Tallow in Rupees | Currency Controversy | तिजोरी में बरकत के लिए रखते हैं ये वाले नोट, तो लगेगा ऐसा घनघोर पाप, 100 बार गंगा नहाकर भी नहीं धुलेगा कलंक!

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तिजोरी में रखते हैं ये वाले नोट, लगेगा ऐसा पाप, गंगा नहाकर भी नहीं धुलेगा कलंक
Last Updated:April 25, 2026, 17:33 IST
Currency Facts Controversy: आप भी इन नोटों को तिजोरी में रखकर पूजते हैं, तो कहीं आप अनजाने में कोई महापाप तो नहीं कर रहे हैं. जी हां, बीती कुछ रिपोर्ट्स में इस बात की पुष्टि हुई है कि इन करेंसी नोट्स में कुछ ऐसा है, जो आपको ऐसे महापाप का भागीदार बना सकती है, जिसका कलंक गंगा नहाकर भी नहीं धुलेगा.
कहीं आप अनजाने में कोई महापाप तो नहीं कर रहे हैं.
Indian Currency Facts: यदि आपने भी अपनी बरकत के लिए ये वाले नोटों को अपनी तिजोरी में रख रखा है और लक्ष्मी मानकर उनकी पूजा करते हैं, तो जरा ठहर जाइए. आप इन नोटों की पूजा कर कोई पुण्य नहीं, बल्कि अनजाने में एक ऐसा महापाप कर रहे हैं, जिसकी सच्चाई जानकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी. इस महापाप को धुलने के लिए आप 100 बार गंगा में डुबकी भी लगा लेंगे, लेकिन तब भी आपका यह कलंक नहीं धुलेगा. जी हां, यह बात 100 फीसदी पक्की और पूरी तरह से सच है.
दरअसल, भारत में धन के तौर पर जो भी चीज मौजूद है, उसे हम लक्ष्मी मां का प्रतीक मानते हैं. इनमें करेंसी नोट्स भी शामिल हैं. कई बार आपके हाथ से कोई नोट छूटा होगा तो आपने उसे जमीन से उठाकर माथे से लगा लिया होगा. क्योंकि आप भी करेंसी नोट्स को मां लक्ष्मी का स्वरूप मानते हैं. लेकिन आपको यह पता चल जाए कि नोट्स को बनाने में मरे हुआ जानवरों के मांस, खून और चर्बी का इस्तेमाल किया गया है, तो समझ लीजिए आपकी धार्मिक भावनाओं का क्या होगा?
तो चलिए अब आपको विस्तार से बताते हैं करेंसी नोट्स में ऐसी कौन-कौन सी चीजें हैं जो आपको महापाप में डाल सकते हैं. वहीं इस सवाल का जवाब भी देते हैं कि क्या भारतीय नोट्स में भी मरे हुआ जानवरों के मांस, खून और चर्बी का इस्तेमाल होता है.
इन नोटों में है गाय की चर्बी: ब्रिटेन के बैंक ऑफ इंग्लैंड, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के प्लास्टिक (पॉलिमर) नोट प्रचलन में है. एटीएम मशीन में नोट फंसे नहीं, इसके लिए इन्हें चिकना बनाया जाता है. इन नोटों को चिकना बनाने के लिए ‘टैलो’ का इस्तेमाल किया जाता है और ‘टैलो’ को बनाने में गाय और भेड़ की चर्बी का इस्तेमाल होता है.
इंग्लैंड में पहली बार सामने आया मामला: 2016 में जब ब्रिटेन ने £5 का नोट जारी किया, तो उसमें जानवरों की चर्बी की पुष्टि हुई. इसके बाद दुनियाभर के हिंदुओं और शाकाहारियों ने इसे आस्था पर प्रहार बताया था. जब बैंक ऑफ इंग्लैंड से चर्बी हटाने की मांग की गई, तो उन्होंने पाम ऑयल को ‘महंगा’ बताकर मना कर दिया. यानी चंद पैसों के लिए वे आज भी नोटों में मरे हुए जानवरों के अंश मिला रहे हैं.
