महाराष्ट्र सियासत में उबाल, शिवसेना यूबीटी संकट पर शरद पवार बैठक

Last Updated:June 17, 2026, 12:20 IST
Sharad Pawar Calls Key Meeting Of MPs: शिवसेना यूबीटी के घर में आग लगी है. कई सांसद बगावत पर उतारू हैं. उद्धव ठाकरे के नौ में से छह सांसद एकनाथ शिंदे खेमे में जा सकते है. इस बीच इस बगावत की तपिश शरद पवार तक पहुंचने लगी है. इस संकट के बीच उन्होंने अपने एनसीपी सांसदों की अहम बैठक बुलाई है.
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शिवसेना यूबीटी में टूट की तपिश शरद पवार तक पहुंचने लगी है. उन्होंने अपने सांसदों की एक अहम मीटिंग बुलाई है.
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. शिवसेना (यूबीटी) में संभावित बगावत की खबरों के बीच अब एनसीपी (शरद पवार) खेमे में भी बेचैनी बढ़ती दिखाई दे रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हालात पर नजर रखते हुए वरिष्ठ नेता शरद पवार ने अपनी पार्टी के सांसदों की एक अहम बैठक बुलाने का फैसला किया है. बताया जा रहा है कि अगले एक-दो दिनों के भीतर यह बैठक हो सकती है. इसका मकसद मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों की समीक्षा करना और पार्टी सांसदों के साथ सीधा संवाद करना है.
उद्धव गुट में संकट ने बढ़ाई चिंता
महाराष्ट्र में इस समय सबसे ज्यादा चर्चा शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट की है. रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे गुट के नौ में से छह सांसद बगावटी रुख अपना चुके हैं. बताया जा रहा है कि ये सांसद दिल्ली पहुंच गए हैं और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के संपर्क में हैं. हालांकि अभी तक इन सांसदों की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन इन खबरों ने महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल ला दिया है. उद्धव ठाकरे खेमे के नेता लगातार टूट को रोकने की कोशिश में जुटे हैं.
संजय राउत ने दी खुली चेतावनी
इस बीच मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने बागी नेताओं पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि इन सांसदों को पार्टी ने टिकट दिया था और कार्यकर्ताओं ने उन्हें जिताने के लिए खून-पसीना बहाया था. राउत ने साफ शब्दों में कहा कि अगर कोई पार्टी के साथ विश्वासघात करता है तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि सभी सांसदों ने हालिया बैठक में उद्धव ठाकरे के साथ रहने का भरोसा दिया था. इसके बावजूद अगर कोई अलग रास्ता चुनता है तो पार्टी कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर कार्रवाई करेगी.
शरद पवार क्यों हुए सतर्क?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिवसेना (यूबीटी) में चल रही उथल-पुथल ने शरद पवार की चिंता बढ़ा दी है. लोकसभा में एनसीपी (शरद पवार) के नौ सांसद हैं. ऐसे में अगर महाराष्ट्र की राजनीति में फिर से दल-बदल का दौर शुरू होता है तो उसकी आंच एनसीपी तक भी पहुंच सकती है. यही वजह है कि शरद पवार किसी भी संभावित संकट से पहले अपने सांसदों के साथ संवाद करना चाहते हैं.
पहले भी झेल चुके हैं बड़ी टूट
शरद पवार के लिए यह चिंता नई नहीं है. 2022 में उनके भतीजे दिवंगत अजीत पवार ने पार्टी में बड़ी बगावत कर दी थी. इसके बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी दो हिस्सों में बंट गई थी. उस टूट ने महाराष्ट्र की राजनीति की तस्वीर बदल दी थी. अजीत पवार बाद में सत्ता पक्ष के साथ चले गए थे, जबकि शरद पवार ने अलग संगठन खड़ा किया. हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में शरद पवार ने जोरदार वापसी की. उनकी पार्टी ने आठ सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया. लेकिन उसी वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी और उसे केवल 10 सीटों पर संतोष करना पड़ा.
महाराष्ट्र में बदल रहा है राजनीतिक समीकरण
राज्य की राजनीति पिछले कुछ वर्षों से लगातार अस्थिर रही है. पहले शिवसेना टूटी. फिर एनसीपी में विभाजन हुआ. अब एक बार फिर उद्धव ठाकरे की पार्टी में संकट की खबरें सामने आ रही हैं. ऐसे माहौल में हर राजनीतिक दल अपने सांसदों और विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश कर रहा है. शरद पवार की प्रस्तावित बैठक को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
About the Authorसंतोष कुमार
न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें
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