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खुशखबरी! नया लेबर कानून आने के बाद कितनी बढ़ेगी सैलरी, प्राइवेट कंपनियों ने बता दिया अगले साल का अनुमान

Last Updated:December 17, 2025, 23:42 IST

Salary Hike in 2026 : देश में नया श्रम कानून लागू होने के बाद प्राइवेट सेक्‍टर में कितना सैलरी इंक्रीमेंट होगा, इसका अनुमान 1,500 कंपनियों के साथ हुए सर्वे में पता चल गया है. इसमें बताया गया कि कंपनियां अब प्रदर्शन आधारित इंक्रीमेंट पर ज्‍यादा जोर दे रही हैं.खुशखबरी! नए लेबर कानून के बाद कितनी बढ़ेगी सैलरी, कंपनियों ने खुद बतायानया श्रम कानून लागू होने के बाद देश में सैलरी इंक्रीमेंट पर पहली रिपोर्ट आई है.

नई दिल्‍ली. प्राइवेट कंपनियों के लिए देश में नया लेबर कोड यानी श्रम कानून लागू हो चुका है. इसके बाद से ही लोग कयास लगा रहे कि अब कंपनियां कितनी सैलरी बढ़ाएंगी. कुछ रिपोर्ट में तो यहां तक कहा गया कि इससे कंपनियों की लागत बढ़ जाएगी और वे सैलरी इंक्रीमेंट में कोताही बरतेंगी. फिलहाल इन सभी कयासों पर विराम लगाने वाली एक रिपोर्ट सामने आ गई है. इसमें बताया गया है कि अगले साल कंपनियां कितनी बढ़ोतरी अपने कर्मचारियों की सैलरी में कर सकती हैं.

ग्‍लोबल परामर्श कंपनी मर्सर ने वेतन पर अपनी एक सर्वे रिपोर्ट जारी की है. इसमें बताया गया है कि देश में निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के औसत वेतन में अगले साल करीब 9 फीसदी की बढ़ोतरी होने की संभावना है. इस दौरान कंपनियां बोनस, कौशल और प्रदर्शन को भी ज्यादा अहमियत देंगी. रिपोर्ट के मुताबिक, , कंपनियां अब वेतन और लाभ की ऐसी व्यवस्था बना रही हैं, जिसमें कर्मचारी को सिर्फ पैसा ही नहीं, बल्कि करियर में आगे बढ़ने और बेहतर कामकाजी अनुभव भी मिले.

किन फैक्‍टर पर तय होगा इंक्रीमेंटरिपोर्ट कहती है कि वेतन बढ़ोतरी के फैसले में कर्मचारी का व्यक्तिगत प्रदर्शन, महंगाई का असर और नौकरी बाजार में कंपनी की प्रतिस्पर्धी स्थिति जैसे प्रमुख कारक अहम भूमिका निभा रहे हैं. इस सर्वेक्षण में 1,500 से ज्यादा कंपनियों और 8,000 से अधिक पदों का विश्लेषण किया गया. अब अल्पकालिक प्रोत्साहन यानी प्रदर्शन से जुड़े बोनस पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है. साथ ही कंपनियां कौशल पर आधारित सांगठनिक ढांचे की तरफ कदम बढ़ा रही हैं, ताकि जरूरी और दुर्लभ कौशल वाले कर्मचारियों को बेहतर पहचान और भुगतान मिल सके.

लागत के दबाव से जूझ रहीं कंपनियांमर्सर की सलाहकार प्रमुख (भारत) मालती के.एस. ने कहा कि सर्वेक्षण से पता चलता है कि भारत में कंपनियां लागत दबाव और अच्छी प्रतिभाओं को बनाए रखने के बीच वेतन वृद्धि की योजना पर टिकी रहेंगी. क्षेत्रवार देखें तो वर्ष 2026 में सर्वाधिक वेतन वृद्धि उच्च प्रौद्योगिकी वाले क्षेत्रों और वाहन उद्योग में होने की उम्मीद है. इस दौरान उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्र में वेतन 9.3 फसीदी बढ़ने की संभावना है, जबकि वाहन उद्योग का वेतन 9.5 फीसदी बढ़ सकता है.

कहां होगी सबसे ज्‍यादा बढ़ोतरीसूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), आईटी से जुड़ी सेवाएं (आईटीईएस) और वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) के कर्मचारी सुविधाओं एवं खुशहाली के मामले में आगे बने हुए हैं. डिजिटल बदलाव, कृत्रिम मेधा (एआई) और उत्पादकता की बढ़ती जरूरतों के चलते कर्मचारियों के कौशल आधारित भुगतान का रुझान तेज हुआ है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नए श्रम कानूनों के लागू होने से सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं अधिक मजबूत होंगी.

About the AuthorPramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

Location :

New Delhi,Delhi

First Published :

December 17, 2025, 23:42 IST

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