‘गंगा’ जैसा पवित्र है भारतीय रुपया: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने साफ किया है कि भारतीय नोटों में रत्ती मात्र भी एनिमल प्रोडक्ट नहीं है. हमारे नोट पूरी तरह से शुद्ध हैं. भारतीय नोट साधारण लकड़ी के लुगदी से नहीं, बल्कि 100% कॉटन फाइबर से बनते हैं. यही कारण है कि ये पसीने और पानी में भी नहीं गलते और पूरी तरह सात्विक हैं.
पूजा घर से निकालें विदेशी नोट: अगर आप अनजाने में ऐसे पॉलिमर नोटों की पूजा कर रहे हैं जिनको गाय सहित दूसरे पशुओं की चर्बी से बनाया गया, तो आपकी आपकी धार्मिक भावना और शुद्धता भंग हो सकती है. वहीं, आपके हाथ में भारतीय रुपया है, आप पूरी तरह से निश्चिंत रह सकते हैं. लेकिन विदेशी प्लास्टिक करेंसी को छूने के बाद हाथ धोना और उन्हें मंदिर से दूर रखने में ही समझदारी है.
मजबूती में भी नंबर 1: भारतीय करेंसी नोट्स को टिकाऊ और सुरक्षित बनाने के लिए कॉटन के साथ जिलेटिन और लिनन का इस्तेमाल किया जाता है. यही वजह है कि पसीने में भीगने और पानी में धुलने के बावजूद भारतीय नोट्स गलते नहीं है. वहीं धार्मिक शुद्धता के तौर पर भी पूरी तरह से सुरक्षित हैं.
क्या भारतीय नोट वास्तव में शाकाहारी और शुद्ध हैं?जी हां, भारतीय नोटों को बनाने में किसी भी तरह के मांस, हड्डी के चूरे या पशु चर्बी का उपयोग नहीं किया जाता हैऋ आरबीआई के अनुसार, हमारे नोट 100% कपास और लिनन से बनते हैं. भारतीय करेंसी नोट्स को पूरी तरह से नेचुरल प्रॉसेस से तैयार किया जाता है. इन नोट्स में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे हमारी धार्मिक मान्यताएं और मर्यादा किसी भी तरह से भंग होती हो.
विदेशी नोटों में जानवरों की चर्बी से बना टैलो क्यों मिलाया जाता है?ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में प्लास्टिक (पॉलिमर) के नोट चलते हैं. ये प्लास्टिक नोट एटीएम और गिनने वाली मशीनों में आपस में न चिपकें और बिजली का झटका न लगे, इसलिए लुब्रिकेंट के तौर पर गाय या भेड़ की चर्बी से बने टैलो का इस्तेमाल किया जाता है.
क्या डॉलर और पाउंड की पूजा करना गलत है?धार्मिक नजरिए से यदि किसी वस्तु के निर्माण में किसी जानवर का मांस या चर्बी है, तो उसे मंदिर या पूजा स्थल पर रखना अशुद्ध माना जाता है. चूंकि पाउंड और कुछ अन्य देशों की करेंसी में ‘टैलो’ होने की पुष्टि हो चुकी है, इसलिए इन्हें लक्ष्मी मानकर पूजना आपकी आस्था और शुद्धता को भंग कर सकता है.
हम कैसे पहचानें कि कौन सा नोट सुरक्षित है?सीधा सा नियम है कि भारतीय रुपया पूरी तरह सुरक्षित और पवित्र है. विदेशी नोटों में, खासकर जो प्लास्टिक जैसे महसूस होते हैं, उनमें चर्बी होने की संभावना सबसे अधिक होती है. लिहाजा, किसी भी तरह के महापाप से बचने के लिए अपनी तिजोरी में सिर्फ स्वदेशी लक्ष्मी को ही स्थान दें.
About the AuthorAnoop Kumar MishraAssistant Editor
Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें
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First Published :
April 25, 2026, 17:33 IST



