गर्व की बात… अलवर का लाल करेगा इंटरनेशनल मंच पर भारत का नाम रोशन! पावरलिफ्टिंग में जितेंद्र का बड़ा चयन

Last Updated:May 07, 2026, 06:55 IST
Alwar Powerlifting Player: अलवर जिले के खिलाड़ी जितेंद्र ने अपनी मेहनत और शानदार प्रदर्शन के दम पर इंटरनेशनल पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता के लिए भारत की टीम में जगह बनाई है. इस उपलब्धि के बाद पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है. जितेंद्र लंबे समय से पावरलिफ्टिंग की तैयारी कर रहे थे और कई राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं. अब उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है. खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी. परिवार और कोच ने भी उनकी सफलता पर खुशी जताई है.
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Alwar news: अलवर जिले के युवा खिलाड़ी अब राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं. क्रिकेट और हॉकी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद अब पावरलिफ्टिंग में भी खिलाड़ी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं. मेहनत, लगन और अनुशासन के दम पर ये खिलाड़ी अलवर का नाम वैश्विक मंच पर रोशन कर रहे हैं. उनकी सफलता अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही है, जिससे जिले में खेलों के प्रति रुचि बढ़ रही है. इसी कड़ी में हल्दीना गांव निवासी जितेंद्र शर्मा का भारतीय टीम में चयन हुआ है. वह चीन में आयोजित एशियन जूनियर एक्यूपड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए रवाना होंगे. पूरे राजस्थान से दो खिलाड़ियों का चयन हुआ है जिसमें एक अलवर और दूसरा डीग भरतपुर से है.
पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप चीन में आयोजित होगी. 8 मई को दिल्ली से रवाना होंगे और 9 मई को 12 बजे चाइना पहुंच जाएंगे. जितेंद्र शर्मा ने बताया कि इस प्रतियोगिता में वह 120 किलो वर्ग कैटेगरी में हिस्सा लेंगे. उनकी प्रतियोगिता 14 मई को होगी. इसके लिए वह चीन पहुंचने के बाद भी 5 दिन तक ट्रेनिंग करेंगे. इस दौरान 15 तारीख को गेम की क्लोजिंग सेरेमनी होगी.
छोटी सी चूक जानलेवा भी साबित हो सकती हैअलवर निवासी जितेंद्र शर्मा ने बताया कि साल 2021 में पावरलिफ्टिंग की शुरुआत की. शुरू से ही उनका सपना था कि इंडिया लेवल पर वेट लिफ्टिंग में सिलेक्शन हो और देश का नाम रोशन करें. शुरुआत में रोजाना सुबह 3 घंटे और शाम को 3 घंटे प्रैक्टिस कर खुद को तैयार किया. लेकिन जब वह प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं तब करीब 6 से 7 घंटे तक वर्कआउट व प्रैक्टिस करते हैं. पहले फैमिली का सपोर्ट नहीं था वह चाहते थे कि गवर्नमेंट जॉब की तैयारी करें. लेकिन उसके बाद जब पावरलिफ्टिंग के बारे में फैमिली को पता चला तो उनका सपोर्ट किया. इस दौरान उन्होंने कड़ी मेहनत की इसी चलते अब उनका भारतीय टीम में उनका सिलेक्शन हुआ और अब चीन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. उन्होंने बताया की उनकी सफलता में उनके कोच ने अहम रोल निभाया है. पावरलिफ्टिंग में खिलाड़ी को इंजरी ज्यादा होने का खतरा होता है, इसलिए सावधानी से वजन उठाना पड़ता है छोटी सी चूक जानलेवा भी साबित हो सकती है.
कार्डियो वर्कआउट और इवनिंग में हैवीवेट का वर्कआउटवेटलिफ्टिंग गेम में सुबह कार्डियो वर्कआउट और इवनिंग में हैवीवेट का वर्कआउट किया जाता है. इस दौरान कोच की देखरेख में ट्रेनिंग की जाती है. उन्होंने बताया कि नेशनल में उन्होंने पांच बार लगातार गोल्ड मेडल जीता है. अभी तक सभी लगाकर 11 मेडल जीते हैं. वहीं हाल ही में बीकानेर में राज्य स्तर प्रतियोगिताओं में 10 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़कर 120 किलो वर्ग कैटेगरी में एक नया रिकॉर्ड जितेंद्र ने अपने नाम किया.
वेट मैनेजमेंट सबसे बड़ा टास्कपावरलिफ्टिंग में वेट मैनेजमेंट सबसे बड़ा टास्क होता है. इस दौरान ज्यादा वेट होने से वेट मेंटेन करना होता है. जिस खिलाड़ी का ज्यादा वेट हो जाता है तो वह रोटी खाना और बाहर का फूड छोड़ देते हैं. शरीर के वजन को मेंटेन करके रखना जरूरी होता है. अगर कम हो जाता है तो उसको बढ़ाना भी होता है. इन सभी को गाइड करने के लिए कोच की अहम भूमिका होती है. जितेंद्र शर्मा ने बताया कि आज जो भी कुछ है वह अपने कोच अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता आशीष की वजह से है. वह रात को 12 बजे तक जिम में उनके साथ रहे हैं और उनको ट्रेनिंग दी है.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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