PM मोदी से मिलते ही क्लासमेट असगर अली को वापस मिल गई जमीन, BJP विधायक ने छोड़ा कब्जा

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PM मोदी से मिलते ही क्लासमेट असगर अली को मिली राहत, BJP विधायक ने छोड़ी जमीन
Last Updated:September 16, 2026, 07:18 IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के कुछ दिनों बाद उनके 81 साल पुराने स्कूल साथी असगर अली वोरा के जमीन विवाद में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. वोरा ने आरोप लगाया था कि भायंदर की उनकी करीब 2,810 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा किया गया है. अब BJP विधायक नरेंद्र मेहता ने विवादित जमीन का कब्जा छोड़ने और प्लॉट की निर्माण मंजूरी वापस करने की बात कही है. उन्होंने वोरा के खिलाफ पहले की गई शिकायत भी वापस लेने का फैसला किया है. दोनों पक्षों के बीच समझौते की बात सामने आई है.PM मोदी से मिलने के बाद स्कूल के दोस्त असगर अली को BJP MLA से जमीन वापस मिली.
पीएम मोदी के बचपन के दोस्त को राहत मिल गई है. पीएम मोदी से मुलाकात के बाद 81 साल के उनके स्कूल साथी की जमीन का मामला अचानक पलट गया. असगर अली वोरा ने प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर भायंदर की करीब 2810 वर्ग मीटर जमीन पर कथित कब्जे की शिकायत की थी. मुलाकात के कुछ ही दिनों बाद भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने विवादित जमीन का कब्जा छोड़ने का ऐलान कर दिया है. इतना ही नहीं, उन्होंने पीएम मोदी के क्लासमेट रहे असगर अली वोरा के खिलाफ दर्ज शिकायत भी वापस लेने का फैसला किया.
दरअसल, मीरा रोड के रहने वाले 81 साल के असगर अली वोरा ने अपने स्कूल के दोस्त और पीएम नरेंद्र मोदी से बीते दिनों मुलाकात की थी. इस मुलाकात में उन्होंने शिकायत की थी कि भायंदर में उनकी जमीन पर BJP विधायक नरेंद्र मेहता की कंस्ट्रक्शन कंपनी ने कब्जा कर लिया है. इसके कुछ दिनों बाद ही मंगलवार को भाजपा नेता ने कहा कि वह विवादित जमीन का कब्जा छोड़ रहे हैं और उस प्लॉट पर कंस्ट्रक्शन के लिए मिली मंजूरी भी सरेंडर कर रहे हैं.
पीएम मोदी से मिलते ही एक्शन
टीओआई की खबर के मुताबिक, नरेंद्र मेहता ने यह भी कहा कि वह असगर अली वोरा के खिलाफ पहले की गई अपनी शिकायत वापस ले रहे हैं. असगर वोरा ने गुजरात के वडनगर में बीएन स्कूल में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ पढ़ाई की थी. वह 8 सितंबर को पीएम से मिले थे और विवाद में उनसे दखल देने की गुजारिश की थी. उन्होंने बताया कि उन्होंने 1989 में भायंदर ईस्ट के नवघर में लगभग 2810 वर्ग मीटर जमीन खरीदी थी, लेकिन 2011 में इस प्लॉट पर स्वयं बिल्डर्स और मेहता की सेवन-इलेवन कंस्ट्रक्शन्स ने कब्जा कर लिया.
असगर अली 15 साल से भटक रहे थे
असगर अली वोरा ने कहा कि वह लगभग 15 सालों से अलग-अलग सरकारी अधिकारियों के साथ इस मामले को लेकर कोशिश कर रहे थे. उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी के साथ मुलाकात के दौरान उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी. मुलाक़ात के बाद सरकारी अधिकारियों ने मामले पर कार्रवाई शुरू की. मंगलवार को मंत्रालय में सीएम के प्रधान सचिव श्रीकर परदेशी ने एक बैठक बुलाई. इसमें असगर अली वोरा, विधायक मेहता, मीरा-भायंदर म्युनिसिपल कमिश्नर राधा बिनोद शर्मा और टाउन प्लानर पुरुषोत्तम शिंदे शामिल हुए थे.
बैठक में और क्या हुआ?
बैठक के दौरान विधायक नरेंद्र मेहता ने टाउन प्लानिंग डिपार्टमेंट को एक पत्र सौंपा. इसमें कहा गया था कि वह विवादित जमीन का कब्जा छोड़ रहे हैं और मिली हुई कंस्ट्रक्शन की मंजूरी सरेंडर कर रहे हैं. मेहता ने पत्र में कहा कि यह जमीन 2019 में मर्विन फर्नांडीस से खरीदी गई थी. पुलिस कमिश्नर को लिखे एक अलग पत्र में विधायक ने कहा कि वह वोरा के खिलाफ अपनी पिछली शिकायत वापस ले रहे हैं, क्योंकि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है.
About the Authorशंकर पंडित
Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…
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Mumbai,Maharashtra
First Published :
September 16, 2026, 07:16 IST



