Solar energy series 6th story: solar power in winter| सौर ऊर्जा-6: गर्मी तो ठीक! सर्दी में सोलर पैनल कितनी बिजली देते हैं?

Last Updated:June 08, 2026, 16:29 IST
Solar Energy Series 6th Story: न्यूज18हिंदी की सौर ऊर्जा-सोलर पैनल्स सीरीज में आज पढ़िए छठी स्टोरी. ‘हमें गर्मियों में तो भरपूर धूप मिलती है, लेकिन सर्दियों में सोलर पैनल कैसे काम करते हैं? अगर कोई घर पूरी तरह से सोलर पावर (सौर ऊर्जा) पर निर्भर है, तो क्या उसे सर्दियों में भी पर्याप्त बिजली मिल पाएगी? आइए जानते हैं सीईईडब्ल्यू एक्सपर्ट भावना त्यागी की राय
सौर ऊर्जा-6: गर्मी तो ठीक! सर्दी में सोलर पैनल कितनी बिजली देते हैं, बस सौर-पॉवर से चल जाता है खर्च?
Solar Energy series 6th story: जब तक सूरज रहेगा, सौर ऊर्जा रहेगी. यही वजह है कि कभी न खत्म होने वाली ऊर्जा को इस्तेमाल करने के लिए लोगों को सलाह दी जा रही है. सरकार भी हर घर सूर्य बिजली योजना के तहत लोगों को सोलर पैनल्स लगवाने की सलाह दे रही है ताकि सौर बिजली में देश आत्मनिर्भर हो सके. हर किसी का अपना रूफटॉप सोलर सिस्टम हो और हर किसी की अपनी खुद की बिजली हो. न बिजली कटौती हो और न बिजली के बिल का झंझट हो.
हालांकि गर्मी में तो आसमान में धूप खिली रहती है और सुबह से लेकर शाम तक सोलर पैनल्स इतनी बिजली पैदा कर देते हैं कि एक घर में पूरी इस्तेमाल भी नहीं हो पाती, लेकिन सर्दियों में क्या? ठंडों में जब सूरज राजा भी दुबके रहते हैं और आसमान में अंधेरा और धुंध छाया रहता है तो ये सोलर पैनल्स कैसे काम करते हैं? क्या ये बिजली बनाते हैं? क्या इस बिजली से पूरे घर का खर्च चल जाता है? अगर कोई घर सिर्फ सोलर पैनल्स पर निर्भर हो जाए तो उस घर में 24 घंटे रोशनी रह सकती है?
‘सौर ऊर्जा-सोलर पैनल’ को लेकर चलाई जा रही hindi की सीरीज की छठी कहानी में आइए काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर की प्रोग्राम लीड भावना त्यागी से जानते हैं सभी सवालों के जवाब विस्तार से…
‘हमें गर्मियों में तो भरपूर धूप मिलती है, लेकिन सर्दियों में सोलर पैनल कैसे काम करते हैं?
भावना त्यागी कहती हैं, ‘सोलर पैनल सर्दियों में भी काम करते हैं क्योंकि वे बिजली बनाने के लिए धूप (सूर्य की रोशनी) का इस्तेमाल करते हैं, न कि उसकी गर्मी का. हालांकि सर्दियों में दिन छोटे होते हैं और धूप भी कमजोर होती है, इसके बावजूद सोलर पैनल बिजली बना सकते हैं, लेकिन उसकी मात्रा कम हो जाती है.’
अगर कोई घर पूरी तरह से सोलर पावर (सौर ऊर्जा) पर निर्भर है, तो क्या उसे सर्दियों में भी पर्याप्त बिजली मिल पाएगी?
About the Authorप्रिया गौतमSenior Correspondent
Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi..com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें
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‘हमें गर्मियों में तो भरपूर धूप मिलती है, लेकिन सर्दियों में सोलर पैनल कैसे काम करते हैं?
भावना त्यागी कहती हैं, ‘सोलर पैनल सर्दियों में भी काम करते हैं क्योंकि वे बिजली बनाने के लिए धूप (सूर्य की रोशनी) का इस्तेमाल करते हैं, न कि उसकी गर्मी का. हालांकि सर्दियों में दिन छोटे होते हैं और धूप भी कमजोर होती है, इसके बावजूद सोलर पैनल बिजली बना सकते हैं, लेकिन उसकी मात्रा कम हो जाती है.’
अगर कोई घर पूरी तरह से सोलर पावर (सौर ऊर्जा) पर निर्भर है, तो क्या उसे सर्दियों में भी पर्याप्त बिजली मिल पाएगी?
भावना बताती हैं, ‘कोई भी घर हर समय अपनी पूरी बिजली के लिए सिर्फ सोलर पैनल पर निर्भर नहीं रह सकता है, क्योंकि सोलर पैनल सिर्फ दिन में यानी धूप होने पर ही बिजली बनाते हैं. चौबीसों घंटे (24/7) लगातार बिजली पाने के लिए, सोलर सिस्टम को जरूरत से काफी बड़ा लगाना होगा. साथ ही, इसके साथ बैटरी लगानी होगी ताकि दिन में बनने वाली अतिरिक्त बिजली को स्टोर किया जा सके और उसका इस्तेमाल रात में या कम धूप वाले दिनों में किया जा सके.’
यह सोलर सिस्टम और सोलर एनर्जी बैकअप भी पॉवर बैकअप की तरह ही काम करता है, जैसे दिनभर बिजली आती है और न आने पर इन्वर्टर बैटरी के स्टोर बिजली को घर को सप्लाई करता है, ठीक उसी तरह सोलर ऊर्जा से बनी बिजली भी बैटरी में स्टोर हो जाती है और जरूरत पड़ने पर घर के काम आती है.
सर्दियों में क्या आती है मुख्य समस्या?
सर्दियों में दिन छोटे होते हैं और सूर्य की किरणें अपेक्षाकृत कम तीव्र होती हैं. इसके कारण सोलर पैनल गर्मियों की तुलना में कम बिजली पैदा करते हैं. उत्तर भारत में दिसंबर-जनवरी के दौरान कई दिनों तक कोहरा और बादल भी बने रह सकते हैं, जिससे उत्पादन और घट जाता है. बारिश के मौसम में भी गर्मी के मुकाबले सोलर बिजली उत्पादन कमजोर पड़ जाता है.
फिर लोग पूरे साल सोलर से कैसे बिजली लेते हैं? सोलर पैनल से पैदा बिजली के इस्तेमाल के लिए आमतौर पर तीन चीजों का ध्यान रखा जाता है.
भारत में कितना असर पड़ता है?भारत के अधिकांश हिस्सों में सर्दियों में सोलर उत्पादन गर्मियों की तुलना में लगभग 20% से 40% तक कम हो सकता है. हालांकि ठंडा मौसम पैनलों की कार्यक्षमता बढ़ाता है, और ऐसे पैनल ज्यादा दिनों तक चलते हैं लेकिन कम धूप और छोटे दिन कुल उत्पादन को घटा देते हैं.
मान लीजिए किसी घर में 5 किलोवाट का सोलर सिस्टम है तो गर्मियों में यह रोजाना लगभग 20–25 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है. जबकि सर्दियों में यही उत्पादन घटकर लगभग 12–18 यूनिट प्रतिदिन रह सकता है. हालांकि कुछ जगहों पर जहां धूप ज्यादा और अच्छी खिलती है वहां अंतर आ सकता है.
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