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AC-कूलर नहीं थे फिर भी ठंडे रहते थे राजा-महाराजा, डीग के जल महलों का रहस्य आया सामने

Last Updated:May 13, 2026, 19:39 IST

Natural AC And Cooler In Home: राजस्थान की तपती गर्मी के बीच डीग के ऐतिहासिक जल महल आज भी अपनी प्राकृतिक ठंडक के लिए लोगों को हैरान कर देते हैं. पानी, फव्वारों और हवा के अद्भुत संतुलन से बने ये महल उस दौर की वैज्ञानिक सोच और शानदार वास्तुकला की अनोखी मिसाल माने जाते हैं.

भरतपुर. राजस्थान के डीग जिले में स्थित ऐतिहासिक जल महल अपनी अनोखी वास्तुकला और प्राकृतिक ठंडक के लिए देशभर में खास पहचान रखते हैं. भीषण गर्मी के मौसम में जहां आमजन तपती हवाओं से परेशान रहते हैं, वहीं डीग के ये महल आज भी लोगों को शाही ठंडक का एहसास कराते हैं. इन महलों का निर्माण भरतपुर के जाट शासकों ने खासतौर पर गर्मियों को ध्यान में रखकर कराया था.

डीग के जल महलों को सरोवरों और फव्वारों के बीच इस तरह बनाया गया है कि पानी से होकर आने वाली ठंडी हवाएं महलों के अंदर पहुंचकर पूरे वातावरण को ठंडा बनाए रखती हैं. यह व्यवस्था उस दौर की उन्नत सोच और बेहतरीन वैज्ञानिक समझ को दर्शाती है.

पानी और हवा से बनती थी नेचुरल कूलिंगडीग के प्रमुख महलों में गोपाल भवन, सूरज भवन, किशन भवन और केशव भवन शामिल हैं. इन सभी महलों की बनावट इस तरह की गई थी कि हर दिशा से आने वाली हवा पहले पानी के संपर्क में आए और फिर ठंडी होकर महल के कमरों तक पहुंचे. यही वजह थी कि राजा-महाराजा गर्मियों के मौसम में यहां आकर विश्राम किया करते थे. उस समय आधुनिक एसी या कूलिंग सिस्टम जैसी कोई सुविधा नहीं थी, लेकिन इसके बावजूद इतनी प्रभावी प्राकृतिक कूलिंग व्यवस्था तैयार करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जाती है.

महलों में बने फव्वारे, जल चैनल और खुले आंगन इस ठंडक को और ज्यादा असरदार बनाते थे. आज भी जब पर्यटक इन महलों में पहुंचते हैं तो उन्हें यहां के वातावरण में अलग तरह की ठंडक महसूस होती है.

आज भी आकर्षण का केंद्र हैं जल महलगर्मियों के मौसम में बड़ी संख्या में पर्यटक डीग के जल महलों को देखने पहुंचते हैं. यहां आने वाले लोग सिर्फ ऐतिहासिक धरोहर ही नहीं देखते, बल्कि उस दौर की जीवनशैली और वास्तुकला को भी करीब से महसूस करते हैं.

डीग के जल महल इस बात का जीवंत उदाहरण हैं कि पुराने समय में प्रकृति के साथ तालमेल बैठाकर कितनी शानदार और उपयोगी इमारतें बनाई जाती थीं. यह ऐतिहासिक धरोहर आज भी अपनी शाही ठंडक और बेमिसाल कारीगरी की कहानी बयां कर रही है.

About the AuthorAnand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

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