Rajasthan

Amla Farming Boosts Income in Bharatpur’s Vair and Bhusawar.

Last Updated:October 28, 2025, 06:58 IST

Amla Farming: भरतपुर जिले के वैर और भुसावर क्षेत्र में किसान अब आंवला उत्पादन की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. कम लागत और अधिक मुनाफे के कारण यह किसानों की पहली पसंद बन गया है. आंवला न सिर्फ आचार-मुरब्बे के लिए, बल्कि आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण में भी बड़ी मांग रखता है, जिससे स्थानीय ब्रांड ‘भुसावर आंवला मुरब्बा’ को भी पहचान मिली है.

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भरतपुर: भरतपुर जिले के वैर और भुसावर क्षेत्र के किसान इन दिनों आंवला (Indian Gooseberry) की खेती से बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं. इस क्षेत्र की जलवायु और मिट्टी आंवला उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल मानी जाती है. यही कारण है कि यहां उगने वाला आंवला आकार में बड़ा, रसदार और उच्च गुणवत्ता वाला होता है. किसानों का कहना है कि पारंपरिक फसलों की तुलना में आंवला की खेती कम लागत और अधिक लाभदायक है. सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक बार पौधा लगाने के बाद कई वर्षों तक फल मिलते रहते हैं, जिससे हर साल किसानों को स्थायी आमदनी होती है.

भुसावर और वैर क्षेत्र के किसानों ने बताया कि आंवला की फसल को बहुत ज्यादा देखरेख की आवश्यकता नहीं होती. पानी और खाद की सामान्य मात्रा में भी यह फसल अच्छी उपज देती है. बाजार में इसका मूल्य अच्छा मिलने से किसान अब गेहूं और बाजरा जैसी पारंपरिक फसलों की जगह आंवला उत्पादन की ओर रुख कर रहे हैं. यह न केवल उन्हें आर्थिक सुरक्षा दे रहा है, बल्कि खेती को अधिक टिकाऊ और कम जोखिम वाला भी बना रहा है.

स्थानीय पहचान बना ‘भुसावर आंवला मुरब्बा’

यहां पैदा होने वाला आंवला अपने स्वाद और गुणवत्ता के कारण आचार और मुरब्बा बनाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. भुसावर का आंवला मुरब्बा अब एक स्थानीय ब्रांड की तरह पहचान बना चुका है. इसकी शुद्धता और स्वाद के कारण आसपास के जिलों में इसकी बड़ी मांग रहती है. इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिल रहे हैं — मुरब्बा और आचार उद्योग के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन रही हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है.

आयुर्वेदिक दवाओं में बढ़ी मांग

आंवला अपने औषधीय गुणों के लिए भी प्रसिद्ध है. आयुर्वेद में इसे विटामिन सी का प्राकृतिक स्रोत माना गया है. मथुरा, आगरा और दिल्ली जैसे शहरों की कई आयुर्वेदिक कंपनियां भरतपुर के आंवले से बनी दवाइयों का उपयोग करती हैं. इससे यह क्षेत्र न सिर्फ स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना रहा है. किसानों का कहना है कि यदि सरकार आंवला प्रसंस्करण इकाइयों और विपणन के लिए विशेष सहायता दे, तो उनकी आमदनी और बढ़ सकती है. धीरे-धीरे वैर और भुसावर राजस्थान में आंवला उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं और भरतपुर की नई पहचान के रूप में उभर रहे हैं.
Location :

Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan

First Published :

October 28, 2025, 06:58 IST

homerajasthan

जिस फसल को लोग मामूली समझते थे, अब वही बना रही किसानों को लखपति! जानिए क्यों

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