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5 चीजें खून में जमा हो रहे रोगाणु को खींच कर फ्लश आउट कर देगी, कई बीमारियों का होगा अंत

Last Updated:August 14, 2026, 13:00 IST

Foods to Clean Blood impurities: खून में जब बाहरी दुश्मन पनपने लगे तो कई तरह की बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है. अक्सर हमें बैक्टीरियल, वायरल या पैरासाइटिक इंफेक्शन लग जाता है. इससे कई तरह की बीमारियां होती हैं. आजकल अधिकांश व्यक्ति इन समस्याओं से जूझते रहते हैं. यह एक तरह से खून की गंदगी है. इसे साफ करना बहुत जरूरी है. इसके लिए आपको अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना होगा. अगर आपका शरीर पहले से मजबूत रहेगा तो इन इंफेक्शन का खतरा कम हो जाएगा क्योंकि समय पर इम्यूनिटी इन बाहरी रोगाणु से लड़कर इसे खत्म कर सकता है. पर इसे नेचुरल तरीके से बढ़ाने के लिए क्या करना होगा. इसके लिए हम यहां 5 ऐसी चीजें बता रहे हैं जिनसे खून से इन रोगाणुओं का सफाया किया जा सकता है.

खून हमारे शरीर का मुख्य परिवहन तंत्र है. यह हर अंग तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंचाता है. जब किसी कारण से बैक्टीरिया, वायरस या अन्य हानिकारक रोगाणु खून के संपर्क में आते हैं या शरीर में प्रवेश करते हैं तो इससे गंभीर इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. हालांकि कोई भी भोजन किसी सक्रिय संक्रमण का सीधा इलाज या दवा नहीं हो सकता लेकिन हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली और लिवर-किडनी जैसे अंगों को मजबूत बनाकर यह शरीर की रोगाणुओं से लड़ने की क्षमता को कई गुना बढ़ा देता है. एक्सपर्ट के मुताबिक कुछ ऐसी चीजें हैं जिनमें शक्तिशाली एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं. ये खाद्य पदार्थ शरीर की स्वाभाविक प्रतिरक्षा प्रणाली को बूस्ट करते हैं, जिससे इंफेक्शन का जोखिम काफी हद तक कम हो जाता है. Photo : Canva

खट्टे फल (Citrus Fruits): संतरा, मौसमी, नींबू और आंवला जैसे खट्टे फल विटामिन-सी का प्रचुर स्रोत होते हैं. विटामिन-सी हमारे शरीर में श्वेत रक्त कोशिकाओं के निर्माण को बढ़ावा देता है. ये कोशिकाएं हमारे शरीर के मुख्य सुरक्षा गार्ड हैं. जब खून में पर्याप्त मात्रा में विटामिन-सी मौजूद होता है तो इम्यून सिस्टम किसी भी बाहरी रोगाणु या वायरस के हमले पर तुरंत प्रतिक्रिया देता है और संक्रमण को फैलने से रोकता है. Photo : Canva

नीम की पत्तियां (Neem Leaves): नीम को पारंपरिक रूप से सबसे असरदार ब्लड प्यूरिफायर माना जाता है. नीम की पत्तियों में एंटी-फंगल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण पाए जाते हैं. यह लिवर और किडनी की कार्यप्रणाली को दुरुस्त रखने के साथ-साथ खून में रोगाणुओं की वृद्धि को रोकने में मदद करती है. सुबह खाली पेट नीम की कोमल पत्तियों का सेवन करने से शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. Photo : Canva

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हरी पत्तेदार सब्जियां (Green Leafy Vegetables) : पालक, मेथी और ब्रोकली जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों में क्लोरोफिल, फोलेट और विभिन्न प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. क्लोरोफिल लिवर के फ़िल्टरिंग सिस्टम को सपोर्ट करता है जिससे शरीर से विषाक्त पदार्थ आसानी से बाहर निकलते हैं. साथ ही इनमें मौजूद विटामिन-ए और विटामिन-ई कोशिकाओं को रोगाणुओं के फ्री-रेडिकल डैमेज से बचाते हैं जिससे संक्रमण का खतरा कम रहता है. Photo : Canva

लहसुन (Garlic) : लहसुन को प्राकृतिक एंटीबायोटिक माना जाता है. इसमें एलीसिन नाम का एक शक्तिशाली सल्फर यौगिक पाया जाता है. इसमें बेहतरीन एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-वायरल गुण होते हैं. कई अध्ययनों में देखा गया है कि कच्चा लहसुन चबाने या आहार में शामिल करने से शरीर की श्वेत रक्त कोशिकाएं मजबूत होती हैं. जो खून में मौजूद हानिकारक रोगाणुओं से लड़ने और इंफेक्शन के खतरे को कम करने में मदद करती हैं. Photo : Canva

हल्दी (Turmeric) : हल्दी भारतीय आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों में ही एक बेहतरीन इम्यून-बूस्टर मानी गई है. हल्दी में करक्यूमिन नाम का सक्रिय तत्व होता है. यह बेहद शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ऑक्सीडेंट एजेंट है. यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित करता है और रोगाणुओं द्वारा फैलाए जाने वाले संक्रमण से लड़ने में मदद करता है. दूध में हल्दी मिलाकर पीने से शरीर की अंदरुनी रोगाणुरोधक क्षमता बढ़ती है.

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August 14, 2026, 13:00 IST

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