Rajasthan

हैदराबाद के इस रहस्यमयी किले में छिपा है 400 साल पुराना पेड़, जिसके अंदर रहते थे ’40 चोर’!

Last Updated:May 13, 2026, 18:50 IST

Hyderabad 40 Chor Famous Fort: हैदराबाद का नया किला गोलकुंडा का ऐतिहासिक हिस्सा, 1656 में बना, यहां 400 साल पुराना बाओबाब पेड़ और मुल्ला ख्याली की मस्जिद पर्यटकों के लिए खास आकर्षण हैं. किले से जुड़े टूरिस्ट गाइड के अनुसार नया किला का निर्माण वर्ष 1656 में सुल्तान अब्दुल्ला कुतुब शाह के शासनकाल में कराया गया था. उस समय मुगल सम्राट औरंगजेब ने गोलकुंडा पर घेराबंदी कर दी थी.

हैदराबाद. चारमीनार और गोलकुंडा किले की चमक-धमक के बीच शहर का एक ऐसा ऐतिहासिक हिस्सा भी मौजूद है, जो आज भी आम पर्यटकों की नजरों से काफी हद तक दूर है. गोलकुंडा किले के विस्तार के रूप में पहचाना जाने वाला नया किला न सिर्फ अपनी सैन्य वास्तुकला, बल्कि रहस्यमयी कहानियों और दुनिया के सबसे अनोखे पेड़ों में से एक के लिए भी जाना जाता है.

किले से जुड़े टूरिस्ट गाइड के अनुसार नया किला का निर्माण वर्ष 1656 में सुल्तान अब्दुल्ला कुतुब शाह के शासनकाल में कराया गया था. उस समय मुगल सम्राट औरंगजेब ने गोलकुंडा पर घेराबंदी कर दी थी. किले की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से इस नए हिस्से को तैयार किया गया. यहां की दीवारों पर उकेरी गई शेर और हाथियों की आकृतियां उस दौर की शानदार नक्काशी और स्थापत्य कला की झलक दिखाती हैं.

400 साल पुराना बाओबाब का पेड़ बना आकर्षण

इस किले का सबसे बड़ा आकर्षण बाओबाब का विशाल पेड़ है, जिसे स्थानीय लोग हाथियां का झाड़ भी कहते हैं. करीब 400 साल पुराने इस पेड़ को अरब व्यापारी यहां लेकर आए थे. लगभग 25 मीटर घेरे वाले इस पेड़ को लेकर कई दिलचस्प लोककथाएं भी प्रचलित हैं.

कहा जाता है कि कभी इसके खोखले तने के अंदर 40 चोर छिपकर रहते थे. पेड़ के भीतर इतनी जगह है कि आज भी इसमें 10 से 15 लोग आसानी से खड़े हो सकते हैं. कई लोग इस कहानी को अली बाबा और चालीस चोर की दास्तान से जोड़कर भी देखते हैं. यही वजह है कि यह पेड़ पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

इतिहास और विरासत के बीच घिरा नया किला

वर्तमान समय में नया किला का एक बड़ा हिस्सा हैदराबाद गोल्फ क्लब के अंतर्गत आता है. हालांकि यहां मुल्ला ख्याली की मस्जिद और कुतुब शाही दौर के फारसी उद्यान के अवशेष आज भी मौजूद हैं, लेकिन विरासत संरक्षण को लेकर समय-समय पर विवाद भी सामने आते रहते हैं.

गोल्फ कोर्स के कारण यहां तक पहुंचने का रास्ता थोड़ा मुश्किल जरूर माना जाता है, लेकिन जो लोग इस जगह तक पहुंचते हैं, वे इसकी शांति, ऐतिहासिक माहौल और प्राकृतिक सुंदरता के कायल हो जाते हैं. इतिहास और फोटोग्राफी में रुचि रखने वालों के लिए यह जगह किसी छिपे हुए खजाने से कम नहीं मानी जाती. अगर आप शहर की भीड़भाड़ से दूर इतिहास और प्रकृति का अनोखा संगम देखना चाहते हैं, तो नया किला आपकी सूची में जरूर होना चाहिए.

About the AuthorAnand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

Location :

Hyderabad,Hyderabad,Telangana

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj