PM Modi Address To Nation | PM Modi Past Address | 12 साल में 13 बार, पीएम मोदी ने कब-कब देश के नाम संदेश दिया? तब क्या कहा था? सबकी टाइमलाइन

PM Modi Address to Nation: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी कि शनिवार की रात 8 बजकर 30 मिनट पर देश को संबोधित करेंगे. पीएम का राष्ट्र के नाम संबोधन आम बात नहीं है. इस बार पीएम मोदी का संबोधन शुक्रवार को लोकसभा में नहीं पास हुए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ यानी कि ‘महिला आरक्षण बिल’ हो सकता है. राजनीति जानकारों का मानना है कि जब कोई खास मौका होता है, सरकार बात आम जनता तक पहुंचानी होती है, तब पीएम मोदी राष्ट्र के नाम संबोधित करते हैं. अमूमन पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन रात के 8 बजे के करीब होता है. और जब उनका संबोधन होता है, तो लोगों की धड़कनें तो बढ़ ही जाती है.
इससे पहले पीएम मोदी की साल 2016 में नोटबंदी का ऐलान ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था. इस घोषणा में महज चार घंटों में 500 और हजार के नोट चलन से बाहर हो गया, जिसकी वजह से काले धन, भ्रष्टाचार, नकली नोट और आतंकवाद को वित्तपोषण करने वाले वालों को संभलने का मौका नहीं मिला. हालांकि, इसके बाद कई मौकों जैसे कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A खत्म करने, कृषि कानून की वापसी, कोविड महामारी, लॉकडाउन समेत कई मौकों पर पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन दिया है.
8 नवंबर 2016: 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात 8:00 बजे दूरदर्शन के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित करते हुए नोटबंदी की ऐतिहासिक घोषणा की थी. काले धन, भ्रष्टाचार, नकली नोट और आतंकवाद को वित्तपोषण पर अंकुश लगाने के लिए पीएम मोदी ने आधी रात से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट को चलन से बंद करने की घोषणा की.
31 दिसंबर 2016: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 दिसंबर 2016 को नए साल की पूर्व संध्या पर राष्ट्र को संबोधित किया था। यह संबोधन नोटबंदी (8 नवंबर 2016) के 50 दिन पूरे होने के बाद हुआ था.
27 मार्च 2019: भारत के एंटी-सैटेलाइट (ASAT) मिसाइल टेस्ट की घोषणा. पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए भारत की पहली एंटी-सैटेलाइट (ASAT) मिसाइल मिशन शक्ति की सफलता की घोषणा की
8 अगस्त 2019: संसद द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A को निष्प्रभावी करने के बाद पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया. पीएम ने भरोसा दिया कि अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में नया युग शुरू होगा, जहां विकास, सुशासन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
19 मार्च 2020: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए 22 मार्च 2020 (रविवार) को सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक ‘जनता कर्फ्यू’ का आह्वान किया.
24 मार्च 2020: पीएम मोदी ने रात 8 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन में घोषणा की. पीएम नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों (500 से अधिक केस मिले थे) के मद्देनजर 25 मार्च की मध्यरात्रि से पूरे भारत में 21 दिनों के पूर्ण राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की.
3 अप्रैल 2020: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज 3 मई, 2020 तक लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की, 21 दिनों का लॉकडाउन आज यानी 14 अप्रैल को खत्म हो रहा था. पीएम मोदी ने कोविड लॉकडाउन के दौरान लॉकडाउन के दौरान दीये जलाने की अपील की.
12 मई 2020: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने COVID-19 महामारी के बीच ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ के तहत ₹20 लाख करोड़ (GDP का लगभग 10%) के एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की. इस पैकेज का उद्देश्य कुटीर, लघु, मध्यम उद्योगों (MSME), श्रमिकों, मध्यम वर्ग और उद्योगों को सहारा देकर अर्थव्यवस्था को फिर से गति देना था
30 जून 2020: पीएम मोदी ने कोविड महामारी के दौरान गरीबों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) का विस्तार नवंबर 2020 तक करने की घोषणा की थी. इस विस्तार का उद्देश्य 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को प्रतिमाह 5 किलो मुफ्त खाद्यान्न (गेहूं/चावल) और 1 किलो दाल की सुविधा जारी रखना था.
20 अक्टूबर 2020: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में त्योहारों के मौसम को देखते हुए कोविड-19 (COVID-19) के खिलाफ कड़ी चेतावनी और सतर्कता का संदेश दिया था. 12 मिनट के इस संबोधन में पीएम मोदी ने कहा था कि ‘लॉकडाउन चला गया है, लेकिन वायरस नहीं गया है.’
7 जून 2021: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कोविड-19 टीकाकरण नीति में एक बड़ा बदलाव किया और इसकी कमान वापस केंद्र सरकार के हाथों में ले ली.
19 नवंबर 2021: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा की. उन्होंने कहा- मेरी सरकार के नेक इरादों के बावजूद, हमारी तपस्या में कुछ कमी रह गई होगी कि हम अपने कुछ किसान भाइयों को इन कानूनों के इरादों के बारे में समझाने में सफल नहीं हो सके, जो दीपक के प्रकाश के समान शुद्ध थे.
21 सितंबर 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में जीएसटी (GST) प्रणाली में बड़े सुधारों की घोषणा की, जिसे उन्होंने ‘नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स’ (Next-Gen GST Reforms) और ‘जीएसटी बचत उत्सव’ का नाम दिया



