पाकिस्तान का कहना है कि हाफिज सईद टेरर फाइनेंशिंग से जुड़े मामलों में कनविक्शन के बाद हिरासत में है. इसके बावजूद भारतीय एजेंसियां उसे पहलगाम हमले समेत व्यापक आतंकी साजिशों से जोड़ती रही हैं.
भारत का प्लान
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा प्रक्रिया का व्यापक उद्देश्य उन कानूनी अड़चनों को दूर करना है, जिनका फायदा विदेश में रह रहे या न्यायिक प्रक्रिया से बच रहे आतंकवाद के आरोपियों को मिल सकता है. हाफिज सईद के खिलाफ समन की तामील से लेकर आगे की संभावित कार्रवाई तक भारत यह सुनिश्चित करना चाहता है कि पहलगाम हमले के मामले में हर जरूरी कानूनी कदम रिकॉर्ड पर हो. इसके बाद यदि वह अदालत के समक्ष पेश नहीं होता है, तो BNSS के तहत उसकी अनुपस्थिति में मुकदमे की दिशा में आगे बढ़ने का आधार तैयार हो सकता है.
Location :
New Delhi,Delhi
First Published :
August 22, 2026, 13:45 IST



