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देखिए भारतीय सेना के वो एंटी एयरक्राफ्ट हथियार, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में पाक ड्रोन-जेट का खेल खत्म कर दिया था

Last Updated:January 11, 2026, 14:41 IST

‘Know Your Army’ Exhibition in Jaipur : जयपुर में 78वें आर्मी डे परेड से पहले ‘Know Your Army’ प्रदर्शनी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. कड़ाके की ठंड के बावजूद बड़ी संख्या में लोग भवानी निकेतन कॉलेज पहुंचकर भारतीय सेना के अत्याधुनिक हथियारों और डिफेंस सिस्टम को नजदीक से देख रहे हैं, जिनकी ताकत ने ऑपरेशन सिंदूर में दुश्मन को करारा जवाब दिया था.

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जयपुर : जयपुर में 78वें आर्मी परेड को लेकर लोगों में उत्साह का माहौल बना हुआ है लोग कड़ाके की ठंड में भारतीय सेना के जवानों की परेड से लेकर सेना के भव्य हथियारों को देखने के सीकर रोड़ स्थित भवानी निकेतन कॉलेज में भारतीय सेना की ‘Know Your Army’ प्रदर्शनी में लोगों का हुजूम उमड़ रहा है जहां लोग भारतीय सेना के वह हथियार बिल्कुल नजदीक से देख सकते हैं जिनका भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी आतंकवादियों को मुंह तोड़ जवाब दिया था, प्रदर्शनी में लोगों के लिए भारतीय सेना ने बेहतरीन हथियारों और डिफेंस सिस्टम के उपकरण सजाएं हैं.

जिन्हें देखने के लिए युवाओं की जमकर भीड़ उमड़ रही है प्रदर्शनी में भारतीय सेना की सबसे ताकतवर ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल,आकाश एयर डिफेंस सिस्टम, अपग्रेडेड शिल्का, पायलटलेस टार्गेट एयरक्राफ्ट, धनुष, अर्जुन टैंक, अग्निबाण मल्टी बैरल रॉकेट, पिनाका MLRS, टैंक टी-90, के-9 वज्रा अलग-अलग प्रकार के ड्रोन जैमर व्हीकल, ऐरिअल टारगेटिंग सिस्टम जैसे 20 भव्य हथियार हैं. जो भारतीय सेना के जवानों की असली ताकत हैं.

पलक झपकते ही दुश्मन के ड्रोन और एयरक्राफ्ट को गिराता है अपग्रेडेड शिल्कालोकल-18 ने ‘Know Your Army’ प्रदर्शनी में पहुंच कर यहां भारतीय सेना के खास हथियारों के बारे में सेना के जवानों से बात की तो वह बताते हैं कि भारतीय सेना का हथियार अपग्रेडेड शिल्का जिसे ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के एयरकाफ्ट और ड्रोन को मार गिराने के लिए किया गया था. सेना के जवान बताते हैं की अपग्रेडेड शिल्का स्वचालित एंटी एयरक्राफ्ट गन हैं जिसकी अधिकतर दूरी हवाई लक्ष्य के लिए 2500 मीटर और जमीनी लक्ष्य के लिए 2000 मीटर तक है. अगर बात करें इसके वजन और फायर करने के वेग की तो इसका वज़न 19 टन हैं और इसकी मुख नलिका वेग 970 मीटर / प्रति सेकंड हैं जिसके चलते यह भारतीय सेना के भारी हथियारों में शामिल हैं.

शिल्का और ZU-23: दुश्मन के लिए आसमान बना कब्रिस्तानअपग्रेडेड शिल्का की क्षमता की बात करें तो इसकी क्षमता बेहतरीन और दमदार हैं जो मिनटों में 3400 राउंड फायर 50 किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से कर सकता है. इसके अलावा अपग्रेडेड शिल्का में 3D एक्टिव फेज्ड ऐरे रडार लगा है जो पलक झपकते ही दुश्मन के उड़ते हुए ड्रोन और एयरक्राफ्ट को डिटेक्ट कर लेता है. सेना के जवान बताते हैं अपग्रेडेड शिल्का में 4 लोगों का दल होता है जिसमे बैठकर एक बार में 300 किमी सड़क से हटकर चला सकते हैं.1600 से 2000 राउंड प्रति मिनट फायर करती है यह द्विन बैरल गन अपग्रेडेड शिल्का जैसे ही एक भव्य हथियार ज़ेड यू- 23 MM द्विन बैरल गन के बारे में बताते हुए सेना के जवान बताते हैं की ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के एयरकाफ्ट, हैलीकॉप्टर और सभी हवाई विमानों गिराने के लिए इस द्विन बैरल गन हथियार का स्तेमाल किया गया था जो भारतीय सेना का ताकतवर हथियार हैं,

ड्रोन-जेट से सब ढेर! शिल्का-ZU-23 की घातक ताकतजवान बताते हैं कि ज़ेड यू- 23 MM द्विन बैरल गन एक एंटी एयरक्राफ्ट गन है जिसकी फायर करने की अधिकतम दूरी हवाई लक्ष्य के लिए 2500 मीटर और जमीनी लक्ष्य के लिए 2000 मीटर तक है. जो 1600 से 2000 राउंड प्रति मिनट के हिसाब से फायर करती है. अगर इसके वज़न की बात करें तो इसका वज़न 950 किग्रा हैं जिसे आसानी से कही भी ले जाया जा सकता है. यह द्विन बैरल गन गैस संचालक के सिद्धांत से काम करती है जिसे खिचा फील्ड आर्टिलरी के रूप में युद्ध के समय स्तेमाल किया जाता है.

About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal

A Delhi University graduate with a postgraduate Diploma in Journalism and Mass Communication, I work as a Content Editor with the Rajasthan team at India Digital. I’m driven by the idea of turning raw in…और पढ़ें

Location :

Jaipur,Rajasthan

First Published :

January 11, 2026, 14:41 IST

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ऑपरेशन सिंदूर में पाक ड्रोन-जेट गिराने वाले भारतीय सेना के हथियार

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