आम आदमी पार्टी के अशोक जैन पहले भी राजस्थान के मांगरोल में संभाल चुके हैं शहरी सरकार

Last Updated:September 16, 2026, 15:52 IST
Aam Aadmi Party News : राजस्थान में निकाय चुनावों का परिणाम आने के बाद आम आदमी पार्टी चर्चा में है. इसकी वजह है आम आदमी पार्टी की बारां नगर परिषद में धाकड़ जीत. आप ने यहां 60 में से 31 वार्ड जीतकर साफ बहुमत प्राप्त कर लिया है. लेकिन क्या आप जानते हैं बारां जिले की मांगरोल नगरपालिका में AAP आज से 14 साल पहले दस्तक दे चुकी थी. तब अशोक जैन वहां पालिकाध्यक्ष चुने गए थे. बाद में उन्होंने AAP का गठन होते ही उसका दामन थाम लिया था. पढ़ें क्या है आप की यह पूरी कहानी. अशोक जैन सीधे चुनावों में मांगरोल नगरपालिका के अध्यक्ष चुने गए थे.
बारां. राजस्थान निकाय चुनाव में बारां नगर परिषद में बहुमत हासिल करने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) करीब 14 साल पहले भी यहां शहरी सरकार संभाल चुकी है. साल 2012 में आम आदमी पार्टी के गठन के बाद उसी साल यह पार्टी बारां में सक्रिय हो गई थी. फर्क इतना है कि तब अशोक जैन बारां जिले की मांगरोल नगर पालिका के सीधे चुने गए हुए चुनावों में जीतकर निर्दलीय पालिकाध्यक्ष बने थे. लेकिन जैसे की आम आदमी पार्टी का गठन हुआ अशोक जैन ने उसका दामन थाम लिया था. बाद में जैन को प्रदेश में पहली बार ‘राइट-टू-रिकॉल’ के तहत कुर्सी से हटाने का प्रयास किया गया था लेकिन वे फिर चुन लिए गए.
राजस्थान में अभी तक थर्ड फ्रंट पूरी तरह से अस्तित्व में नहीं आ पाया है. यहां तीसरा मोर्चा बनाने के कई बार प्रयास हुए लेकिन वे सफल नहीं हो पाए. यहां यूपी की पूर्व सीएम मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP), रामविलास पासवान की लोकजन शक्ति पार्टी, हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP), राष्ट्रीय लोकदल (RLD), माकपा और आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी पैर जमाने की कोशिश की थी लेकिन इनको ज्यादा सफलता नहीं मिल पाई. यह सिलसिला लोकसभा, विधानसभा, पंचायती राज और निकाय चुनावों में लगातार चलता रहा है. विधानसभा, पंचायतीराज और निकाय चुनाव में इनके कुछ एक प्रतिनिध चुने जाते रहे हैं.
23 नवंबर 2009 को अशोक जैन निर्दलीय पालिका अध्यक्ष चुने गए थे
इस बार बारां नगर परिषद में आम आदमी पार्टी ने बीजेपी और कांग्रेस को मात देकर अपना कब्जा कर लिया है. आप ने यहां 60 में से 31 वार्ड जीतकर सबको चौंका दिया है. बारां जिले की मांगरोल नगरपालिका के साल 2009 में हुए निकाय चुनाव में 23 नवंबर को अशोक जैन निर्दलीय पालिका अध्यक्ष चुने गए थे. उस समय मांगरोल नगर पालिका में केवल 20 वार्ड थे और निकाय प्रमुख का चुनाव पार्षदों के जरिये नहीं होकर सीधे हुआ था. साल 2012 के अंत में जब आम आदमी पार्टी का गठन हुआ तो अशोक जैन उसमें शामिल हो गए. अन्ना आंदोलन का हिस्सा रहे अशोक जैन जयप्रकाश नारायण आंदोलन में भी सक्रिय रहे हैं.
जैन को ‘राइट-टू-रिकॉल’ के जरिये कुर्सी से हटाने का प्रयास किया गया थाबाद में अशोक जैन को कुर्सी से हटाने के लिए राजस्थान में पहली बार ‘राइट-टू-रिकॉल’ का इस्तेमाल किया गया था. राजस्थान में नगरपालिका अधिनियम 2009 के तहत मतदाताओं को नगरपालिका अध्यक्ष (चेयरमैन) के खिलाफ ‘राइट-टू-रिकॉल’ का अधिकार दिया गया है. उसी के तहत उनको कुर्सी से हटाने के लिए बीजेपी और कांग्रेस के पार्षदों की ओर से प्रस्ताव लाया गया. उसके बाद जैन को कुर्सी पर रखने और नहीं रखने के लिए मतदाताओं से जनमत कराया गया. लेकिन अशोक जैन उस अग्निपरीक्षा में पास हो गए और वे पालिकाध्यक्ष बने रहे. उन्होंने पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा किया.
अशोक जैन को आप ने लोकसभा चुनाव में भी उतारा था
उसके बाद आम आदमी पार्टी ने अशोक जैन को साल 2014 के लोकसभा चुनावों में कोटा लोकसभा सीट से मैदान में उतारा. लेकिन वे वहां सफल नहीं हो पाए. लेकिन उन्होंने करीब 18000 वोट प्राप्त किए. आज मांगरोल नगरपालिका में वार्डों की संख्या 20 से बढ़कर 35 हो गई है. अब मांगरोल से हैदराबाद शिफ्ट हो चुके अशोक जैन इस पुराने किस्से को याद करते हुए कहते हैं कि अच्छे नेता को पंसद करते हैं. फिर चाहे वो किसी पार्टी से हो या फिर निर्दलीय. शहरों और कस्बों के विकास के लिए अच्छे प्रत्याशी को ही जीताना चाहिए.
(इनपुट सहयोग- विपिन बारां)
About the Authorसंदीप राठौड़
संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…
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Baran,Baran,Rajasthan
First Published :
September 16, 2026, 15:50 IST



