इस देश ने खत्म कर दी पूरी सेना, जंग-हथियार नहीं विकास में लगाया सारा पैसा, बन गया स्वर्ग

Last Updated:April 26, 2026, 06:01 IST
दुनिया में एक ऐसा भी देश है, जिसने अपनी पावरफुल सेना ही पूरी तरह खत्म कर दी. इस देश के एक लीडर ने डर के मारे ये फैसला जरूर लिया था लेकिन इसे इतने शानदार तरीके से एग्जीक्यूट किया कि बिना सेना के ये देश स्वर्ग बन गया. यहां रक्षा बजट का सारा पैसा नागरिकों की जिंदगी आसान बनाने में लगाया गया.
कोस्टा रिका में खत्म की गई आर्मी (AI Photo)
सैन जोस : दुनिया में जहां हर देश अपनी सेना को ताकतवर बनाने और हथियारों पर अरबों रुपये खर्च करने में लगा है, वहीं एक ऐसा भी देश है जिसने अपनी पूरी सेना ही खत्म कर दी. यह सुनने में किसी फिल्मी कहानी जैसा लग सकता है, लेकिन कोस्टा रिका ने हकीकत में ऐसा कर दिखाया है. करीब 75 साल पहले लिए गए एक फैसले ने इस छोटे से देश की तस्वीर पूरी तरह बदल दी. बंदूकें छोड़कर जब इस देश ने हाथ में किताबें और दवाइयां थामीं, तो देखते ही देखते यहां के शहरों-शहर खुशहाली के मामले में ‘स्वर्ग’ बन गया. हालांकि, ये फैसला एक डर की वजह से लिया गया था.
कोस्टा रिका ने क्यों खत्म की मिलिट्री?
कोस्टा रिका ने अपनी सेना क्यों खत्म की? यह सवाल जितना सीधा लगता है, इसका जवाब उतना ही दिलचस्प है. अक्सर माना जाता है कि यह फैसला शांति के प्रति उनके प्रेम की वजह से लिया गया था, लेकिन इसके पीछे की असली वजह एक राजनीतिक डर था. 1948 में कोस्टा रिका के नेता जोस फिग्युरेस फेरर ने सेना खत्म करने का ऐलान किया. इसके पीछे मुख्य कारण कोई आदर्शवादी विचार नहीं, बल्कि एक कड़वी सच्चाई थी.
फिग्युरेस जानते थे कि सेना अक्सर तख्तापलट करती है. अपनी सत्ता को किसी भी भविष्य के सैनिक विद्रोह से बचाने के लिए उन्होंने सबसे सीधा रास्ता चुना- सेना को ही खत्म कर देना.
हथियार और रक्षा बजट का सारा पैसा कहां लगाया?
1917 के तख्तापलट के बाद से ही कोस्टा रिका की सेना कमजोर होने लगी थी. फिग्युरेस ने इस कमजोरी का फायदा उठाया ताकि सेना दोबारा कभी राजनीति में दखल न दे सके.
सेना को खत्म करने का एक बड़ा फायदा ये हुआ कि रक्षा बजट का पैसा देश के विकास में लगाया गया.
सेना पर होने वाले खर्च को पब्लिक एजुकेशन और हेल्थ केयर की ओर मोड़ दिया गया.
आज कोस्टा रिका की गिनती अपने क्षेत्र के सबसे शिक्षित और स्वस्थ देशों में होती है, जिसका श्रेय इसी फैसले को जाता है.
जहां पड़ोसी देश गृहयुद्ध और सैन्य तानाशाही से जूझ रहे थे, वहीं कोस्टा रिका अपने बच्चों के लिए स्कूल और नागरिकों के लिए अस्पताल बनवा रहा था.
बिना सेना सुरक्षित कैसे है देश?
बिना सेना के कोई देश सुरक्षित कैसे रह सकता है? कोस्टा रिका ने इसके लिए अंतरराष्ट्रीय संधियों का सहारा लिया.
रियो संधि (Rio Treaty – 1947): ये एक सुरक्षा समझौता था जिसके तहत अमेरिका और अन्य पड़ोसी देश किसी भी हमले की स्थिति में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध थे.
OAS (अमरीकी राज्यों का संगठन): कोस्टा रिका ने अपनी सुरक्षा के लिए अपनी सेना के बजाय इन अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और कानूनों पर भरोसा किया.
क्या कोस्टा रिका पूरी तरह निहत्था है?
यह एक बड़ी गलतफहमी है कि कोस्टा रिका के पास कोई सुरक्षा बल नहीं है. वहां स्थायी सेना नहीं है, लेकिन देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए पब्लिक सिक्योरिटी फोर्सेस मौजूद हैं. ये बल सीमा सुरक्षा, ड्रग ट्रैफिकिंग रोकने और अपराध से लड़ने का काम करते हैं. जरूरत पड़ने पर आपातकाल की स्थिति में संविधान के तहत अस्थायी तौर पर सेना तैयार करने का प्रावधान भी रखा गया है.
About the AuthorUtkarsha Srivastava
Utkarsha Srivastava is seasoned digital journalist specializing in geo-politics issues, currently writing for World section of Hindi. With over a decade of extensive experience in hindi digital media, sh…और पढ़ें
अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज
खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में
सबमिट करें
First Published :
April 26, 2026, 06:01 IST



