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गर्मी में गहरी जुताई का जबरदस्त फायदा! इस आसान तकनीक से किसानों की पैदावार बढ़ेगी कई गुना, जानिए पूरा तरीका

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खेती का स्मार्ट फॉर्मूला! गहरी जुताई से बढ़ेगा उत्पादन,कीटों से मिलेगा छुटकारा

Last Updated:April 21, 2026, 10:57 IST

Bikaner Hindi News: गर्मी के मौसम में गहरी जुताई किसानों के लिए बेहद फायदेमंद तकनीक साबित हो रही है. इस प्रक्रिया में खेत की मिट्टी को गहराई तक पलटा जाता है, जिससे मिट्टी में छिपे कीट और खरपतवार नष्ट हो जाते हैं. साथ ही, मिट्टी की संरचना बेहतर होती है और उसमें नमी बनाए रखने की क्षमता बढ़ती है. गहरी जुताई से जमीन में हवा का संचार भी बेहतर होता है, जिससे फसल की जड़ें मजबूत बनती हैं और पौधों का विकास तेजी से होता है. यह तकनीक आगामी फसलों के लिए जमीन को तैयार करती है, जिससे उत्पादन में वृद्धि होती है.

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खेती का स्मार्ट फॉर्मूला! गहरी जुताई से बढ़ेगा उत्पादन,कीटों से मिलेगा छुटकाराZoomआगामी फसलों के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा सकता है

बीकानेर. अप्रैल से जून के बीच पड़ने वाली तेज गर्मी किसानों के लिए सिर्फ चुनौती ही नहीं, बल्कि अवसर भी लेकर आती है. यही समय है जब खेतों में गहरी जुताई कर मिट्टी की सेहत सुधारी जा सकती है और आगामी फसलों के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा सकता है.

गर्मी में गहरी जुताई किसानों के लिए एक प्रभावी उपाय है, जिसे अपनाकर वे कम लागत में बेहतर उत्पादन हासिल कर सकते हैं और अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं.  कृषि विशेषज्ञ दुर्गा सिंह ने बताया कि 9 से 12 इंच तक मिट्टी पलटने वाली गहरी जुताई से न केवल खेत साफ होता है, बल्कि उत्पादन में 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव है.

रासायनिक दवाओं पर निर्भरता भी घटतीगहरी जुताई का सबसे बड़ा फायदा कीट और रोग नियंत्रण में देखने को मिलता है. खेत की ऊपरी परत के नीचे छिपे कीट, लार्वा, प्यूपा और अंडे जब जुताई के दौरान ऊपर आ जाते हैं, तो तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण नष्ट हो जाते हैं. इससे अगली फसल में कीटों का प्रकोप कम रहता है और रासायनिक दवाओं पर निर्भरता भी घटती है. खरपतवार नियंत्रण के लिहाज से भी यह तकनीक बेहद कारगर है. बहुवर्षीय खरपतवारों की जड़ें गहरी जुताई के दौरान बाहर आ जाती हैं और धूप में सूखकर समाप्त हो जाती हैं. इससे खेत में अनचाही घास-फूस कम उगती है और फसल को पोषक तत्वों के लिए प्रतिस्पर्धा नहीं करनी पड़ती.

बारिश का पानी आसानी से जमीन के अंदर समा जातामिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में भी गहरी जुताई अहम भूमिका निभाती है. पिछली फसल के अवशेष जुताई के बाद मिट्टी में मिल जाते हैं और समय के साथ सड़कर ह्यूमस यानी जैविक खाद में बदल जाते हैं.  इससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है और पौधों को आवश्यक पोषक तत्व आसानी से मिलते हैं. इसके अलावा, गहरी जुताई से मिट्टी भुरभुरी बनती है, जिससे मानसून की पहली बारिश का पानी आसानी से जमीन के अंदर समा जाता है. इससे जल धारण क्षमता बढ़ती है और सूखे की स्थिति में भी फसल को नमी मिलती रहती है. मिट्टी में हवा का संचार भी बेहतर होता है, जिससे जड़ों का विकास तेजी से होता है और फसल मजबूत बनती है.

जुताई की दिशा का भी ध्यान रखना जरूरीविशेषज्ञों के अनुसार, गहरी जुताई के लिए मिट्टी पलटने वाला हल (एमबी प्लाउ) या डिस्क हैरो जैसे उपकरणों का उपयोग करना चाहिए. इसका सबसे उपयुक्त समय रबी फसल की कटाई के बाद अप्रैल-मई का होता है, जब तापमान 35 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है. इस दौरान की गई जुताई अधिक प्रभावी साबित होती है. जुताई की दिशा का भी ध्यान रखना जरूरी है. यदि खेत का ढलान पूर्व-पश्चिम दिशा में है, तो जुताई उत्तर-दक्षिण दिशा में करनी चाहिए, ताकि बारिश का पानी खेत में बेहतर तरीके से ठहर सके और मिट्टी का कटाव न हो. कृषि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर किसान को कम से कम तीन साल में एक बार गहरी जुताई जरूर करनी चाहिए. यह एक सरल और कम लागत वाली तकनीक है, जो लंबे समय तक खेत की उत्पादकता बनाए रखने में मदद करती है.

About the AuthorJagriti Dubey

With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18 in Rajasthan Team. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion…और पढ़ें

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Location :

Bikaner,Rajasthan

First Published :

April 21, 2026, 10:51 IST

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