बरखंडी बाबा मंदिर के सूरजदास महाराज की मौत से भड़का संत समाज, पुलिस प्रशासन को दी चेतावनी

Last Updated:September 29, 2026, 12:20 IST
Lohargal Barkhandi Baba Temple Surajdas Maharaj Death Case : झुंझुनूं के लोहार्गल धाम स्थित बरखंडी बाबा मंदिर के संत सूरजदास जी महाराज की संदिग्ध हालात में हुई मौत से इलाके के संतों का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया है. संतों ने पुलिस प्रशासन को चेताया कि अगर महाराज की पार्थिव देह को ससम्मान नीचे नहीं लाया गया तो अंजाम ठीक नहीं होगा. संतों के गुस्से को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है. लोहार्गल में इलाके के संतों का जमावड़ा लगा हुआ है. संत सूरजदास महाराज का शव सोमवार को पहाड़ी गहरी खाई में झाड़ियों में फंसा हुआ मिला था. लोहार्गल धाम में सोमवार रात से ही संतों का पहुंचना शुरू हो गया था.
झुंझुनूं. झुंझुनूं जिले के प्रसिद्ध लोहार्गल धाम स्थित बरखंडी बाबा मंदिर के संत सूरजदास जी महाराज की संदिग्ध हालात में हुई मौत के बाद संतों की भृकुटियां तन गई है. संतों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर ना केवल मंगलवार को लोहार्गल बंद का आह्वान किया है बल्कि पुलिस प्रशासन को चेताया भी है कि वह संत की पार्थिव देह ससम्मान नहीं लेकर आता है तो रास्ता भी जाम होगा. इसके साथ ही पूरे प्रदेश के संतों से भी लोहार्गल पहुंचने का आह्वान किया गया है. संत का शव पहाड़ी की खाई में झाड़ियों में फंसा होने के कारण सोमवार देर रात तक उसे निकाला नहीं जा सका था. बताया जा रहा है कि मंगलवार को सुबह पुलिस शव तक पहुंच गई. अब पार्थिव देह को लाया जा रहा है. यह इलाका बेहद दुर्गम है. यहां नेट भी काम नहीं करता है.
संत सूरजदास जी महाराज की पार्थिव देह जिस स्थान पर मिली है वह करीब एक किलोमीटर से अधिक ऊंचाई वाले दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में है. पार्थिव देह दो-तीन दिन पुरानी हो जाने के कारण वह खराब हो चुकी है. ग्रामीणों के पास शव को नीचे लाने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं थे और प्रशासन की ओर से की गई देरी से संत समाज और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है. सोमवार को शव मिलने की घटना के बाद देर शाम लोहार्गल स्थित खाकी महाराज मंदिर में क्षेत्र के कई संत एकत्र हुए.
ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर पार्थिव देह को खोजी थीसंतों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि किसी बड़े नेता या उसके परिवार के सदस्य के साथ ऐसी घटना होती तो प्रशासन पूरी ताकत के साथ मौके पर पहुंच जाता. संतों ने कहा कि ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर पार्थिव देह को खोज निकाला. लेकिन प्रशासन उसे सम्मानपूर्वक नीचे लाने की व्यवस्था तक नहीं कर पाया. संतों ने मांग की कि आवश्यकता पड़ने पर हेलीकॉप्टर या अन्य विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम की मदद से पार्थिव देह को तत्काल नीचे लाया जाए.
संतों का आरोप-प्रशासन की ओर से पूरे दिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गईबैठक में संतों ने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से आग्रह है कि घटना का तत्काल संज्ञान लिया जाए और संत समाज में व्याप्त आक्रोश का समाधान कराया जाए. उन्होंने कहा कि प्रशासन के पास हेलीकॉप्टर सहित कई तरह के सुरक्षा और रेस्क्यू संसाधन हैं इसलिए किसी भी तरीके से संत का पार्थिव देह को ससम्मान लाया जाना चाहिए. संत ने कहा कि ग्रामीणों की एक टीम शव तक पहुंच चुकी है और उन्होंने शव को बांधने सहित जरूरी कार्य किए. लेकिन प्रशासन की ओर से पूरे दिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
संत बोले- महाराज की हत्या की गई हैसंतों ने सवाल उठाया कि यदि एक साधु-संत ऐसी दुर्गम और निर्जन जगह पर भी सुरक्षित नहीं है तो आम आदमी की सुरक्षा को लेकर क्या स्थिति होगी? संतों और ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि संत सूरजदास जी महाराज के पार्थिव देह को जल्द से जल्द पहाड़ी की गहरी खाई से निकालकर ससम्मान नीचे लाया जाए और उनकी मौत की निष्पक्ष जांच कराई जाए. संतों ने आरोप लगाया है कि संत सूरजदास महाराज की हत्या हुई है. संतों ने मांग की है कि घटना के जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए.
संत का शव 300-400 फीट गहरी खाई में झाड़ियों के बीच फंसा मिलाहालांकि यह हत्या है या हादसा इसका अभी तक पूरी तरह से साफ नहीं हो पाया है. अगर हत्या है तो इसका जिम्मेदार कौन हैं? यह पुलिस जांच के बाद ही साफ हो सकेगा. घटना के बाद संत समाज के आह्वान और ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए प्रशासन और पुलिस भी सक्रिय हो गई है. उल्लेखनीय है कि संत सूरजदास जी महाराज 26 सितंबर से लापता थे. उसके बाद 28 सितंबर को उनका शव 300-400 फीट गहरी खाई में झाड़ियों के बीच फंसा मिला.
About the Authorसंदीप राठौड़
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…
और पढ़ेंLocation :
Jhunjhunu,Jhunjhunu,Rajasthan
First Published :
September 29, 2026, 12:16 IST



