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आ गया आकाश मिसाइल का खूंखार बड़ा भाई, S-400 जैसी ताकत वाला MRSAM दुश्‍मन का करेगा गेम ओवर

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आकाश मिसाइल का बड़ा भाई, S-400 जैसी ताकत वाला MRSAM दुश्‍मन का करेगा गेम ओवर

Last Updated:July 05, 2026, 05:01 IST

MRSAM Range: आसमान में चीन-पाकिस्तान की दादागिरी का द एंड करने आ गया है भारत का नया ब्रह्मास्त्र. रक्षा गलियारों में आकाश मिसाइल का खूंखार बड़ा भाई कहे जाने वाले इस MRSAM सिस्टम ने दुश्मन के खेमे में कोहराम मचा दिया है. रूस के S-400 जैसी घातक तकनीक से कुछ कम यह एक अचूक एयर डिफेंस सिस्टम है जिसके एक्टिव होते ही दुश्मन के लड़ाकू विमान और ड्रोन्स पलक झपकते ही हवा में राख हो जाएंगे.आकाश मिसाइल का बड़ा भाई, S-400 जैसी ताकत वाला MRSAM दुश्‍मन का करेगा गेम ओवरZoomभारत की ताकत बढ़ने वाली है.

भारतीय आसमान की तरफ आंख उठाने की हिमाकत अब कोई भी दुश्मन नहीं कर पाएगा. चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर बढ़ते हवाई खतरों के बीच भारत एक ऐसा अभेद्य सुरक्षा कवच तैयार कर कर रहा है जो देश की हवाई सुरक्षा को अचूक बनाता है. भारत और इजरायल के रक्षा सहयोग की एक बेमिसाल मिसाल बनकर उभरा है Medium Range Surface-to-Air Missile (MRSAM) सिस्टम. रक्षा विशेषज्ञ इसे आकाश मिसाइल का बड़ा भाई कह रहे हैं क्योंकि यह कम दूरी की आकाश मिसाइल से कहीं ज्यादा घातक और लंबी रेंज वाला है. हालांकि इसकी क्षमता रूस के महाबली S-400 एयर डिफेंस सिस्‍टम से थोड़ी कम है. भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित यह अत्याधुनिक सिस्टम हमारे वायु क्षेत्र में आकाश और S-400 के बीच के बड़े गैप को पूरी तरह भर देता है. डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने इस हथियार के मास प्रोडक्‍शन की मंजूरी दे दी है.

MRSAM की मुख्य विशेषताएं

यह सिस्टम भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना (जहां इसे LRSAM या बराक-8 कहा जाता है) तीनों के पास अलग-अलग कस्टमाइज्ड वेरिएंट में मौजूद है.• रेंज: यह मिसाइल 0.5 किलोमीटर से लेकर 70 किलोमीटर की दूरी तक दुश्मन के किसी भी हवाई खतरे को मार गिराने में सक्षम है.• रेंज और ऊंचाई: यह हवा में 16 किलोमीटर (करीब 52,000 फीट) की ऊंचाई तक जाकर दुश्मन को निशाना बना सकती है.• स्पीड: MRSAM की रफ्तार बेहद आक्रामक है. यह मैक 2 यानी ध्वनि की गति से दोगुनी रफ्तार (लगभग 2,469 किमी/घंटा) से उड़ती है जिससे दुश्मन को संभलने का मौका नहीं मिलता.• पेलोड और वॉरहेड: यह मिसाइल लगभग 60 किलोग्राम का प्री-फ्रेगमेंटेड हाई एक्सप्लोसिव (Pre-fragmented High Explosive) वॉरहेड ले जाती है. इसमें एक प्रॉक्सिमिटी फ्यूज होता है जो दुश्मन के टारगेट के बिल्कुल पास पहुंचते ही फट जाता है और उसे तबाह कर देता है.

MRSAM की तकनीकी क्षमता

1. कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम: जो खतरों को भांपकर फैसले लेता है.2. मल्टी-फंक्शन सर्विलांस ट्रैकिंग रडार (MF-STAR): यह इजरायली रडार तकनीक पर आधारित है जो 360 डिग्री में एक साथ कई खतरों (300+ किलोमीटर दूर तक) को ट्रैक कर सकती है.3. मोबाइल लॉन्चर सिस्टम: यह वर्टिकल लॉन्च तकनीक का इस्तेमाल करता है, जिससे मिसाइल को किसी भी दिशा में तुरंत दागा जा सकता है.

क्यों खास है इसका सीकर?इस मिसाइल में एक्टिव रडार सीकर (Active Radar Seeker) लगा है. आखिरी पलों में मिसाइल अपने रडार के दम पर गाइड होती है. दुश्मन का विमान अगर तेजी से पैंतरेबाजी भी करे तो भी यह उसका पीछा नहीं छोड़ती.

वैश्विक मिसाइल सिस्टम से तुलना

विशेषताMRSAM (भारत/इजरायल)S-350 Vityaz (रूस)NASAMS III (अमेरिका/नॉर्वे)प्रकारमीडियम रेंज SAMमीडियम रेंज SAMशॉर्ट-टू-मीडियम रेंजअधिकतम रेंज70 किलोमीटर60 – 120 किलोमीटर30 – 50 किलोमीटरअधिकतम ऊंचाई16 किलोमीटर30 किलोमीटर21 किलोमीटररफ्तारमैक 2.0मैक 4.5मैक 4.0ट्रैकिंग/सीकरएक्टिव रडार सीकरएक्टिव/पैसिव रडारएक्टिव रडार सीकरमुख्य खासियत360° वर्टिकल लॉन्च, सटीकअत्यधिक डेंस फायरपावरक्रूज मिसाइल डिफेंस

सवाल-जवाबMRSAM किन-किन खतरों को हवा में नष्ट कर सकती है?

MRSAM एक साथ कई खतरों से निपट सकती है. यह दुश्मन के लड़ाकू विमानों, मानवरहित विमानों (UAVs/Drones), गाइडेड बमों, हेलीकॉप्टरों और लो-फ्लाइंग क्रूज मिसाइलों को बेहद सटीकता से मार गिराने में सक्षम है.

क्या यह सिस्टम ‘दागो और भूल जाओ’ तकनीक पर काम करता है?

हां, यह काफी हद तक इसी तकनीक पर आधारित है. लॉन्च के बाद शुरुआती चरण में इसे रडार से मिड-कोर्स अपडेट मिलते हैं लेकिन टर्मिनल फेज (हमले के आखिरी पलों) में इसका अपना एक्टिव रडार सीकर ऑन हो जाता है. इसके बाद यह खुद टारगेट को लॉक करके उसे नष्ट कर देती है.

भारतीय सेना के लिए MRSAM का क्या महत्व है?

भारतीय सेना के लिए यह रीढ़ की हड्डी जैसा है. यह हमारे महत्वपूर्ण ठिकानों जैसे हवाई अड्डों, परमाणु संयंत्रों और सैन्य टुकड़ियों को दुश्मन के हवाई हमलों से अभेद्य सुरक्षा कवच प्रदान करता है. यह आकाश मिसाइल (शॉर्ट रेंज) और S-400 (लॉन्ग रेंज) के बीच के गैप को पूरी तरह भरता है.

About the AuthorSandeep GuptaChief Sub Editor

डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें

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