एक घंटे में करोड़ों का ट्रांसफर! देबराज चक्रवर्ती केस में बड़ा खुलासा, काली कमाई के लिए ‘शेल कंपनी’ का जाल?

Last Updated:July 04, 2026, 19:29 IST
टीएमसी के पूर्व पार्षद देबराज चक्रवर्ती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच अब कथित मनी लॉन्ड्रिंग और शेल कंपनियों के नेटवर्क तक पहुंच गई है. मामले की जांच कर रही एसआईटी इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या अपराध से हासिल करोड़ों रुपये की रकम को दूसरी जगहों तक पहुंचाने के लिए ‘डीसी ग्लोबल’ नामक एक कथित शेल कंपनी का इस्तेमाल किया गया.पूर्व टीएमसी पार्षद देबराज चक्रवर्ती के आय से अधिक संपत्ति मामले में नया मोड़ आ गया है. (फाइल फोटो)
कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व पार्षद देबराज चक्रवर्ती के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) इस बात की जांच कर रही है कि क्या अपराध से मिली रकम को दूसरी जगहों पर भेजने के लिए शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया गया था, देबराज चक्रवर्ती और उनकी पत्नी अदिति मुंशी, जो तृणमूल कांग्रेस की पूर्व विधायक और एक मशहूर भजन गायिका भी हैं. दोनों ने गैर-कानूनी तरीकों से अपराध से कमाई की रकम जमा की थी.
एसआईटी के सदस्यों को ‘डीसी ग्लोबल’ नाम की एक कंपनी के बारे में जानकारी मिली है जो कथित तौर पर देबराज चक्रवर्ती की है. इस कंपनी के जरिए अपराध से कमाई गई करोड़ों की रकम गिरफ्तार पूर्व पार्षद और उनकी पत्नी के कुछ रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों को ट्रांसफर की गई थी. पता चला है कि सरकारी रिकॉर्ड में देबराज चक्रवर्ती के पिता तरुण कुमार चक्रवर्ती को इस कंपनी का मालिक दिखाया गया था.
मामले की जानकारी रखने वाले राज्य पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “हालांकि असल में पिता का नाम सिर्फ दिखावे के लिए मालिक के तौर पर इस्तेमाल किया गया था. कंपनी का रोज का कामकाज देबराज खुद अपने करीबी सहयोगियों के जरिए संभालते थे, जो अपराध में उनके साथी थे.” एसआईटी के जांच अधिकारी इस कंपनी के खातों से होने वाले आउटवर्ड और इनवर्ड ट्रांजैक्शन की जांच कर रहे हैं.
राज्य पुलिस के सूत्रों ने बताया कि कई ऐसे ट्रांजैक्शन हुए जिनमें डीसी ग्लोबल के खाते में एक खास तारीख और समय पर जमा की गई रकम, जमा होने के एक घंटे के भीतर ही खाते से निकाल ली गई. जांच अधिकारी उन स्रोतों की भी जांच कर रहे हैं जिनसे डीसी ग्लोबल के खाते में बड़ी रकम जमा की गई थी और उन जगहों की भी जहां इस कंपनी के खातों से रकम भेजी गई थी.
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी के सदस्य इस बारे में मिली जानकारी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के साथ भी साझा कर रहे हैं. ईडी ने हाल ही में इस मामले में एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट दर्ज करने के बाद चक्रवर्ती और अदिति के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में समानांतर जांच शुरू की थी.
साथ ही, राज्य पुलिस के सूत्रों ने बताया कि 30 अन्य लोग भी एसआईटी की नजर में हैं जो चक्रवर्ती के लिए ‘अगली कतार के ऑपरेटर’ के तौर पर काम करते थे और मुख्य रूप से जबरन वसूली की रकम इकट्ठा करने का काम संभालते थे. उन्होंने कहा, “उनमें से चार से पहले ही पूछताछ की जा चुकी है और बाकी लोगों से भी बारी-बारी से पूछताछ की जाएगी.”
About the AuthorRakesh Ranjan Kumar
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
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