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एक आंख की रोशनी गई, दूसरी भी कमजोर… फिर भी हौसला बुलंद, 23 साल के विनीत ने तैयार किया अनोखा ऐप

Last Updated:August 14, 2026, 14:14 IST

Dehradun News: कहते हैं कि मुश्किलें कितनी भी आ जाएं, जिनके इरादे मजबूत होते हैं, वे सफलता पा ही जाते हैं. कुछ ऐसी ही प्रेरक कहानी है विनीत रावत की. 23 साल के विनीत की एक आंख बचपन में ही इन्फेक्शन के चलते पूरी तरह डेड हो गयी थी. वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते थे, लेकिन अचानक दूसरी आंख में प्रॉब्लम शुरू हुई.

देहरादून: इंसान अपने सपनों को पूरा करने के लिए हर रुकावट को दूर कर लेता है और उसके रास्ते में आई मुश्किलों से लड़कर आखिर वह दूसरों के लिए भी कुछ अच्छा करने का काम करता है. ऐसी ही कहानी है विनीत रावत की. 23 साल के विनीत की एक आंख बचपन में ही इन्फेक्शन के चलते पूरी तरह डेड हो गयी थी. वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते थे, लेकिन अचानक दूसरी आंख में प्रॉब्लम शुरू हुई.

वह कुछ परसेंट देख पाते हैं. उन्होंने 12वीं कक्षा पास की और फिर यूट्यूब से देख-देखकर एक अनोखा सॉफ्टवेयर डेवलप किया है, जिनमें दृष्टि बाधित बच्चों के लिए गेम्स और एजुकेशन वगैरह के कुछ एप्लिकेशन हैं. इंस्टाग्राम की तरह ही उन्होंने एक एप्लिकेशन बनाया है.

इन्फेक्शन की वजह से एक आंख में दिक्कतविनीत रावत ने बताया कि वह मूल रूप से पौड़ी के कोटद्वार से हैं. उन्होंने बताया कि उनकी बचपन में ही इन्फेक्शन की वजह से एक आंख में दिक्कत हुई, लेकिन पहाड़ के एक गांव में स्वास्थ्य सुविधाएं और जानकारी के अभाव में दिल्ली में उन्होंने इलाज करवाया, फिर भी वह बच न सकी. उनकी एक आंख पूरी तरह डेड है. उन्हें कंप्यूटर विजन सिंड्रोम भी है. दूसरी आंख में ज्यादा स्टेन डालने पर उसमें भी उन्हें कभी-कभी बहुत दिक्कत हो जाती है. वह इन दिनों NIEPVD से एडजेस्टमेंट का कोर्स कर रहे हैं, ताकि आगे अगर दूसरी आंख को भी कुछ हुआ तो उसके लिए यहां ट्रेनिंग कर रहे हैं कि कैसे सर्वाइव करें और स्वतंत्र रूप से अपना काम खुद कर सकें.

बनना चाहते थे सॉफ्टवेयर डेवलपर उन्होंने बताया कि कंप्यूटर विजन सिंड्रोम किसी को भी हो सकता है. आपको इसीलिए 8 घंटे लगातार किसी चीज पर नजर नहीं गड़ाए बैठना चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसा करने पर आप ड्राई आई और मायोपिया जैसी परेशानी से बच सकते हैं. विनीत ने बताया कि वह 12वीं कक्षा के बाद कंप्यूटर सॉफ्टवेयर डेवलपर बनना चाहते थे, लेकिन अचानक आंखों में दिक्कत शुरू होने से उन्हें 2 साल ड्रॉप आउट करना पड़ा.

उन्होंने कहा कि वह एक आंख में समस्या होने के बावजूद सामान्य लोगों से कंपटीशन किया करते थे, लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था. वह सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी जुटाने के लिए यूट्यूब और इंटरनेट पर ज्यादा समय देते थे. इसका नतीजा यह हुआ कि उनकी एक आंख में फिर दिक्कत शुरू होने लगी.

दृष्टिबाधित लोगों के लिए भी बनाए एप्लिकेशन विनीत ने बताया कि एप्लिकेशन और सॉफ्टवेयर पर रिसर्च करने से उनकी आंख में दिक्कत जरूर हुई, लेकिन उन्हें खुद से सॉफ्टवेयर डेवलप करने आ गया. उन्होंने कुछ एप्लिकेशन बना लिए, जिनमें नियर बाय कनेक्ट, हनुमान चालीसा कार्ड और ब्लाइंड लोगों लिए मोक्षापट्टम नाम से एक गेम एप्लीकेशन बनाया है, जिसमें सुनकर ब्लाइंड लोग सांप-सीढ़ी जैसे गेम्स खेल सकते हैं.

विनीत 23 साल की उम्र में 4 कंपनियों में काम करने के बाद अपनी एक खुद की कंपनी रावत इनोवेशन के नाम से चला रहे हैं और अब वह दृष्टि बाधितों के लिए और कुछ एप्लिकेशन बनाना चाहते हैं. वह दुनिया देखना और घूमना चाहते हैं, इसलिए वह डिस्टेंस से बैचलर ऑफ आर्ट्स टूरिज्म स्ट्रीम से कर रहे हैं.

About the Authorआर्यन सेठ

आर्यन सेठ, Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…

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Dehradun,Uttarakhand

First Published :

August 14, 2026, 14:14 IST

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