Jaipur News I खारे पानी की जमीन पर उगा दिया हरा-भरा जंगल, 6 साल की मेहनत से बनाया प्राकृतिक AC

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सांभर में शख्स ने कर दिखाया कमाल, खारी जमीन पर उगाया 250 पेड़ों का घना जंगल
Last Updated:September 16, 2026, 16:15 IST
Ardu trees In Sambhar Lake: राजस्थान की तपती गर्मी और खारी जमीन के बीच जयप्रकाश गुर्जर ने पर्यावरण संरक्षण की अनोखी मिसाल पेश की है. सांभर झील के किनारे 6 साल की मेहनत से उन्होंने 250 से अधिक अरडू के पेड़ों का घना जंगल खड़ा कर दिया. 48 डिग्री तापमान में भी इस हरियाली के बीच करीब 10 डिग्री तक कम तापमान महसूस होता है, जिसके चलते यह जगह अब ‘नेचुरल AC हाउस’ के नाम से आकर्षण का केंद्र बन रही है.
जयपुर. राजस्थान की भीषण गर्मी और खारे पानी की विश्व प्रसिद्ध सांभर झील के बीच हरियाली की कल्पना करना भी बेमानी लगता है. लेकिन इस बेमानी को मुमकिन कर दिखाया है सांभरलेक के कुच्या की ढाणी निवासी जयप्रकाश गुर्जर ने, पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने जुनून से उन्होंने झील के किनारे बंजर और खारी जमीन पर 250 से अधिक अल्दू (अरडू) के पेड़ों का घना जंगल खड़ा कर दिया है.
जय प्रकाश गुर्जर ने बताया कि वह पेशे से पशुपालक हैं, भेड़-बकरियों को चराने के लिए वह रोजाना झील किनारे आते थे. कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान आर्थिक तंगी इतनी बढ़ गई कि उन्हें मजबूरी में परिवार सहित घर से दूर झील किनारे ही झोपड़ी बनाकर रहना पड़ा. तेज धूप और लू में छांव का कोई ठिकाना नहीं था, तब ही उनके दिमाग में कम पानी में तेजी से बढ़ने वाले अल्दू के पौधे लगाने का ख्याल आया.
आसान नहीं थी शुरुआत
शुरुआत आसान नहीं थी, खारे पानी की जमीन पर पौधे लगाना बड़ी चुनौती थी. गांव के लोगों ने भी कहा कि यहां पेड़ नहीं उगेंगे. लेकिन जयप्रकाश ने हार नहीं मानी, वह रोजाना पास के कुएं से पानी खींचकर लाते और पौधों को पिलाते. बिल्कुल अपने बच्चों की तरह उन्होंने इन पौधों का पालन-पोषण किया. लगातार 6 साल की मेहनत, देखभाल और तपस्या का नतीजा है कि आज ये छोटे-छोटे पौधे विशाल वृक्ष बनकर खड़े हैं. इन पेड़ों की घनी छाया और हरियाली का असर ऐसा है कि जब पूरे सांभर परिक्षेत्र में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, तब भी जागी राम के इस आशियाने में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक कम रहता है.
यहां बिना पंखे और कूलर के ही एसी जैसी ठंडक का एहसास होता है. अब यह जगह सिर्फ उनका आशियाना ही नहीं रही, बल्कि बच्चों की पाठशाला और खेल का मैदान भी बन गई है. दिन के समय बच्चे पेड़ों की ठंडी छांव में बैठकर पढ़ाई करते हैं, तो सावन के महीने में इन्हीं पेड़ों पर झूले डालकर झूलते हुए नजर आते हैं. खारे पानी की झील के किनारे हरियाली, ठंडक और सुकून का यह अनूठा संगम अब धीरे-धीरे पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का नया डेस्टिनेशन बनता जा रहा है, लोग दूर-दूर से इस प्राकृतिक एसी हाउस को देखने आ रहे हैं.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Jaipur,Rajasthan
First Published :
September 16, 2026, 16:15 IST



