Sirohi News: सिरोही के वेस्ट बनास बांध में पानी की कमी, किसान बोले- इस बार अच्छी आवक की आस

Last Updated:August 19, 2026, 14:08 IST
सिरोही जिले के सबसे बड़े वेस्ट बनास बांध में इस बार पानी की आवक पिछले साल के मुकाबले काफी कम रही है. बुधवार तक बांध में 271.8 एमसीएफटी पानी की आवक हुई, जो कुल भराव क्षमता का महज 20 प्रतिशत है. बांध से पिंडवाड़ा और आबूरोड तहसील के करीब 36 गांवों को सिंचाई के लिए पानी मिलता है, ऐसे में कम आवक ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है.
सिरोही जिले के सबसे बड़े बांध पिंडवाडा तहसील के धनारी गांव स्थित वेस्ट बनास बांध में इस बार पानी की पिछले वर्ष के मुकाबले कम आवक हुई है. जिले का यह बांध मानसून सीजन में जिलेवासियों के लिए किसी पिकनिक स्पॉट से काम नहीं होता हैं. बांध के किनारे जहां के सुंदर नजारों को देखते हुए फास्ट फूड का लोग आनंद लेते नज़र आते हैं. बारिश शुरू होने के साथ ही यहां लोगों की चहल-पहल भी बढ़ने लगती है. यह बांध जल संसाधन विभाग के अधीन है.
जिले से गुजरने वाली सबसे लंबी नदी वेस्ट बनास पर बना ये बांध आबूरोड, पिंडवाड़ा तहसील के कई गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाने का काम करता है. इस बांध का निर्माण 1965–66 में पूरा हुआ था. स्वरूपगंज से आबूरोड तहसील होते हुए गुजरात जाने वाली वेस्ट बनास नदी पर बना ये बांध करीब 36 गांवों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाता है.
जल संसाधन विभाग के मुताबिक वेस्ट बनास डेम की कुल भराव क्षमता 1380.08 एमसीएफटी है. बांध का गेज 24 फीट का है. वेस्ट बनास बांध का कुल कैचमेंट एरिया 501.76 वर्ग किलोमीटर है. बनास बांध की 4 किलोमीटर की पाल बनी हुई है. इस पाल के किनारे से ही नेशनल हाइवे 27 उदयपुर–आबूरोड–पालनपुर गुजरता हैं. ऐसे में मानसून के सीजन में यहां कई पर्यटक वाहनो से भी लोग रुक कर बांध के नजारे को देखने लगते हैं.
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बांध में पानी की आवक की बात करें, तो इस बार कुल भराव क्षमता के मुकाबले 20 प्रतिशत ही पानी की आवक हुई है. जो पिछले वर्ष के मुकाबले काफी कम है. बुधवार तक इस बांध में 271.8 एमसीएफटी पानी की आवक हुई है. ऐसे में इस बांध में कम पानी आने से कई गांव के किसानों को चिंता भी सता रही है. स्थानीय रहवासी नाथूसिंह ने बताया कि ये बांध जिले का महत्त्वपूर्ण बांध है. इस बांध के पानी से किसानों को काफी उम्मीदें होती है.
इस बांध में होने वाली पानी की आवक से आसपास के कई गांव के कुएं भी रिचार्ज होते हैं. यह बांध कई जलीय जीव जंतुओं का भी घर है. कई दशकों से इस बांध से निकलने वाली दो नहरें पिंडवाड़ा व आबूरोड तहसील के गांवों की भूमि सिंचित करने का काम करती है. अच्छी पानी की आवक होने पर साल में तीन बार नहरों से पाण दी जाती है. यहां बनी नहरों में एक आरएमसी नहर की लम्बाई 34.74 किमी और दूसरी एलएमसी नहर की लम्बाई 21.64 किमी है. इन दो नहरों से 5 माइनर कैनाल निकलती है.
वेस्ट बनास नदी पर बने इस बांध के बाद गुजरात में दांतीवाड़ा बांध बना हुआ हैं. इस नदी का राजस्थान में केवल 50 किलोमीटर हिस्सा ही है. वेस्ट बनास बांध के ओवरफ्लो का पानी बनास नदी में मिलकर गुजरात के दांतीवाड़ा बांध में जाता है. इस बांध में पानी की आवक ज्यादा होने पर गुजरात के कई गांवों में खतरे की घंटी भी मंडराने लगती हैं.
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August 19, 2026, 14:08 IST



