South Korea News: दक्षिण कोरिया में क्यों एयरफोर्स पायलट छोड़ रहे नौकरी, आखिर क्या है वजह?

Last Updated:May 03, 2026, 14:57 IST
Why South Korean Piolets Leaving Jobs: वायुसेना की ओर से संसद की राष्ट्रीय रक्षा उपसमिति के सदस्य केंग डे सिक को सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक 2017 से मार्च 2026 तक 896 कुशल वायुसेना पायलटों ने स्वेच्छा से सेवा छोड़ी.
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दक्षिण कोरिया में क्यों नौकरी छोड़ रहे पायलट? (AI GENERATED)
South Korea News: दक्षिण कोरिया में वायुसेना के प्रशिक्षित पायलट पिछले एक दशक में बेहतर वेतन वाली नागरिक एयरलाइंस में काम पाने के लिए स्वेच्छा से अपनी नौकरी छोड़ रहे हैं. पिछले एक दशक में 896 वायुसेना पायलटों ने बेहतर वेतन और अपेक्षाकृत कम जोखिम वाली कमर्शियल एयरलाइन्स की नौकरी ज्वाइन कर चुके हैं. रविवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई. वायुसेना के एक अधिकारी ने बताया कि पायलटों के पलायन को रोकने के लिए नए कदम उठाए जा रहे हैं और उनके कल्याण में सुधार की कोशिश की जा रही है.
वायुसेना की ओर से संसद की राष्ट्रीय रक्षा उपसमिति के सदस्य केंग डे सिक को सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक 2017 से मार्च 2026 तक 896 कुशल वायुसेना पायलटों ने स्वेच्छा से सेवा छोड़ी. वायुसेना कुशल पायलट, उन पायलटों को मानती है जिनके पास 8 से 17 वर्षों का अनुभव होता है और जो स्वयं ऑपरेशन संचालित करने के साथ-साथ जूनियर पायलटों को प्रशिक्षण देने में सक्षम होते हैं.
धड़ाधड़ पायलट दे रहे हैं इस्तीफा
रिपोर्ट के मुताबिक वायुसेना पायलटों ने अपनी नौकरी छोड़ी, उनमें 730 फाइटर पायलट और 148 कार्गो पायलट और 18 हेलीकॉप्टर पायलट शामिल हैं. इनमें से 622 पायलट ने कोरियन एयर की नौकरी ज्वाइन कर ली, जबकि 146 पायलटों ने एशियाना एयरलाइन्स की नौकरी ज्वाइन कर ली, जिसका विलय कोरियन एयर के साथ हो चुका है. इसके अलावा 103 पायलट लो कॉस्ट एयरलाइंस से जुड़ गए. कोविड-19 महामारी से पहले हर साल लगभग 100 पायलट वायुसेना छोड़ते थे, लेकिन 2021 में वैश्विक हवाई यातायात में गिरावट के कारण केवल 7 पायलटों ने ही सेवा छोड़ी. इसके बाद संख्या फिर बढ़ने लगी और इस वर्ष मार्च तक 47 पायलट वायुसेना छोड़ चुके हैं.
क्यों छोड़ रहे हैं नौकरियां?
हालांकि पायलटों के बड़े पैमाने पर पलायन को रोकने के लिए वायुसेना ने अनिवार्य सेवा अवधि तय की है, जो एयर फोर्स अकादमी से प्रशिक्षित फाइटर और कार्गो पायलटों के लिए 15 वर्ष, जबकि अन्य पायलटों के लिए 10 वर्ष है. ऐसे में अनिवार्य अवधि पूरी होते ही पायलटों ने वायुसेना की नौकरी को अलविदा कह दिया. 2025 के एक सर्वे के मुताबिक सैन्य और वाणिज्यिक पायलटों के वेतन में बड़े अंतर, सैन्य सेवा में अधिक जोखिम, लगातार इमरजेंसी ड्यूटी से तनाव वायुसेना छोड़ने के मुख्य कारण बने.
About the AuthorPrateeti Pandey
में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें
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