Success Story: पिता ने दिखाई राह, बेटे ने उधार के 10 हजार से शुरू किया बिजनेस, आज है अपनी पहचान

Last Updated:September 21, 2026, 21:27 IST
Shoe Slipper Business Success Story: पूर्णिया के किशोर कुमार ने अपने पिता की सलाह पर कोरोना काल में कर्ज लेकर व्यवसाय शुरू किया। अब वे सिटी शूज हाउस से मुनाफा कमा रहे हैं और दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं।
पूर्णिया: कहा जाता है कि पिता से बेहतर सलाहकार बेटे के लिए कोई नहीं होता. पिता अपने अनुभव से बच्चों को सही रास्ता दिखाते हैं और उन्हें मुश्किल परिस्थितियों से लड़ना सिखाते हैं. पूर्णिया में भी एक पिता की ऐसी ही सलाह ने उनके बेटे की जिंदगी बदल दी. नौकरी की तलाश में कई बार असफल होने के बाद बेटे ने पिता की सलाह मानी और छोटा सा कारोबार शुरू किया. आज वह खुद कारोबार कर रहे हैं और दूसरे लोगों को भी रोजगार देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.
यह कहानी पूर्णिया के विकास बाजार बस स्टैंड स्थित सिटी शूज हाउस के प्रोपराइटर किशोर कुमार की है. किशोर कुमार ने पीजी तक पढ़ाई की है. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अलग-अलग जगहों पर नौकरी पाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली.
पिता की सलाह से शुरू किया कारोबारकिशोर कुमार बताते हैं कि नौकरी में बार-बार असफलता मिलने और समय बीतने के बाद उन्होंने खुद का रोजगार शुरू करने का फैसला किया. इसी दौरान उन्होंने अपने पिता से सलाह ली. कोरोना काल में पिता ने उन्हें अपना काम शुरू करने की सलाह दी. पिता की सलाह के बाद किशोर कुमार ने दोस्तों से 10 हजार रुपये नकद उधार लिए और परिवार की मदद से पूर्णिया के विकास बाजार में एक कमरा किराये पर लिया. यहीं से उन्होंने जूते-चप्पल की छोटी सी दुकान शुरू की.
शुरुआत में बाजार समझना था मुश्किलकिशोर बताते हैं कि कारोबार की शुरुआत उनके लिए आसान नहीं थी. बाजार की सही समझ और ग्राहकों की पसंद का अनुभव नहीं होने के कारण शुरुआती दौर में कई परेशानियों का सामना करना पड़ा. धीरे-धीरे उन्होंने बाजार को समझना शुरू किया और ग्राहकों की जरूरत के मुताबिक दुकान में सामान रखना शुरू किया. आज उनकी दुकान सिटी शूज हाउस के नाम से विकास बाजार बस स्टैंड के पास चल रही है. दुकान में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक और महिलाओं से लेकर पुरुषों तक के लिए जूते-चप्पलों की अलग-अलग रेंज उपलब्ध है.
करीब 20 फीसदी तक का मुनाफाकिशोर कुमार के मुताबिक, दुकान में अलग-अलग तरह के जूते और चप्पल उपलब्ध हैं. ग्राहकों की पसंद और जरूरत को ध्यान में रखते हुए वह लगातार कलेक्शन बढ़ाते रहते हैं. उनका कहना है कि इस कारोबार में उन्हें करीब 20 फीसदी तक का सीधा मुनाफा मिल जाता है. नौकरी की तलाश से शुरू हुआ सफर आज अपने कारोबार तक पहुंच चुका है. किशोर कुमार की कहानी यह भी बताती है कि सही सलाह, मेहनत और लगातार सीखने की कोशिश से छोटे स्तर पर शुरू किया गया कारोबार भी आगे बढ़ाया जा सकता है.
About the AuthorAmit Ranjan
अमित रंजन वर्तमान में में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
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September 21, 2026, 21:27 IST



