अकाल और पेयजल संकट पर रविंद्र सिंह भाटी का सरकार पर तीखा प्रहार, 10 अक्टूबर तक पशु शिविर नहीं खुले तो कलेक्ट्रेट का घेराव

Last Updated:October 04, 2026, 13:09 IST
Ravindra Singh Bhati Warns Govt: बाड़मेर-जैसलमेर में अकाल व पेयजल संकट पर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सरकार को घेरा है. सीएम के बाछड़ाऊ दौरे को निराशाजनक बताते हुए उन्होंने कहा कि राहत के लिए महज 1 करोड़ की घोषणा नाकाफी है. भाटी ने चेतावनी दी है कि 10 अक्टूबर तक पशु शिविर और चारा डिपो शुरू नहीं हुए तो कलेक्ट्रेट का घेराव होगा. उन्होंने पेयजल आपूर्ति में देरी और चारागाह भूमि सोलर कंपनियों को देने पर भी सवाल उठाए. साथ ही आरोप लगाया कि गाय के नाम पर राजनीति करने वाली सरकार पशुधन बचाने में नाकाम है.
ख़बरें फटाफट
Ravindra Singh Bhati: अकाल पर भाटी का अल्टीमेटम, 10 तक नहीं खुले पशु शिविर तो होगा घेराव
Barmer: राजस्थान के पश्चिमी जिलों बाड़मेर और जैसलमेर में भीषण अकाल और पेयजल संकट को लेकर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बाड़मेर जिले के बाछड़ाऊ दौरे से लोगों को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन विधायक भाटी का कहना है कि यह दौरा सिर्फ निराशा लेकर आया है. पंचायती राज चुनाव से ठीक पहले हुए इस दौरे पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन धरातल पर जनता को राहत देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए. भाटी ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर 10 अक्टूबर तक पशु शिविर नहीं खोले गए, तो वे कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे.
विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने स्पष्ट रूप से कहा कि बाड़मेर और जैसलमेर जिले इस समय भयानक अकाल की मार झेल रहे हैं. किसानों और पशुपालकों की हालत बेहद खराब है. सभी को उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री अपने इस दौरे पर राहत और विकास से जुड़ी कुछ बड़ी घोषणाएं करेंगे. लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. अकाल के कारण बड़ी संख्या में पशुधन प्रभावित हो रहा है और पशुपालकों के सामने अपने मवेशियों को बचाने का भारी संकट खड़ा हो गया है. इसके बावजूद मुख्यमंत्री के कार्यक्रम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, जबकि राहत के नाम पर महज एक करोड़ रुपये की घोषणा की गई, जो ऊंट के मुंह में जीरा के समान है. उन्होंने कहा कि सरकार की घोषणाएं धरातल पर दिखाई नहीं दे रही हैं और जनता को सिर्फ झूठे आश्वासनों का लॉलीपॉप दिया जा रहा है.
10 अक्टूबर तक का अल्टीमेटमशिव विधायक ने पशु शिविरों को लेकर की गई घोषणाओं पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने इनके संचालन के लिए अब तक कोई स्पष्ट रोडमैप तैयार नहीं किया है. भाटी ने राज्य सरकार को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 10 अक्टूबर तक बाड़मेर जिले में पशु शिविर और चारा डिपो शुरू नहीं किए गए, तो वह जिला कलेक्ट्रेट का विशाल घेराव करेंगे. उन्होंने मांग की है कि अकाल प्रभावित बाड़मेर और जैसलमेर जिलों में बिना किसी देरी के पशु शिविर एवं चारा डिपो खोले जाएं, ताकि बेजुबान पशुधन को मरने से बचाया जा सके. अकाल की गंभीर स्थिति को देखते हुए सरकार को घोषणाओं के बजाय तत्काल राहत के ठोस कदम उठाने चाहिए.
पेयजल संकट और चारागाह भूमि पर सवालपेयजल संकट पर बोलते हुए शिव विधायक ने पानी की टंकियों की समय सीमा 31 दिसंबर तक बढ़ाए जाने के फैसले पर भी तीखे सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि बाड़मेर जिले में कई स्थानों पर अभी तक पानी की टंकियों से नियमित जलापूर्ति शुरू ही नहीं हुई है. ऐसे में समय सीमा बढ़ाने की घोषणा कर जनता को गुमराह किया जा रहा है. इसके अलावा, उन्होंने चारागाह भूमि के मुद्दे को लेकर भी सरकार को घेरा. भाटी ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान में लाखों की संख्या में पशुधन मौजूद है, लेकिन इन बेजुबान पशुओं के लिए उपलब्ध चारागाह भूमि का एक बड़ा हिस्सा पहले ही बड़ी सोलर कंपनियों को सौंप दिया गया है.
गाय के नाम पर राजनीति का आरोपरविंद्र सिंह भाटी ने सत्ताधारी भाजपा सरकार पर सीधा तंज कसते हुए कहा कि गाय के नाम पर राजनीति करने वाली पार्टी आज सत्ता में बैठी है. लेकिन जब गाय और अन्य पशुधन को बचाने की वास्तविक जरूरत सामने आई है, तो सरकार कोई कदम आगे नहीं बढ़ा रही है. शिव विधायक ने पुरजोर मांग की कि बाड़मेर और जैसलमेर में अकाल की अत्यंत गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल पशु शिविर, चारा डिपो और पेयजल की समुचित व्यवस्था शुरू की जाए, ताकि आमजन के साथ-साथ पशुधन को भी फौरी राहत मिल सके.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
और पढ़ेंLocation :
Barmer,Barmer,Rajasthan
First Published :
October 04, 2026, 13:09 IST



