Uric Acid Diet: बढ़ा हुआ है यूरिक एसिड? तो आज ही जान लें कौन सी दाल खानी चाहिए और किससे करना है परहेज

Last Updated:June 27, 2026, 10:03 IST
Uric Acid Diet: बदलती जीवनशैली और खान-पान की खराब आदतों के कारण यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या तेज़ी से बढ़ रही है. ऐसे में अगर आपका यूरिक एसिड लेवल बढ़ा हुआ है, तो जानें कि किन दालों का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए और किन दालों को खाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए.
Uric Acid Diet: आजकल खराब खान-पान और जीवनशैली की वजह से यूरिक एसिड का लेवल बढ़ने की समस्या तेज़ी से बढ़ रही है. शरीर में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ने से जोड़ों में दर्द, सूजन, पैर के अंगूठे में तेज़ दर्द और चलने-फिरने में परेशानी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. ऐसे में, अपने खान-पान पर खास ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है. हालांकि दालें प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं, लेकिन सभी तरह की दालें हर किसी के लिए एक जैसी फायदेमंद नहीं होतीं. अगर आपका यूरिक एसिड लेवल बढ़ा हुआ है, तो यह जानना ज़रूरी है कि कौन सी दालें सीमित मात्रा में खानी चाहिए और किन दालों को खाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए…
1. मूंग दाल: हेल्थ एक्सपर्ट्स मूंग दाल को आसानी से पचने वाली दाल मानते हैं. दूसरी कई दालों की तुलना में इसमें प्यूरीन की मात्रा कम होती है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में खाना एक बेहतर विकल्प है.
2. मसूर दाल : मसूर दाल में प्रोटीन और आयरन भरपूर मात्रा में होता है. अगर आपका यूरिक एसिड लेवल कंट्रोल में है, तो डॉक्टर या हेल्थकेयर प्रोफेशनल की सलाह पर इसे सीमित मात्रा में खाया जा सकता है.
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3. धुली उड़द या मिक्स दाल : मिक्स दाल कभी-कभी खाई जा सकती है, लेकिन इसकी मात्रा का ध्यान रखना ज़रूरी है.
कौन सी दाल और फलियां कम मात्रा में खानी चाहिए? : अगर आपका यूरिक एसिड लेवल बहुत ज़्यादा है या आपको बार-बार गाउट अटैक आते हैं, तो चना दाल, काबुली चना, राजमा, लोबिया और साबुत उड़द दाल कम खाएं.
क्या दालें पूरी तरह छोड़ देनी चाहिए?: दालें प्रोटीन, फाइबर और कई ज़रूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत हैं. ज़्यादातर लोगों के लिए इन्हें पूरी तरह से छोड़ देने की कोई ज़रूरत नहीं है. हालांकि, अगर आपको यूरिक एसिड या गाउट की समस्या है, तो डॉक्टर या रजिस्टर्ड डायटीशियन की सलाह के आधार पर ही दालों की मात्रा और प्रकार चुनना सबसे अच्छा है.
यूरिक एसिड का लेवल बढ़ने पर सही खान-पान की आदतें अपनाना बहुत ज़रूरी है. मूंग दाल जैसी हल्की दालें सीमित मात्रा में लेना बेहतर हो सकता है, जबकि छोले, राजमा और काबुली चना जैसी फलियों का सेवन व्यक्ति की ज़रूरतों और सेहत के हिसाब से सीमित मात्रा में करना चाहिए. संतुलित आहार, पर्याप्त पानी पीना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से यूरिक एसिड के लेवल को काफी हद तक कंट्रोल में रखा जा सकता है.
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