थायराइड कंट्रोल करने का तरीका, हेल्दी फूड चुनें, इन फूड्स से करें परहेज

Last Updated:May 08, 2026, 01:20 IST
थायराइड कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिसे सिर्फ दवाओं से ही नियंत्रित किया जा सके. सही खानपान, नियमित दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. चलिए यहां समझते हैं किन फूड्स के सेवन और परहेज से इस बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है.
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थायराइड की समस्या होने पर थकान, बाल झड़ने, मूड स्विंग जैसे लक्षण नजर आते हैं.
थायराइड की समस्या आज के समय में बहुत आम हो गई है, खासकर महिलाओं में यह ज्यादा देखी जाती है. यह एक हार्मोन से जुड़ी बीमारी है, जिसमें थायराइड ग्रंथि (जो गले के पास होती है) शरीर के लिए जरूरी हार्मोन या तो बहुत ज्यादा बनाने लगती है या बहुत कम. दोनों ही स्थितियों में शरीर का संतुलन बिगड़ जाता है और कई तरह की परेशानियां शुरू हो जाती हैं, जैसे वजन बढ़ना या घटना, थकान, बाल झड़ना, मूड बदलना और कमजोरी महसूस होना.
इस समस्या के बढ़ने का एक बड़ा कारण खराब जीवनशैली है. गलत खानपान, नींद की कमी, तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी इसका मुख्य कारण माने जाते हैं. बहुत से लोग सोचते हैं कि सिर्फ दवाओं से ही थायराइड ठीक हो जाएगा, लेकिन सच यह है कि दवाओं के साथ-साथ सही डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करना भी बहुत जरूरी होता है. अगर खानपान सही न हो, तो दवाओं का असर भी सीमित हो सकता है.
थायराइड में क्या खाना चाहिए?– सबसे पहले सब्जियों की बात करें तो लौकी, तोरी, परवल, कद्दू, गाजर, बीन्स और सभी हरी पत्तेदार सब्जियां बहुत अच्छी मानी जाती हैं. ये सब्जियां शरीर के लिए हल्की होती हैं और पाचन तंत्र पर ज्यादा दबाव नहीं डालतीं. साथ ही इनमें फाइबर और जरूरी पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को मजबूत बनाते हैं.– फलों में अनार, पपीता, सेब, नाशपाती और अमरूद को शामिल किया जा सकता है. ये फल शरीर को विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट देते हैं, जिससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और शरीर अंदर से स्वस्थ रहता है.– दालों की बात करें तो मूंग दाल, मसूर दाल और कुल्थी की दाल अच्छी मानी जाती हैं. ये हल्की होती हैं और आसानी से पच जाती हैं. साथ ही इनमें प्रोटीन भी अच्छी मात्रा में होता है, जो शरीर की मांसपेशियों और ऊर्जा के लिए जरूरी है.
थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए?– सबसे पहले गोभी वर्ग की सब्जियां जैसे फूलगोभी, पत्ता गोभी और ब्रोकली आदि को सीमित करना चाहिए, क्योंकि ये कुछ मामलों में थायराइड हार्मोन के संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं. इसी तरह सोयाबीन और सोया उत्पाद भी कुछ लोगों में समस्या बढ़ा सकते हैं, इसलिए इनका सेवन कम करने की सलाह दी जाती है.– फलों में केला, आम, चीकू और अंगूर को ज्यादा मात्रा में नहीं खाना चाहिए. ये फल शुगर और कैलोरी में अधिक हो सकते हैं, जिससे वजन और हार्मोनल बैलेंस पर असर पड़ सकता है. तेल के मामले में बार-बार गर्म किया हुआ तेल बहुत नुकसानदायक होता है.– इसके अलावा मूंगफली का तेल और रिफाइंड तेल का ज्यादा उपयोग भी शरीर के लिए अच्छा नहीं माना जाता. ये तेल शरीर में सूजन और अन्य समस्याएं बढ़ा सकते हैं. थायराइड के मरीजों को देसी घी, नारियल तेल और सरसों का तेल सीमित मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए.– दालों में राजमा, छोले और सोया चंक्स का ज्यादा सेवन करने से भी बचना चाहिए, क्योंकि ये भारी होते हैं और पाचन में समय लेते हैं, जिससे थायराइड के मरीजों को परेशानी हो सकती है.
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About the Authorशारदा सिंहSenior Sub Editor
शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें
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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



