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Success Story: कंधे का ऑपरेशन, दर्द और लंबा ब्रेक… फिर TC यशवीर की दमदार वापसी, एशियन गेम्स में जीता सिल्वर

Last Updated:September 29, 2026, 12:00 IST

Yashvir Singh Success Story: जयपुर के रेलवे टिकट क्लर्क और जेवलिन थ्रोअर यशवीर सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 85.72 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता है. इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने ओलंपिक 2028 के लिए भी क्वालिफाई किया है. यशवीर का खेल सफर आसान नहीं रहा. बैक पेन और शोल्डर इंजरी के कारण उन्हें कई बार मैदान से बाहर रहना पड़ा, जबकि कंधे के ऑपरेशन के चलते वह 2024 ओलंपिक के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके थे. यशवीर को जेवलिन थ्रो की शुरुआती ट्रेनिंग उनके पिता से मिली, जो खुद इस खेल से जुड़े रहे हैं. पिछले करीब सात साल से वह लगातार अभ्यास कर रहे हैं. रेलवे ग्राउंड और एसएमएस स्टेडियम में प्रैक्टिस करने वाले यशवीर ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता है. अब उनका लक्ष्य ओलंपिक में पदक जीतना है.

जयपुर के खिलाड़ी दुनियाभर में अपनी खेल की प्रतिभा से भारत का नाम रौशन कर रहे हैं. इसी कड़ी में जयपुर के जेवलिन थ्रोअर खिलाड़ी यशवीर सिंह ने हाल ही में जापान में चल रहे एशियन गेम्स में 85.72 मीटर के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीतकर देश और राजस्थान का नाम रौशन किया है. यशवीर सिंह के द्वारा एशियन गेम्स के जेवलिन थ्रो प्रतियोगिता में  फेंका गया तीसरा सर्वेश्रेष्ठ थ्रो है. एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने के साथ ही यशवीर ने 2028 अमेरिका में होने वाले LA ओलंपिक के लिए क्वालिफाई भी कर लिया है.

आपको बता दें कॉमनवेल्थ गेम्स से लेकर जापान के एशियन गेम्स में मेडल जीतने वाले यशवीर सिंह रेलवे टिकट क्लर्क (टीसी) हैं. एशियन गेम्स से पहले हाल ही में यशवीर सिंह ने ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर जयपुर और राजस्थान का नाम रौशन किया था. कॉमनवेल्थ गेम्स से लेकर जापान के एशियन गेम्स में यशवीर ने भारत के नीरज चौपड़ा की तरह अपना बेस्ट प्रदर्शन के साथ मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है.

जापान के एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल मेडल जीतकर यशवीर ने युवाओं को एक बड़ा मैसेज दिया है कि सफलता और जीत के लिए जीवन में चुनौतियां और उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन कभी इन चुनौतियां से हार नहीं माननी चाहिए. यशवीर को इस सफलता के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था. कभी वह बैक पेन और शोल्डर इंजरी के कारण मैदान से बाहर रहे तो कभी कंधे के ऑपरेशन के कारण 2024 ओलिंपिक में क्वालिफाई ही नहीं कर पाए थे.

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एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाले यशवीर सिंह अपने पिता की वजह से इस खेल से जुड़े, क्योंकि उनके पिता खुद बहुत अच्छे जेवलिन खिलाड़ी रहे हैं. यशवीर सिंह के शुरुआती समय में उनके पिता ने ही उन्हें जेवलिन थ्रो खेल की बारीकियां सिखाई. लम्बे समय तक यशवीर ने जयपुर के रेलवे ग्राउंड पर अपने पिता के साथ जेवलिन थ्रो की प्रैक्टिस की, पिछले 7 सालों से वह इस खेल से जुड़े हुए हैं. कॉमनवेल्थ मेडल जीतने के बाद अब यशवीर का लक्ष्य ओलिंपिक मेडल जीतना है.

जयपुर के रेलवे टिकट क्लर्क (टीसी) यशवीर सिंह लम्बे समय से जेवलिन थ्रो खेल से जुड़े हुए हैं और उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के अलावा जेवलिन थ्रो खेल में कई अचीवमेंट्स हासिल किए हैं. यशवीर सिंह ने 2025 में एशियन एथलेटिक्स में वह मेडल नहीं जीत पाए, लेकिन उन्होंने इस इवेंट में 5वां स्थान हासिल किया. इसके अलावा स्टेट और नेशनल लेवल पर वह कई मेडल जीत चुके हैं. कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स में मेडल जीतना उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि रही है.

एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाले जैवलिन थ्रोअर यशवीर सिंह ने भले ही अपने पिता के कहने पर जैवलिन थ्रो खेल की शुरुआत की थी, लेकिन भारत के ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा से वह प्रेरित हैं. यशवीर सिंह का मानना हैं कि जैवलिन थ्रो एक ऐसा गेम है, जिसमें कोई भी खिलाड़ी किसी भी दिन किसी भी खिलाड़ी को पीछे छोड़ सकता है. हां, बस खिलाड़ी की टैक्नीक और माहौल उसके अनुकूल होना चाहिए. हाल ही में कॉमनवेल्थ गेम्स में यशवीर सिंह भले ही नीरज चोपड़ा से पीछे रहे थे, लेकिन अब वह निरज चौपड़ा को टक्कर दे रहे हैं.

एशियन गेम्स 2026 सिल्वर मेडल जीतने वाले जैवलिन थ्रोअर यशवीर सिंह दो साल पहले जयपुर में रेलवे टीसी लगे थे. हालांकि उनका मूल जन्म स्थान हरियाणा के भिवानी (देवसर) से है. उनके पिता भारतीय रेलवे में नौकरी करते हैं. इसी कारण उनका परिवार हरियाणा से जयपुर आ गया. यशवीर की स्कूली शिक्षा जयपुर में हुई है. यशवीर के पिता जयपुर रेलवे में कंप्लेंट इंचार्ज हैं. दो साल पहले जयपुर स्टेशन पर टीसी लगने के बाद अब यशवीर की कर्मभूमि जयपुर बन गई और जयपुर के रेलवे ग्राउंड, एसएमएस स्टेडियम से अपनी प्रेक्टिस शुरू की थी.

First Published :

September 29, 2026, 12:00 IST

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